भारत में घूमने के लिए आमतौर पर किसी खास परमिशन की जरूरत नहीं पड़ती है। देश के एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए हम इंडियंस को लगता है कि हम बिना किसी पहचान पत्र के ट्रैवल कर सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। दरअसल, भारत में कुछ ऐसी भी जगहें हैं जहां जाने के लिए आपको स्पेशल परमिट की जरूरत पड़ती है।
अगर आप अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम या मणिपुर घूमने का प्लान बना रही हैं, तो वहां जाने से पहले आपको Inner Line Permit यानी ILP लेना पड़ता है। नाम सुनकर आपको ऐसा लग रहा होगा कि यह कोई वीजा है या इन राज्यों में आम लोगों के घूमने पर रोक है, लेकिन ऐसा नहीं है। यह बस बाहर के राज्यों से आने वाले इंडियन सिटिजेंस के लिए एंट्री परमिट है। आज हम आपको अपने इस लेख में इसके बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं। आइए जानते हैं-
क्या होता है Inner Line Permit?
ILP एक तरह का सरकारी परमिशन लेटर (वीजा जैसा पास) है। अगर आप किसी ऐसे राज्य के रहने वाले हैं जहां ILP लागू नहीं है, लेकिन आप घूमना-फिरना या किसी काम से उन जगहों पर जाना चाहती हैं तो वहां एंट्री लेने से पहले यह पास बनवाना पड़ता है। सीधा सा मतलब यह है कि आप उन राज्यों में आराम से घूम-फिर सकती हैं, बस जाने से पहले परमिशन लेना जरूरी है। इस परमिट को बनवाने के लिए आप-
- घर बैठे IPL के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकती हैं।
- परमिट आपको कितने दिनों का मिलेगा और उसका कितना खर्चा आएगा, यह हर राज्य के अपने नियमों पर डिपेंड करता है।
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आखिर क्यों बनाया गया था यह नियम?
ILP की शुरुआत अंग्रेजों के जमाने में 1873 (बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन) के तहत हुई थी। उस समय ब्रिटिश गवर्नमेंट नॉर्थ-ईस्ट में चाय और लकड़ी के बिजनेस को सेफ रखने और बाहरी लोगों के दखल को रोकने के लिए यह नियम लेकर आई थी। आजादी के बाद भी यह नियम जारी रहा, लेकिन इसका मकसद बदल गया। अब ILP का काम वहां के आदिवासियों की जमीन, कल्चर, परंपराओं और अधिकारों को बाहरी असर से बचाना है।
1. अरुणाचल प्रदेश
अगर आपको पहाड़ों और नॉर्थ-ईस्ट की अलग तरह की खूबसूरती पसंद है तो अरुणाचल प्रदेश आपके लिए खास डेस्टिनेशन हो सकता है, लेकिन यहां घूमने जाने से पहले आपको ILP लेना होगा। यहां मौजूदा टूरिस्ट eILP के तहत 14 दिन तक रुकने की सुविधा है। इसलिए अगर आप अरुणाचल प्रदेश घूमने का प्लान बना रही हैं तो टिकट और होटल बुक करने के साथ ILP का भी ध्यान रखें।
2. नागालैंड
नागालैंड भी उन चार राज्यों में है जहां दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों के लिए ILP जरूरी है। यह राज्य अपनी खूबसूरती की वजह से टूरिस्ट को अट्रैक्ट करता है। यहां आने के लिए आपको सरकारी पोर्टल पर 30 दिन के ILP की फीस 200 रुपये देनी होगी। आप ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं। इसके अलावा सरकार की तरफ से कुछ जगहों पर सुविधा केंद्र भी बनाए गए हैं।
3. मिजोरम
मिजोरम भी ILP नियम वाले राज्यों में शामिल है। टूरिस्ट के लिए आमतौर पर 15 दिनों के लिए ILP जारी किया जाता है। जरूरत पड़ने पर इसे अगले 15 दिनों के लिए बढ़ाया भी जा सकता है। इसके अलावा यहां Regular ILP की भी व्यवस्था है, जो छह महीने तक वैलिड रहता है।
4. मणिपुर
मणिपुर इस लिस्ट में बाद में शामिल हुआ। दिसंबर 2019 में मणिपुर को भी ILP व्यवस्था के तहत लाया गया था। कम समय के लिए आने वाले टूरिस्ट के लिए Temporary ILP आमतौर पर 30 दिनों के लिए जारी किया जाता है। मणिपुर में ILP लेने की सुविधा कुछ एंट्री पॉइंट्स पर भी दी गई है। इनमें इंफाल इंटरनेशनल एयरपोर्ट, माओ गेट और जिरीबाम गेट शामिल हैं।
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ILP के लिए कौन से कागज चाहिए?
IPL लेने के लिए आपसे आमतौर पर ये चीजें मांगी जा सकती हैं। जैसे-
- वैलिड सरकारी फोटो आईडी
- हाल की फोटो
- यात्रा से जुड़ी जानकारी
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