उज्जैन और ओरछा दोनों ही मध्य प्रदेश की ऐसी जगहें हैं जहां घूमने के साथ-साथ इतिहास और धर्म से जुड़ी कई खास चीजें देखने को मिलती हैं। उज्जैन में महाकाल के दर्शन के बाद अगर आप मध्य प्रदेश की एक और ऐतिहासिक जगह देखना चाहती हैं तो ओरछा आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यहां पुराने महल, मंदिर किले और बेतवा नदी के किनारे बनी खूबसूरत शाही छतरियां देखने को मिलती हैं।

अगर आप यहां जाना चाहती हैं तो उज्जैन से आपको ट्रेन, बस आसानी से मिल जाएंगे। आइए जानते हैं कि आप यहां कैसे जाएं और यहां कहां-कहां घूम सकती हैं।

उज्जैन से ओरछा कैसे जाएं?

उज्जैन से ओरछा जाने के लिए ट्रेन सबसे सस्ता और आरामदायक ऑप्शन है। ओरछा का अपना रेलवे स्टेशन है, लेकिन ट्रेन के ऑप्शन सीमित हो सकते हैं। इसलिए पहले उज्जैन से झांसी तक ट्रेन से जाना और फिर वहां से आप प्राइवेट टैक्सी से जा सकती हैं। झांसी पहुंचने के बाद ओरछा करीब 16 से 18 किलोमीटर ही दूर है। अगर आप अपनी कार से जा रही हैं तो आप रोड ट्रिप भी प्लान कर सकती हैं।

ओरछा पहुंचकर सबसे पहले कहां जाएं?

आपको बता दें कि ओरछा कोई बहुत बड़ा शहर नहीं है, लेकिन यहां कम जगह में कई ऐतिहासिक इमारतें और मंदिरों को एक्सप्लोर किया जा सकता है। मध्य प्रदेश टूरिज्म के मुताबिक, ओरछा में बुंदेला शासकों से जुड़े कई महल और मंदिर हैं।

राम राजा मंदिर

ओरछा की सबसे खास जगहों में राम राजा मंदिर का नाम जरूर आता है। यहां भगवान राम की पूजा राजा के रूप में की जाती है। आपको बता दें कि यह मंदिर पहले रानी महल की तरह था। बाद में यहां भगवान राम की मूर्ति स्थापित की गई। अगर आप धार्मिक जगहों पर जाना पसंद करती हैं तो ओरछा पहुंचकर इसे अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें।

ओरछा किला

अगर आपको पुराने महलों में दिलचस्पी है तो आप ओरछा किला बिल्कुल भी मिस न करें। किले में राजा महल, जहांगीर महल और शीश महल जैसी कई इमारतें हैं। यहां का जहांगीर महल तो खासतौर से अपने राजपूत और मुगल वास्तुकला के मेल के लिए जाना जाता है। इसे राजा बीर सिंह देव के समय जहांगीर के सम्मान में बनवाया गया था।

चतुर्भुज मंदिर

ओरछा का चतुर्भुज मंदिर भी देखने लायक है। यहां भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। राम राजा मंदिर के साथ इसे देखने का प्लान बनाया जा सकता है, क्योंकि दोनों जगहों को एक ही ट्रिप में कवर किया जा सकता है।

बेतवा नदी और छतरियां

ओरछा की खूबसूरती सिर्फ किले और मंदिरों तक सीमित नहीं है। यहां बेतवा नदी के किनारे बुंदेला शासकों की छतरियां बनी हुई हैं। ये पत्थर की ऊंची इमारतें दूर से भी काफी खूबसूरत दिखाई देती हैं। अगर आप यहां जाने का प्लान बनाएं तो शाम के समय जाना सही रहेगा। इस समय यहां की खूबसूरती देखने लायक होती है और आप फोटोग्राफी भी कर सकती हैं।

लक्ष्मी नारायण मंदिर

अगर आपके पास थोड़ा और समय है तो लक्ष्मी नारायण मंदिर भी जा सकती हैं। यह भी ओरछा की प्रमुख जगहों में से एक है। यहां आकर आपको शांति का एहसास होगा।

ओरछा में कितने दिन रुकें?

अगर आप सिर्फ प्रमुख मंदिर और किला देखना चाहती हैं तो एक पूरा दिन भी काम आ सकता है, लेकिन आराम से घूमना है, फोटो लेनी है और बेतवा नदी के आसपास समय बिताना है तो आप दो दिन की ट्रिप का प्लान कर सकती हैं।

इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप ओरछा जा रहीं हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखें। जैसे-

  • ओरछा में मंदिर और ऐतिहासिक जगहें देखने के लिए कपड़े उसी हिसाब के पहनें।
  • गर्मी में दिन के समय धूप तेज हो सकती है, इसलिए पानी और सनस्क्रीन साथ रखें।
  • किले और मंदिर घूमते समय वहां के नियमों का पालन करें।

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Image Credit- AI/Incredible India