सावन में भोलेनाथ के दर्शन के लिए इस बार गुजरात के सोमनाथ मंदिर जाने का सोच रही हैं, तो आपको मंदिर से जुड़ी जरूरी जानकारी पहले ही पता कर लेनी चाहिए। भगवान शिव को समर्पित यह मंदिर 12 ज्योतिर्लिंगों में पहला माना जाता है। यह मंदिर अपनी भव्य वास्तुकला, शांत वातावरण और समुद्र किनारे स्थित होने के कारण देश-विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करता है। आज के इस आर्टिकल में हम आपको इस मंदिर में दर्शन से जुड़े जरूरी नियम और आप यहां कैसे पहुंच सकती हैं?
गुजरात के सोमनाथ मंदिर कैसे जाएं?
सोमनाथ मंदिर पहुंचने के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन वेरावल या सोमनाथ है। इसके अलावा आप दीव एयरपोर्ट से भी यहां दर्शन के लिए आ सकती हैं। मंदिर तक पहुंचने के लिए भारत के लगभग सभी बड़े शहरों से आपको सीधी ट्रेन और फ्लाइट मिल जाती है। अगर आप बजट में यहां आने का सोच रही हैं, तो ट्रेन से आना बेस्ट है। वेरावल स्टेशन गुजरात राज्य के सोमनाथ जिले में स्थित है। यहां से मंदिर की दूरी लगभग 6 से 7 किमी है। दीव एयरपोर्ट से मंदिर की दूरी लगभग 82 किमी है। यहां पहुंचने में आपको 1 घंटे का समय लग जाएगा।
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सोमनाथ मंदिर के दर्शन से जुड़े जरूरी नियम
- मंदिर में मोबाइल, कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर जाने की अनुमति नहीं है।
- एंट्री गेट के पास आपको क्लॉक रूम मिलेगा, जहां सामान जमा करवाना होगा।
- मंदिर में प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच (Security Check) करवाना जरूरी है।
- मंदिर में मर्यादित कपड़े पहनकर जाने पर ही एंट्री दी जाएगी।
- दर्शन के दौरान आपको लंबी लाइन में लगना पड़ सकता है।
- मंदिर परिसर में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं है। नियम फॉलो नहीं करने पर फाइन लग सकता है।
- आरती के समय श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होती है, इसलिए समय से पहले पहुंचना आपके लिए अच्छा होगा।
जरूरी जानकारी- सोमनाथ मंदिर में सामान्य दर्शन के लिए कोई टिकट या पैसा नहीं लगता है, यह पूरी तरह से फ्री है। विशेष पूजा और अनुष्ठान करवाते हैं, तो इसके लिए आपको पैसे देने पड़ते हैं।
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सोमनाथ मंदिर में दर्शन का समय क्या है?
सोमनाथ मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट https://somnath.org/ के अनुसार मंदिर हर दिन सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक खुला रहता है। मंदिर में हर दिन 3 बार आरती होती है, आप दर्शन का समय इस हिसाब से प्लान कर सकती हैं, ताकि आपको भी आरती में शामिल होने का मौका मिल जाए।
- मंगला आरती: सुबह 7:00 बजे
- राजभोग आरती: दोपहर 12:00 बजे
- संध्या आरती: शाम 7:00 बजे
मंदिर में शाम को लाइंट एंड शो भी होता है। रात्रि 8:00 बजे से 9:00 बजे तक इसका आयोजन होता है। इसका समय मौसम के अनुसार बदल सकता है। मंदिर दर्शन के लिए गुजरात गए लोग अगले दिन भालका तीर्थ, त्रिवेणी संगम, गीता मंदिर, प्रभास पाटन संग्रहालय और बाण स्तंभ भी घूम सकते हैं।
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Image Credit : magnific
