घर का बड़ा बच्चा अक्सर माता-पिता के लिए बहुत खास माना जाता है। बच्चे के जन्म के साथ ही माता-पिता भी पहली बार पैरेंटिंग का अनुभव करते हैं और बच्चे के साथ कई सपने भी जुड़ जाते हैं। इसी वजह से कई परिवारों में देखा जाता है कि घर के बड़े बच्चे चाहे वो लड़का हो या लड़की उससे ज्यादा उम्मीदें की जाती हैं। बड़े बच्चे को शुरुआत में तो बहुत ज्यादा प्यार दुलार मिलता है, लेकिन जैसे ही घर में दूसरे बच्चे का जन्म होता है उसी समय से बड़े बच्चे से बहुत ज्यादा उम्मीदें लगा ली जाती हैं। यूं कहा जाए कि छोटी उम्र से ही ज्यादा जिम्मेदारियां और अपेक्षाएं रखी जाती हैं। हालांकि यह व्यवहार अक्सर अनजाने में होता है, लेकिन इसका बच्चे के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। आइए Steris Healthcare की चेयरमैन जीवन कसारा से जानें माता-पिता बड़े बच्चे से ज्यादा उम्मीदें क्यों रखते हैं और इसका बच्चों पर क्या असर पड़ता है?
बड़े बच्चे से ज्यादा उम्मीदें क्यों रखी जाती हैं?
- बड़ा बच्चा माता-पिता के लिए पैरेंटिंग का पहला अनुभव होता है। ऐसे में वो उसकी परवरिश को लेकर ज्यादा सजग रहते हैं और वो यही चाहते हैं कि बच्चा हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करे। पढ़ाई से लेकर खेलकूद तक में उसे हमेशा अव्वल देखने की चाह पेरेंट्स के मन में ज्यादा उम्मीदों को जन्म देती है। यही नहीं बच्चे के व्यवहार और जिम्मेदारियों को लेकर भी ज्यादा अपेक्षाएं बढ़ जाती हैं।
- इसके अलावा जब परिवार में छोटे भाई-बहन आते हैं, तो बड़े बच्चे को अक्सर उनकी देखभाल में मदद करने के लिए कहा जाता है। धीरे-धीरे वह परिवार में एक जिम्मेदार सदस्य की भूमिका निभाने लगता है। कई बार माता-पिता यह मान बैठते हैं कि बड़ा बच्चा हर परिस्थिति को समझने और संभालने में सक्षम रहेगा।
- कई बार पेरेंट्स बड़े बच्चे को छोटे भाई-बहनों के लिए उदाहरण की तरह प्रस्तुत करते हैं। माता-पिता चाहते हैं कि उसका व्यवहार और प्रदर्शन हमेशा ऐसा हो जिससे छोटे बच्चे सीख ले सकें। इस कारण माता-पिता की उम्मीदें बढ़ती हैं और बच्चे पर अच्छा प्रदर्शन करने का अतिरिक्त दबाव बन जाता है।
माता-पिता की उम्मीदों का बच्चों पर क्या असर पड़ता है?
- जब बच्चे से हमेशा अच्छा प्रदर्शन करने की अपेक्षा की जाती है तो वह ज्यादा तनाव और चिंता में आ सकता है। उसे यह डर सताने लगता है कि कहीं वह पेरेंट्स को निराश न कर दे।
- ज्यादा अपेक्षाओं के कारण कई बड़े बच्चे हर काम में परफेक्ट बनने की कोशिश करते हैं। इस कारण से कई बार असफल होने पर वो तनाव में आ जाते हैं।
- अक्सर बड़े बच्चों से यह उम्मीद की जाती है कि वे समझदार बनें और छोटी-छोटी बातों पर शिकायत न करें। ऐसे में वो अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के बजाय उन्हें दबाने लगते हैं।
- अगर बच्चा बार-बार आपकी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाता, तो उसे ऐसा लगने लगता है कि जीवन में कुछ भी नहीं कर सकता है । इससे बच्चे के आत्मविश्वास में कमी आने लगती है।
पेरेंट्स को चाहिए कि बच्चों को यह महसूस कराएं कि उनका महत्व केवल उनकी उपलब्धियों से नहीं है। उन्हें यह भरोसा होना चाहिए कि माता-पिता हर परिस्थिति में उनके साथ हैं।अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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