रसोई में किसी न किसी काम के लिए दूध का इस्तेमाल तो होता ही है। बात चाहे चाय बनाने की हो या कॉफी की, दूध बहुत काम आता है। अक्सर लोग दूध का इस्तेमाल करने से पहले इसे गर्म जरूर करते हैं। हालांकि, दूध गर्म करते समय जरा सी नजर हटते ही उबलता हुआ दूध बर्तन से बाहर गिर जाता है। वहीं दूसरी ओर, अगर आप बर्तन में पानी रखकर उबालेंगी, तो वह खौलता हुआ पानी भाप बनकर उड़ जाएगा, लेकिन दूध की तरह उफनकर बाहर नहीं आएगा। क्या आप भी इस बात को लेकर हमेशा उलझन में रहती हैं? अगर हां, तो परेशान होने के बजाय इस लेख को पूरा पढ़ें।

दूध और पानी का वैज्ञानिक कारण

आखिर दूध में ऐसा क्या होता है, जो यह गर्म करते समय उबालकर बर्तन से गिरने लगता है और पानी क्यों नहीं गिरता? आइए जानते हैं इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण -

1. दूध और पानी की बनावट में अंतर

भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और अमेरिकन केमिकल सोसाइटी (ACS) की स्टडी के अनुसार दूध का बर्तन से बाहर आना और पानी का न गिरना, इस बात को समझने के लिए सबसे पहले दूध और पानी की बनावट में अंतर जानना जरूरी है। पानी एक शुद्ध तरल पदार्थ है, जो केवल हाइड्रोजन और ऑक्सीजन से मिलकर बना है। वहीं दूध केवल पानी नहीं है, बल्कि इसमें लगभग 13 प्रतिशत फैट, प्रोटीन, शर्करा और खनिजों का मिश्रण होता है। 

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2. गर्माहट मिलते ही दूध पर मलाई की परत का बनना

जब आप दूध को गर्म करने के लिए गैस पर रखती हैं, तब उसमें मौजूद फैट और प्रोटीन के कण अलग-अलग होने लगते हैं। बता दें कि दूध में मौजूद फैट और प्रोटीन पानी की तुलना में हल्के होते हैं, इसलिए गर्म होते ही ये ऊपर की तरफ आकर जमने लगते हैं। जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, फैट और प्रोटीन आपस में मिलकर दूध की ऊपरी सतह पर गाढ़ी मलाई की एक परत बना लेते हैं।

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3. भाप का दबाव और झाग का तूफान

गर्म होने के दौरान दूध में मौजूद पानी भाप बनकर ऊपर उठने की कोशिश करता है, लेकिन ऊपर जमी मोटी मलाई की परत इसे बाहर निकलने नहीं देती। ऐसे में नीचे से लगातार बनने वाली भाप मलाई की परत को ऊपर की ओर धकेलती है। इस वजह से मलाई के नीचे छोटे-छोटे बुलबुले इकट्ठा होकर झाग जैसा बना लेते हैं और दबाव बढ़ने लगता है। यही दबाव और झाग मलाई की परत को ऊपर धकेलते हैं, जिससे दूध बर्तन से बाहर गिरने लगता है।

4. पानी उबलते समय बाहर क्यों नहीं गिरता?

दूध तो बर्तन से बाहर गिर जाता है, लेकिन पानी के उबलने का तरीका थोड़ा अलग है। पानी में फैट और प्रोटीन नहीं होते हैं, इसी वजह से उसकी ऊपरी सतह पर कोई गाढ़ी परत नहीं बनती है। जब पानी उबलता है, तो नीचे से बनने वाले भाप के बुलबुले बिना किसी रुकावट के सीधे हवा में उड़ जाते हैं। पानी में भाप का कोई दबाव नहीं बनता और वह बर्तन के अंदर ही खौलता रहता है।

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निष्कर्ष:

दूध का उबलकर गिरना कोई जादू नहीं है, बल्कि इसका सबसे बड़ा कारण इसमें मौजूद फैट और प्रोटीन हैं। वहीं पानी में ये दोनों चीजें नहीं होती हैं, जिससे भाप सीधे हवा में उड़ जाती है। रसोई के इस छोटे से विज्ञान को समझकर आप न केवल दूध को गिरने से बचा सकती हैं, बल्कि रसोई की सफाई और दूध की बर्बादी से भी बच सकती हैं।