अमृता शेरगिल की जिंदगी और उनकी चित्रकारी को अगर एक लाइन में समझना हो, तो यह कहा जा सकता है कि वह अपने दौर से काफी आगे की चित्रकार थीं। एक ऐसी चित्रकार, जिन्होंने इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी। चित्रो के जरिए उन्होंने भारतीय समाज और महिलाओं से जुड़ी कई ऐसे मुद्दों के अनकहे सच का चित्रण किया, जिसने इतिहास में एक अलग रंग भर दिया। एक ऐसा रंग, जिस पर सिर्फ अमृता शेरगिल की छाप थी। उन्होंने कला के दम पर उस दौर की बंदिशें तोड़ीं। वह रंगों की दुनिया की एक ऐसी बागी कलाकार थीं, जिन्होंने अपने दौर की सोच को चुनौती दी। उनकी कला में विद्रोह साफ दिखता था। चलिए हमारी खास सीरीज 'महिलाएं जिनके हौंसले ने बदल दिया इतिहास' में उनके बारे में जानते हैं।
कम उम्र में शुरू की चित्रकारी
अमृता शेरगिल का जन्म 30 जनवरी, 1913 को एक संपन्न परिवार में बुडापेस्ट, हंगरी में हुआ था। उनके पिता उमराव सिंह शेरगिल एक बेहतरीन फोटोग्राफर और विद्वान थे और उनकी मां एक लोकप्रिय ओपेरा गायिका थीं। कम उम्र में ही उनका रुझान चित्रकारी की तरफ होने लगा था। उनके माता-पिता ने उनके हुनर को आगे ले जाने में उनका पूरा साथ दिया और उन्हें पेरिस ले गए। वहां उन्होंने पेटिंग की ऑफिशियल शिक्षा ली। कहा जाता है कि जब वह पेरिस पहुंचीं, तो उनकी उम्र लगभग 16 साल की थी और अगले कुछ साल उन्होंने पेरिस में ही बिताए। उन्होंने 17 साल की उम्र में अपना एक चित्र बनाया था, जो बेहद खूबसूरत था। पेरिस में रखी मोनालिसा की पेंटिंग ने उन्हें काफी प्रभावित किया था। उनकी एक छोटी बहन भी थी, जिसका नाम इंदिरा था। अमृता को कला के अलावा संगीत का भी शौक था और वह पियानो भी बेहतरीन बजाती थीं।
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आधुनिक भारतीय कला की जननी
अमृता शेरगिल को आधुनिक भारतीय कला की जननी कहा जाता है। उनकी अनूठी कला शैली के कारण उन्हें 'भारत की फ्रीडा काहलो' भी कहा जाता है। उनकी कला में आधुनिकता और पारंपरिक शैलियों का मेल था। उन्होंने अपनी कला के जरिए महिलाओं की अनकही कहानी को कैनवास पर बड़ी खूबसूरती और संजीदगी से उकेरा था। साल 1934 के बाद जब वह भारत आईं, तो भारतीय महिलाओं की पीड़ा का उन पर गहरा असर हुआ। इसके बाद उन्होंने अपनी चित्रकला शैली में कुछ बदलाव भी किया, क्योंकि उन्हें ऐसा लगा कि भारतीय महिलाएं की दुविधा या उनकी कुंठा को वेस्टर्न शैली में नहीं दिखाया जा सकता है। कहा जाता है कि वह बला सी खूबसूरत थीं। उनकी पेटिंग्स की कीमत करोड़ों रुपयों में आंकी गई थी। उनके नाम एक वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है। उनकी सबसे महंगी पेंटिंग 'द स्टोरी टेलर' है। यह पेंटिंग सितंबर 2023 में दिल्ली में हुई सैफ्रनआर्ट की नीलामी में 61.8 करोड़ रुपये ($7.4 मिलियन) में बिकी थी। किसी भी इंडियन पेंटर को अपनी पेंटिंग के लिए मिली कीमत में यह सबसे ज्यादा है।
अमृता शेरगिल की कई पेंटिंग्स रहीं पॉपुलर
अमृता शेरगिल ने कई ऐसी पेंटिंग्स बनाईं, जिनकी कीमत बहुत ज्यादा रही और कई ऐसे चित्र भी रहे, जिन्हें भारतीय कला की धरोहर माना जाता है। उनकी पेंटिंग्स वधू का शौचालय, आत्म चित्र, हंगेरियन जिप्सी गर्ल और तीन लड़कियों का समूह थीं। उनकी कई पेंटिंग्स को राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्राहलय, नई दिल्ली में सरंक्षित करके रखा गया हैं।
विवादों में रही जिंदगी
अमृता शेरगिल की जिंदगी कई वजहों से विवादों में रही। उनकी शादी डॉक्टर विक्टर एगन से हुई थी। कहा जाता है कि उनके कई महिलाओं और पुरुषों से संबंध थे। कहा जाता है कि शादी के बाद भी अमृता के दूसरों पुरुषों और महिलाओं से रिश्ते रहे। मशहूर पत्रकार खुशवंत सिंह ने भी अपनी किताब 'वीमेन एंड मेन इन माई लाइफ' में भी अमृता की जिंदगी से जुड़ी कई बातों का जिक्र किया है। कहा जाता है कि सितंबर, 1941 में वह लाहौर चली गई थीं और वहीं 5 दिसंबर, 1941 को उनका निधन हो गया था।
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'महिलाएं जिनके हौसले ने बदल दिया इतिहास' सीरीज में हम रोजाना ऐसी ही साहसी और दुनिया को बदलने का हौसला रखने वाली महिलाओं की कहानी आप तक पहुंचाते रहेंगे। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। साथ ही ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
