अक्टूबर और नवंबर का महीना भारत में त्योहारों की बहार लेकर आता है। उत्तर भारत में जहां रामलीला और गरबा की धूम मचती हैं, वहीं दक्षिण भारत में कई संस्कृति, आस्था और कला के अनूठे संगम देखने को मिलते हैं। इन दोनों महीनों में दक्षिण भारत का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है, ऐसे में ट्रिप के लिए यह समय सबसे बेस्ट होता है। अगर आप भी इस साल अक्टूबर में दक्षिण भारत घूमने का मन बना रही हैं, तो यहां के कुछ पारंपरिक त्योहारों को जरूर एक्सप्लोर करें।

दक्षिण भारत के 4 अनोखे पारंपरिक उत्सव

दक्षिण भारत में कई मंदिर मौजूद हैं। यहां के मंदिरों की भव्य सजावट, भक्ति संगीत, लोक नृत्य और अनूठी परंपराएं आपकी ट्रिप को यादगार बना देगी। आइए जानते हैं अक्टूबर महीने में दक्षिण भारत में मनाए जाने वाले 4 अनोखे सांस्कृतिक उत्सवों के बारे में।

तिरुपति ब्रह्मोत्सवम, आंध्र प्रदेश

आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुमला तिरुपति वेंकटेश्वर मंदिर के बारे में कौन नहीं जनता है। यहां आयोजित होने वाला नौ दिवसीय ब्रह्मोत्सवम आस्था का सबसे बड़ा केंद्र होता है। इस उत्सव के समय भगवान मलयप्पा स्वामी यानी भगवान वेंकटेश्वर को बेहद भव्य रथों और गरुड़ वाहन पर विराजमान करके उनकी शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसे देखने के लिए लोग दूर दूर से यहां आते हैं।  

कुलसेकरपट्टिनम दशहरा, तमिलनाडु

कुछ ही दिनों में दशहरा आने वाला है। ऐसे में अगर आप दक्षिण भारत में दशहरा मानना चाहती हैं, तो तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले में स्थित कुलसेकरपट्टिनम मुथारममन मंदिर दशहरा उत्सव के लिए सबसे बेस्ट हो सकता है। इस उत्सव को पुरे भारत में सबसे अनूठा माना जाता है। यहां श्रद्धालु रातभर देवी महाकाली, राजा, भिक्षु और कई तरह के रूप धरकर डांस करते हैं।

बथुकम्मा उत्सव, तेलंगाना

नवरात्रि के दौरान तेलंगाना में महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला बथुकम्मा एक बेहद सुंदर फूलों का त्योहार है। इस त्यौहार को देखने के लिए भी लोग दूर दूर से यहां आते हैं। इस उत्सव में महिलाएं रंग-बिरंगे फूलों से खूबसूरत शंकु के आकार के बथुकम्मा तैयार करती हैं। यही नहीं वे इसके चारों ओर खड़ी होकर पारंपरिक लोकगीत गाती है और डांस भी करती हैं।

चामराजनगर और उडुपी नवरात्रि रथोत्सव

कर्नाटक के प्रमुख मंदिर शहरों में भव्य रथोत्सव का आयोजन होता है। यह नवरात्रि के दौरान रोजाना किया जाता है साथ ही विशेष पूजा भी होती है। उडुपी श्रीकृष्ण मठ में हर शाम को निकलने वाली नौका उत्सव और रथ यात्रा देखने लायक होती है। ऐसे में आप चामराजनगर और उडुपी नवरात्रि रथोत्सव देखने के लिए भी जा सकती हैं। यह भी एक यादगार ट्रिप हो सकती है। 

साउथ की इन जगहों तक कैसे पहुंचे?

तिरुपति और चेन्नई जाने के लिए तिरुपति में हवाई अड्डा है, साथ ही चेन्नई सेंट्रल से यह केवल 3 घंटे की दूरी पर है। आपको यहां आने के लिए ट्रैन भी आसानी से मिल जाएगी। मैसूर और बेंगलुरु के लिए केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मैसूर केवल 3 घंटे की दूरी पर है। एक्सप्रेस ट्रेनें और बस सेवाएं हमेशा यहां के लिए उपलब्ध रहती हैं। इसके अलावा कुलसेकरपट्टिनम पहुंचने के लिए मदुरै या थूथुकुडी हवाई अड्डे का इस्तेमाल किया जा सकता है।

निष्कर्ष:  अगर आपको ट्रैवल करना बहुत पसंद है और आप भारत की अलग अलग जगहों को कवर करना चाहती हैं, तो अक्टूबर के महीने में दक्षिण भारत की यात्रा सबसे बेस्ट हो सकती हैं। आप दक्षिण भारत के इन 4 सांस्कृतिक उत्सवों सफर का आनंद लें। यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।

(image credit: magnific/shutterstock)