गर्मियों की छुट्टियों में बच्चों का डेली रूटीन एकदम बदल जाता है। ऐसे में न उनके सोने का कोई समय होता है और न ही जागने व खाने-पीने का। जब यह आजादी अचानक खत्म होती है, तो बच्चे मानसिक रूप से तैयार नहीं होते और नए रूटीन को स्वीकार नहीं कर पाते। इसे मनोविज्ञान में स्कूल एंग्जायटी या बैक-टू-स्कूल ब्लूज के नाम से भी जानते हैं। स्क्रीन टाइम की लत छूटने का डर और दोबारा होमवर्क व क्लास टेस्ट का दबाव के कारण बच्चे अचानक परेशान हो जाते हैं। ऐसे में कुछ तरीकों से उन्हें मानसिक रूप से तैयार किया जा सकता है। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको इसके माध्यम से बताएंगे कि बच्चों को स्कूल के लिए मानसिक और शारीरिक रूप से कैये तैयार करें? इसके लिए हमने कोच और हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट, साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं आगे...

बच्चों को स्कूल के लिए कैसे करें तैयार?

बच्चों को अचानक स्कूल भेजने के बजाय एक हफ्ता पहले से तैयारी शुरू कर दें-

  • छुट्टियों के आखिरी हफ्ते में बच्चों को रात में जल्दी सोने और सुबह स्कूल के समय पर उठने की आदत डालना शुरू करें।

  • नई क्लास की किताबें, स्कूल बैग, यूनिफॉर्म और वॉटर बॉटल जैसी चीजें बच्चों के साथ मिलकर खरीदें। 
  • अपने बच्चों से बात करें कि स्कूल खुलने पर वे अपने पुराने दोस्तों से मिलेंगे, नए खेल खेलेंगे और नई चीजें सीखेंगे।

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एक्सपर्ट्स की राय

बच्चे को इस बात का अहसास कराएं कि आप समझती हैं, छुट्टियों के बाद स्कूल जाना थोड़ा मुश्किल लगता है, लेकिन यह मजेदार भी होने वाला है। उनकी बात को टाले नहीं। 

इससे अलग छुट्टियों के आखिरी दिनों में उनका स्क्रीन टाइम कम करें और उन्हें आउटडोर गेम्स या क्रिएटिव एक्टिविटी में बिजी रखें ताकि वे फिजिकल रूप से एक्टिव हो सकें।

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Images: magnific