सरकारी नौकरियों के अलावा ज्यादातर जगहों में पेंशन की सुविधा नहीं मिलती। ऐसे में रिटायरमेंट के बाद अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने का डर कई लोगों को सताता है, लेकिन अगर आप सही समय पर स्मार्ट फाइनेंशियल प्लानिंग शुरू करते हैं, तो बिना पेंशन वाली नौकरी में भी आपका बुढ़ापा बेहद सुकून और शान से कट सकता है। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि रिटायरमेंट फंड तैयार करने के लिए रूल्स क्या हैं। जानते हैं आगे...

रिटायरमेंट फंड बनाने के 8 जरूरी स्टेप्स

इंवेस्टमेंट शुरू करने से पहले कम से कम 6 से 12 महीने के खर्च के बराबर पैसा अलग रखें। इससे मुश्किल में आपको अपने रिटायरमेंट फंड को बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

  • तय करें कि आप किस उम्र में रिटायर होना चाहते हैं और उस समय के हिसाब से आपके महीने भर का खर्च कितना होगा।
  • आज के 100 रुपये की कीमत 20 साल बाद बहुत कम होगी। इसलिए महंगाई को ध्यान में रखकर ही अपने फंड को जोड़ें।

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  •  इंवेस्टमेंट की शुरुआत जितनी कम उम्र में होगी, आपको कंपाउंडिंग' का उतना ही ज्यादा फायदा मिलेगा।
  • हर महीने तय पैसा इंवेस्ट करने की आदत डालें। इसके लिए म्यूचुअल फंड में SIP एक अच्छा ऑप्शन है।

  • अपना सारा पैसा एक ही जगह न लगाएं। इक्विटी, गोल्ड और डेट फंड्स में पैसा बांटकर इंवेस्ट करें।
  • ऐसी स्कीम चुनें जहां टैक्स की बचत हो, ताकि आपका नेट रिटर्न ज्यादा रहे।
  • हर साल अपने इंवेस्ट पोर्टफोलियो की जांच करें। जरूरत पड़ने पर बाजार की स्थिति को देखते हुए इसमें बदलाव भी करें।

क्या हैं गोल्डन रूल्स?

  • बढ़ती उम्र में बीमारी का खर्च आपके फंड को खत्म कर सकता है, इसलिए एक स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी जरूर लें।
  • रिटायरमेंट पर पहुंचने से पहले अपने सभी लोन निपटा लें।
  • कमाई का कोई ऐसा जरिया बनाएं, जिससे बिना काम किए भी पैसा आता रहे
  • अपनी जीवनशैली को अनुशासित रखें और फालतू खर्चों से बचें।

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