Sat Sep 12, 2026 | Updated 03:52 AM IST

क्या है पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट और कैसे इसके नाम पर खाली हो रहे हैं बैंक खाते?

एक 79 वर्षीय रिटायर्ड इंजीनियर साइबर ठगी का शिकार हुए, जब उन्होंने फर्जी विज्ञापन के माध्यम से पेंशन लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट करने की कोशिश की। ठगों ने उनके बैंक खाते से ढाई लाख रुपये हड़प लिए।
Updated:- 2026-02-17, 15:56 IST
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अभी हाल ही में एक ऐसा केस सामने आया, जिसने सभी को झंझोर कर रख दिया। 79 साल के रिटायर्ड सिविल इंजीनियर के साथ एक साइबर ठगी का केस सामने आया। ठग ने फर्जी एडवर्टाइजमेंट के माध्यम से उन्हें लाइव सर्टिफिकेट अपडेट करने का झांसा दिया और इसके बाद उनके सारे पैसे हड़प लिए और पूरा बैंक खाली कर दिया। बता दें कि इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक ऐसे ही घटना की वीडियो भी शेयर की। साथ ही उन्होंने इस तरीके के स्कैमर से लोगों को सतर्क भी किया। ऐसे में यह जानना तो बनता है कि ये लोग कैसे फसाते हैं और खुद को कैसे इस ठग से बचाया जाए। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि पेंशन लाइफ सर्टिफिकेट किसे कहते हैं और ठग कैसे इसके माध्यम से लोगों का बैंक अकाउंट खाली कर रहे हैं। पढ़ते हैं आगे...

क्या होता है पेंशन लाइफ सर्टिफिकेट?

बता दें कि पेंशन धारक के जीवित होने का प्रमाण पत्र पेंशन लाइफ सर्टिफिकेट होता है। यह एक ऑफिशियल प्रमाण पत्र होता है। ऐसे में पेंशन हर साल यह सर्टिफिकेट अपने बैंक या पोर्टल के माध्यम से अपडेट करवाते हैं।

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अगर यह समय पर जमा नहीं होता है तो इसके कारण पेंशन रुक सकती है। ऐसे में ठग इसी का फायदा उठाकर लोगों के बैंक अकाउंट खाली करते हैं।

क्या था मामला?

बता दें कि फेसबुक स्क्रोल करते हुए व्यक्ति को पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट करने का एक ऐड दिखाई दिया। जैसे ही उन्होंने इस एड पर क्लिक किया वैसे ही एक वेब पेज खुल गया। उसमें ऑलरेडी उनकी कुछ पर्सनल डिटेल्स मौजूद थीं। उन्होंने ज्यादा नहीं सोचा और फॉर्म सबमिट कर दिया। कुछ देर बाद एक मैसेज आया, जिसमें व्हाट्सएप पर एक फाइल आई। वह फाइल एपीके थी। उसने लिखा खा कि इस फाइल को डाउनलोड करो। डाउनलोड करके फॉर्म भरो। फॉर्म भरने के बाद पेंशनर्स ने लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट करने की कोशिश की। जैसे ही उन्होंने फार्म पर अपना आधार नंबर फोन नंबर दर्ज किया वैसे ही ओटीपी सबमिट हो गया। बता दें कि जैसे ही सबमिट हुआ वैसे ही फोन का कंट्रोल साइबर क्रिमिनल्स के पास चला गया और कुछ समय बाद ही उनके बैंक अकाउंट से लगभग ढाई लाख रुपये कट गए।

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कौन सी बड़ी तीन गलतियां?

  • बता दें कि उन्होंने सोशल मीडिया पर दिए ऐड पर भरोसा किया।
  • अनजान लिंक पर क्लिक करके फाइल डाउनलोड की।
  • पर्सनल डिटेल शेयर कर दी।

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इस तरह के स्कैम से कैसे बचें?

घर के बुजुर्गों को जागरूक करें। उन्हें बताएं कि बैंक और सरकार कभी भी एपीके फाइल नहीं भेजती। साथ ही किसी एडवर्टाइजमेंट पर भरोसा ना करें। केवल ऑफिशियल वेबसाइट से आए हुए लिंक पर ही क्लिक करें और अपनी सारी जानकारी को किसी अधिकारी को ही दें। 

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Images: Freepik/shutterstock

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