राखी सिर्फ कलाई पर बांधा जाने वाला धागा नहीं है, बल्कि यह भाई-बहन के बीच प्यार, भरोसे और एक-दूसरे की रक्षा करने का प्रतीक है। रक्षाबंधन के दिन राखी बांधते समय बहन अपने भाई की अच्छी सेहत, लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और तरक्की की कामना करती है। वहीं भाई भी हर सुख-दुख में अपनी बहन का साथ देने और उसकी रक्षा का वादा करता है। इसलिए, राखी बांधने की विधि और इससे जुड़ी छोटी-छोटी बातों का भी खास महत्व होता है। हालांकि, ज्यादातर बहनों के मन में सवाल आते हैं कि भाई की कलाई पर राखी बांधते समय कितनी गांठें लगानी चाहिए? क्या तीन गांठ लगाना शुभ माना जाता है या इसकी कोई दूसरी परंपरा भी है? आइए राखी की गांठों से जुड़ी मान्यताएं और खास महत्व के बारे में सिद्धार्थ एस कुमार, ज्योतिषाचार्य और न्यूमरोवाणी से जानते हैं।
राखी का धागा कैसा होना चाहिए?
शब्दकल्पद्रुम में 'रक्षा' शब्द की व्याख्या करते हुए भविष्योत्तर पुराण में रक्षाबंधन विधान का उल्लेख मिलता है। इसमें रक्षा-सूत्र के लिए 'विचित्रं ग्रथितं सूत्रम्' कहा गया है। इसका अर्थ सुंदर ढंग से गूंथा हुआ धागा है। इसलिए, राखी का धागा नया, साफ, मजबूत और अच्छी तरह गूंथा हुआ होना चाहिए। सूती या रेशमी धागे से बनी राखी को अच्छा विकल्प माना जाता है। राखी न तो बहुत ढीली बांधनी चाहिए और न इतनी टाइट कि कलाई में परेशानी हो।
Raksha Bandhan 2026 पर राखी में कितनी गांठ लगानी चाहिए?
राखी बांधते समय तीन गांठें लगाई जाती हैं और हर गांठ का एक खास भाव माना जाता है।
| गांठ | अर्थ | कामना |
| पहली | रक्षा | संकटों और नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा |
| दूसरी | प्यार | मजबूत और अटूट भाई-बहन का रिश्ता |
| तीसरी | सुख-समृद्धि | अच्छी सेहत, सफलता और लंबी उम्र |
तीन गांठें लगाना क्यों माना जाता है शुभ?
राखी में तीन गांठें लगाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ये तीन गांठें भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, विश्वास और सुरक्षा का प्रतीक होती हैं। इन्हें बांधते समय भाई की लंबी उम्र, अच्छी हेल्थ और सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। इसके अलावा, तीन गांठे मन, वचन और कर्म से रिश्ते को निभाने का संकल्प भी दर्शाती हैं।
1. पहली गांठ- रक्षा और सुरक्षा
पहली गांठ भाई को नकारात्मक ऊर्जा, कठिन परिस्थितियों और जीवन में आने वाले संकटों से सुरक्षित रखने की कामना के साथ लगाई जाती है। यह शारीरिक और मानसिक सुरक्षा का प्रतीक मानी जाती है।
2. दूसरी गांठ- प्यार और विश्वास
दूसरी गांठ भाई-बहन के बीच प्यार, विश्वास और मजबूत रिश्ते का प्रतीक मानी जाती है। इसका भाव है कि जीवन में चाहे कितनी भी परिस्थितियां बदलें, दोनों एक-दूसरे का साथ हमेशा देते रहेंगे।
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3. तीसरी गांठ: सुख, समृद्धि और लंबी उम्र
तीसरी गांठ भाई की अच्छी सेहत, आर्थिक उन्नति, सफलता और लंबी उम्र की मंगलकामना के साथ लगाई जाती है। इसके माध्यम से जीवन में स्थिरता, खुशहाली और निरंतर प्रगति की प्रार्थना की जाती है।
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हालांकि, शास्त्रों में तीन गांठ लगाने का कोई ऐसा अनिवार्य नियम नहीं है, जो हर जगह समान रूप से लागू हो। फिर भी तीन गांठ लगाने की परंपरा काफी प्रचलित है और इसे शुभ माना जाता है। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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