बीते दिनों दिल्ली के सत्य निकेतन में पुरानी इमारत गिरने की घटना ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। यह जगह लड़कों के पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में इस्तेमाल हो रही थी। इस हादसे में कई लोगों की मौत हो गई है। ऐसे में जो भी छात्र पीजी लेकर दिल्ली में रह रहे हैं, उनके मन में डर बैठ गया है। अगर आप दिल्ली में पीजी, कमरा या फिर फ्लैट किराए पर लेने जा रही हैं, तो कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। आज के इस लेख में हम आपको 7 ऐसी बातें बताने जा रहे हैं, जो टोकन मनी देने से पहले पता करनी बहुत जरूरी हैं।

पीजी लेते समय मकान मालिक से कौन से 7 सवाल पूछने चाहिए?

दिल्ली में बरसात के समय में घर या इमारत गिरने की खबर आती रहती है। ऐसे में जब भी आप इस शहर में घर बदलने या किराए पर पीजी या फिर फ्लैट लेने की सोचें, तो कुछ बातों पर ध्यान रखना जरूरी है। नीचे जानें-

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1. इमारत की बनावट और मजबूती चेक करें

पीजी या कमरा फाइनल करने से पहले इमारत की हालत को ध्यान से देखें। दीवारों, छतों, पिलर, बीम या सीढ़ियों पर बड़ी दरारें तो नहीं हैं, यह जरूर चेक करें। छोटे-मोटे क्रैक आम हो सकते हैं, लेकिन बड़े क्रैक या झुकी हुई छतें खतरे का संकेत हैं। कोई गंभीर समस्या दिखने पर मालिक से बात करें या जरूरत पड़ने पर किसी एक्सपर्ट से जांच करवाएं।

2. बिल्डिंग की मंजूरी और दस्तावेजों के बारे में पूछें

मकान मालिक या पीजी संचालक से यह जरूर पूछें कि इमारत के पास जरूरी कानूनी मंजूरी और परमिशन है या नहीं। अगर बिल्डिंग में कई मंजिलें हैं या हाल ही में कोई निर्माण हुआ है, तो यह पता करें कि वह अधिकृत है या नहीं। किसी भी अवैध निर्माण या दस्तावेजों की कमी वाले घर से हमेशा दूर रहें।

3. इमरजेंसी एग्जिट के बारे में पूछने के साथ खुद भी देखें

आग लगने, भूकंप या किसी भी अन्य आपात स्थिति में बाहर निकलने के लिए इमरजेंसी एग्जिट होना बहुत जरूरी है। घर देखने जाएं तो मुख्य दरवाजे के साथ-साथ वैकल्पिक रास्ते, सीढ़ियां और इमरजेंसी गेट को जरूर देखें। यह भी जांच लें कि रास्ते में फर्नीचर या सामान रखकर रास्ता बंद तो नहीं किया गया है। इसके अलावा मकान मालिक की बताई हर बात पर भरोसा करने बजाय खुद भी देखें।

4. सीढ़ियों और कॉरिडोर चेक करें

अपने कमरे से लेकर बाहर निकलने तक के पूरे रास्ते पर चलकर देखें। यह सुनिश्चित करें कि सीढ़ियां और कॉरिडोर सुरक्षित इस्तेमाल के लिए काफी चौड़े हैं या नहीं। साथ ही यह भी चेक करें कि सीढ़ियों पर पर्याप्त रोशनी है या नहीं, वे साफ-सुथरी हैं और उन पर मजबूत रेलिंग लगी है या नहीं।

5. जलभराव और सीलन पर ध्यान दें

बेसमेंट या ग्राउंड फ्लोर पर पानी जमा होना एक बड़ा खतरा हो सकता है। निरीक्षण करते समय यह देखें कि कहीं पानी तो नहीं भरा है, दीवारों पर सीलन, पानी के दाग, फफूंद या लगातार लीकेज तो नहीं हो रही है। इमारत के आसपास पानी की निकासी का अच्छा इंतजाम होना चाहिए।

6. निर्माण या रेनोवेशन के बारे में पूछें

आप जिस बिल्डिंग में पीजी या कमरा लेने जा रही हैं, उसकी कहीं रिपेयरिंग, रेनोवेशन या निर्माण कार्य तो नहीं चल रहा है। अगर इमारत में रहते हुए कोई बड़ा स्ट्रक्चरल काम चल रहा है, तो मालिक से सुरक्षा के उपायों के बारे में जरूर बात करें। साथ ही कोशिश करें कि वहां रूम रेंट पर लेने से बचें। इसके अलावा बेसमेंट, पिलर, बीम या फाउंडेशन के पास चल रहे काम पर खास ध्यान दें। 

7. लोगों की संख्या और कमरे की क्षमता जांचें

भीड़भाड़ वाला पीजी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। जो प्रॉपर्टी बहुत ज्यादा भरी हुई लगे, वहां बाहर निकलने के रास्ते, साफ-सफाई और आपातकालीन इंतजाम अक्सर कम होते हैं।

  • कमरे में आधिकारिक रूप से कितने लोगों के रहने की अनुमति है?
  • हर मंजिल पर कुल कितने कमरे हैं?
  • क्या बिल्डिंग का इस्तेमाल उसकी तय क्षमता से ज्यादा लोगों के लिए किया जा रहा है?
  • क्या कॉमन एरिया को सोने की जगह में बदला जा रहा है?
  • क्या कमरों में जरूरत से ज्यादा अतिरिक्त बेड डाले जा रहे हैं?

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हम में से अधिकतर लोग इस बारे में रूम लेते समय नहीं पूछते है। इतना ही नहीं बल्कि अगर आपके पीजी या रूम में यह दिक्कत दिख रही है, तो इसकी तुरंत कंप्लेन करें। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

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