वर्कप्लेस पर महिलाओं को अक्सर नई स्किल्स हासिल करने की सलाह दी जाती है। उनसे कहा जाता है कि मेहनत करो, महारत हासिल करो, निरंतर बेहतर प्रदर्शन करो और नया सीखते रहो। यह सब बातें बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसके साथ ही एक और पहलू पर ध्यान देना जरूरी है, खुद को मौकों के सही स्थिति में लाना। किसी काम में काबिल होना और उस काम के लिए चुने जाना, दो अलग बातें हैं। कैटालाइज (Catalyze) की संस्थापक अमनीत कौर सहदरा (Amneet Kaur Sahdra) द्वारा दिए गए इनपुट्स से पता चलता है कि महिलाएं किस तरह खुद अपने लिए नए रास्ते बना सकती हैं? जानते हैं आगे...
महिलाएं कैसे बनाएं अपने लिए नए रास्ते?
अच्छा काम आपकी पहचान बनाता है, लेकिन अगर आप किसी कोने में चुपचाप बैठी रहें, तो अवसर अपने आप नहीं मिलते। कई बार आपको ऐसे हालात खुद बनाने पड़ते हैं ताकि अवसर आपको खोजते हुए पहुंचें-
सिर्फ काम तक सीमित न रहें, विजिबिलिटी भी बढ़ाएं: आपके मैनेजर को पता होना जरूरी है कि आप अपने काम में बेहतर हैं, लेकिन क्या आपके विभाग से बाहर के लोग, सीनियर या आपकी इंडस्ट्री के लोग आपके काम के बारे में जानते हैं? पहचान बनाने का मतलब हर जगह जोर-जोर से बोलना नहीं है, बल्कि अपने विचारों और योगदान को लोगों की नजर में लाना है।
अपनी पहचान मजबूत करने के उपाय
अगर आप अपनी पहचान बनाना चाहती हैं तो यहां दिए गए उपाय आपके काम आ सकते हैं-
- मीटिंग्स में अपनी राय रखें और चर्चा में भाग लें।
- अपने प्रोजेक्ट्स से आगे बढ़कर नई जिम्मेदारियां संभालें।
- अपने अनुभव और सोच को लेखों या चर्चाओं के जरिए शेयर करें।
- ऐसी साख बनाएं जो आपकी उपस्थिति से पहले पहुंचे।
पर्सनल ब्रांडिंग का असली मतलब सोशल मीडिया फॉलोअर्स या रोज पोस्ट करना नहीं है। इसका असली मतलब यह है कि जब आप कमरे में मौजूद न हों, तब लोग आपके नाम को किस काम से जोड़ते हैं।
पर्सनल ब्रांडिंग कैसे करें?
अगर आप अपनी ब्रांडिंग करना चाहती हैं तो नीचे दिए गए टिप्स आपके काम आ सकते हैं-
- तय करें कि आप किस समस्या का समाधान करने के लिए जाने जाना चाहते हैं।
- अपने काम के साथ-साथ अपनी सोच और नजरिए को लोगों के सामने रखें।
- अपनी स्पेशियलिटी को दूसरों के साथ शेयर करें।
- सीनियर्स के साथ-साथ साथियों से भी रिश्ते मजबूत करें।
खुद से कैसे करें पहल?
अगर आप लोगों की नजर में आना चाहती हैं तो यहां दिए गए टिप्स आपके काम आ सकते हैं-
- नई जिम्मेदारी या भूमिका के लिए खुद अपना नाम आगे बढ़ाएं।
- अपने नए विचारों और प्रोजेक्ट्स को लीडर के सामने रखें।
- खुद को पहले ही अयोग्य मानने के बजाय दूसरों को फैसला करने दें।
- जो अवसर मौजूद नहीं है, उसे खुद तैयार करें।
हर बड़ा करियर अवसर किसी बने-बनाये जॉब डिस्क्रिप्शन के साथ नहीं आता। जब कोई दरवाजा खुला न दिखे, तो आपको अपने लिए रास्ता खुद बनाना होता है।
निष्कर्ष
अपने लिए अवसर पैदा करने का मतलब हर खुले दरवाजे के पीछे भागना नहीं है। इसका असली अर्थ अपनी पहचान, साख और रिश्तों को इस तरह मजबूत करना है कि जब सही अवसर आए, तो आपका नाम सबसे पहले चर्चा में शामिल हो।
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