रसोई में काम करते समय अगर अचानक गैस चूल्हे का एक पाया टूट जाए या निकल जाए, तो पूरा चूल्हा हिलने-डुलने लग जाता है। ऐसे में चूल्हे पर खाना बनाना तो छोड़ों बर्तन रखना भी मुश्किल हो जाता है। गलती से अगर इस पर खाना बनाने की प्रोसेस शुरू भी कर दिया जाए तो खाना गिरने या हाथ जलने का खतरा बना रहता है। कई बार तुरंत मैकेनिक नहीं मिलता या नया पाया खरीदने का समय नहीं होता, लेकिन परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि हमारे भारतीय घरों में हर समस्या का कोई न कोई बेहतरीन देसी जुगाड़ जरूर मौजूद होता है। कुछ बेहद आसान और घरेलू चीजों का इस्तेमाल करके आप अपने डगमगाते हुए गैस चूल्हे को मिनटों में पहले जैसा परफेक्ट और स्थिर बना सकती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 3 असरदार देसी तरीके।

पुराने ढक्कन या मेटल के कैप वाला तरीका

अगर गैस चूल्हे का पाया नीचे से टूट गया है, तो आप किसी पुरानी कोल्ड ड्रिंक की कांच वाली बोतल का मेटल कैप या फिर घर में पड़ी किसी छोटी स्टील की डिब्बी के ढक्कन का इस्तेमाल कर सकती हैं। टूटे हुए पाए वाले हिस्से के नीचे इस ढक्कन को उल्टा या सीधा करके रख दें। अगर चूल्हा अभी भी थोड़ा हिल रहा है, तो ढक्कन के अंदर थोड़ा सा एम-सील या गूंथी हुई मिट्टी/आटा भरकर चूल्हे के नीचे सेट कर दें।

एम-सील से बनाएं पायां

बाजार में 10 रुपये में मिलने वाला एम-सील लें और उसके दोनों रसायनों को आपस में अच्छी तरह मिला लें। अब इस मिक्सचर को टूटे हुए पाए के स्थान पर लगाकर बिल्कुल बाकी के तीन पायों जितनी ऊंचाई का एक नया शेप दे दें। इसके बाद चूल्हे को समतल जगह पर रखकर चेक कर लें कि वह चारों तरफ से बराबर है या नहीं। एम-सील को 2-3 घंटे के लिए सूखने के लिए छोड़ दें। सूखने के बाद यह पत्थर जैसा कड़क हो जाएगा और आपका चूल्हा पहले की तरह सेट हो जाएगा।

लकड़ी के गुटके वाला तरीका

अगर आपके पास एम-सील नहीं है और आप तुरंत खाना बनाना चाहती हैं, तो यह सबसे तेज काम करने वाला जुगाड़ है। घर में पड़े लकड़ी का टुकड़ा भी काट कर लगा सकती हैं। ध्यान रहे कि लकड़ी को बर्नर की आंच से थोड़ा दूर ही रखें। 

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