आजकल सोशल मीडिया पर या दोस्तों के बीच बातें करते हुए आपने जेन जी, मिलेनियल्स या बूमर जैसे शब्द खूब सुने होंगे। अक्सर लोग किसी को चिढ़ाने के लिए या किसी की सोच बताने के लिए कह देते हैं कि तुम तो एकदम बूमर सोच वाले हो या फिर यह तो जेन जी का नया ट्रेंड है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर लोगों को अलग-अलग जनरेशंस या ग्रुप में बांटने वाले ये नाम आए कहां से?
सच तो यह है कि इन नामों का इतिहास बहुत ही दिलचस्प है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि अलग-अलग जनरेशंस के ये नाम कैसे पड़े और इनका असली मतलब क्या है। आइए जानते हैं-
जनरेशन फिक्स करने का यह विचार आखिर आया कहां से?
आपको बता दें कि इंसानों को उनके जन्म के साल के हिसाब से अलग-अलग जनरेशन में बांटने की सोच कोई आज की नहीं है। यह बहुत ही पुरानी है। बताया जाता है कि लगभग 150 साल पहले फेमस समाजशास्त्री कार्ल मैनहाइम (Karl Mannheim) ने सबसे पहले यह बात सामने रखी थी।
कार्ल मैनहाइम ने की जनरेशन को नाम देने शुरुआत
दरअसल, उनका कहना था कि कोई भी जनरेशन सिर्फ अपने जन्म के साल से नहीं बनती है। असल में जब लोग अपने बचपन और जवानी के दिनों में एक जैसे माहौल और एक जैसे बदलावों से गुजरते हैं, तो उनके सोचने का तरीका, उनका रहन-शहन सब कुछ एक जैसा हो जाता है। ऐसे में कार्ल मैनहाइम की इसी सोच से जनरेशंस को नाम देने की शुरुआत हुई।
लॉस्ट जनरेशन से लेकर जेन एक्स (Gen X) तक का सफर
शुरुआत के दिनों में लोगों की जनरेशन का नाम बड़ी घटनाओं या हादसों के आधार पर रखा जाता था। जैसे-
- लॉस्ट जनरेशन (Lost Generation): यह नाम उन लोगों को मिला जिन्होंने पहला वर्ल्ड वॉर (World War I) अपनी आंखों से देखा था।
- ग्रेटेस्ट जनरेशन (Greatest Generation): इस जनरेशन के लोगों ने मंदी का दौर और दूसरा वर्ल्ड वॉर (World War II) भी देखा था। इसीलिए यह ग्रेटेस्ट जनरेशन कहलाए।
- बेबी बूमर्स (Baby Boomers): जब दूसरा वर्ल्ड वॉर खत्म हुआ तब अचानक दुनिया भर में जन्म दर यानी बर्थ रेट में बहुत बड़ा उछाल आया। बहुत सारे बच्चे पैदा हुए, जिसे बूम कहा गया। इसी से इनका नाम बेबी बूमर्स या बूमर पड़ गया।
- जनरेशन एक्स (Gen X): किताबों, पॉप कल्चर और फिल्मों के जरिए Gen X नाम बहुत फेमस हुआ। यह उन लोगों की जनरेशंस थी जो बूमर्स के बाद आए।
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मिलेनियल्स और जेन जी के नाम कैसे पड़े?
अब बात आती है जेन जी और मिलेनियल्स की। आपको बता दें कि 1980 के दशक के आसपास पैदा हुए लोगों को मिलेनियल्स कहा जाता है। इन्हें यह नाम इसलिए मिला क्योंकि लगभग 1982 में जन्मे बच्चे जब अपनी पढ़ाई पूरी करके बड़े हो रहे थे, तब नया साल शुरू हो रहा था।
इसके बाद आई Gen Z। जेन जी का जन्म आमतौर पर 1997 से 2012 के बीच माना जाता है। इस नाम के पीछे कोई एक इंसान नहीं है, बल्कि Gen X और Gen Y के बाद अपने आप Gen Z नाम मशहूर हो गया।
क्या चीजें बनाती हैं Gen Z को दूसरों से अलग?
आज के समय में Gen Z दुनिया भर में सबसे ज्यादा चर्चा में है। साउथ एशिया के अलग-अलग देशों में हुए आंदोलनों और सामाजिक बदलावों में इस जनरेशन के लोगों ने अपनी मौजूदगी बहुत अच्छे से दर्ज कराई है।
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जेन जी क्यों हैं इतने समझदार?
जेन जी पहली ऐसी जनरेशन है जो इंटरनेट और हाथ में मोबाइल लेकर ही बड़ी हुई है। इन्होंने बहुत कम समय में दुनिया को पूरी तरह डिजिटल होते देखा है। काेविड 19 जैसी महामारी और बाजार के उतार-चढ़ाव ने इन्हें बहुत कम उम्र में ही काफी बड़ा और समझदार बना दिया।
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