मॉनसून के मौसम से झुलसती गर्मी से राहत मिलती है, वहीं ये पौधों में नई जान भी डालता है। बता दें कि ये अपने साथ तेज हवाएं और तूफानी बौछारें भी लेकर आता है। ऐसे में पौधे का टूटना लाजमी है। नाजुक पौधे तेज हवा के थपेड़ों को बर्दाश्त नहीं कर पाते और टूटने लगते हैं। अगर आप भी अपने होम गार्डन को लेकर परेशान हैं, तो बाजार से महंगे सपोर्ट गियर्स न खरीदें बल्कि पुरानी प्लास्टिक की बोतलें आपके बेहद काम आ सकती हैं। ऐसे में इनके बारे में पता होना जरूरी है। आज का हमारा लेख इसी विषय पर है। आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से बताएंगे कि पौधों को सहारा देने के लिए पुरानी बोतलों का यूज कैसे करें? जानते हैं इस लेख के माध्यम से...

मॉनसून की तेज हवाओं से क्यों टूट जाते हैं पौधे?

हवा की स्पीड के साथ-साथ मिट्टी की नमी भी पौधों के टूटने का कारण होती है। ऐसे में जब लगातार बारिश हो जाती है, तो गमलों की मिट्टी पूरी तरह गीली और ढीली होने लगती है, जिससे पौधों की जड़ों की पकड़ कमजोर पड़ने लगती है। 

पुरानी बोतलों का इस्तेमाल कैसे करें?

सबसे पहले आप एक बड़ी प्लास्टिक बोतल लें और उसके ऊपरी व निचले हिस्से को काटकर अलग कर दें। अब बचे हुए बीच के हिस्से को लंबाई में एक तरफ से काट लें। इस कटी हुई बोतल को अपने नाजुक पौधे के तने के चारों तरफ लपेट दें और इसे आधा इंच मिट्टी के अंदर धंसा दें।

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आप प्लास्टिक बोतलों में सूखी मिट्टी या छोटे कंकड़-पत्थर भरकर उन्हें भारी बना लें। अब इसे गमले में पौधे के तने के ठीक बगल में गहराई तक गाड़ दें। इसके बाद एक सूती कपड़े या जूट की रस्सी की मदद से पौधे के तने को बांध दें। 

नोट - जब भी आप बोतल को मिट्टी में गाड़ें, तो ध्यान रखें कि वह पौधे की जड़ों से थोड़ी दूरी पर हो, ताकि जड़ें डैमेज न हों। पौधे को बोतल से बांधते समय रस्सी या तार को बहुत ज्यादा कसकर न बांधें।

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Images: magnific