Durga Visarjan 2026: मां दुर्गा के विसर्जन का मतलब सिर्फ मूर्ति को पानी में बहाना नहीं होता है। यह नौ दिन की पूजा को पूरे मन और श्रद्धा के साथ पूरा करने की परंपरा होती है। इसलिए सही तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि का ध्यान रखकर ही मां का विसर्जन किया जाता है। रात में विसर्जन वर्जित माना जाता है। इसलिए दिन में ही करना शुभ होता है।
विसर्जन के लिए शुभ समय कौन सा है?
ज्योतिषाचार्य सिद्धार्थ एस कुमार के अनुसार, धर्मसिन्धु और निर्णयसिन्धु जैसे धर्म ग्रंथों में पूजा-पाठ के सही समय के बारे में बताया गया है। विसर्जन करने के लिए दशमी तिथि पर सुबह या दोपहर का समय सबसे अच्छा होता है।
अगर दशमी तिथि और श्रवण नक्षत्र का मिलन दोपहर में हो रहा हो, तो उस समय को और ज्यादा शुभ माना जाता है। इसलिए दिन के शुभ मुहूर्त में ही मां को विदा किया जाता है।
रात में क्यों नहीं करना चाहिए मां दुर्गा का विसर्जन?
रात में मां दुर्गा का विसर्जन करने से दुनिया पर संकट आ सकता है, जैसे प्राकृतिक आपदाएं और लोगों में तनाव बढ़ना। यह निजी आध्यात्मिक मान्यता है। इसे शास्त्रीय उद्धरणों का सीधा निष्कर्ष नहीं समझना चाहिए। असली बात यही है कि मां की विदाई सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूरी श्रद्धा के साथ की जानी चाहिए।
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शास्त्रों में क्या लिखा है?
कालिका पुराण के अध्याय 60, श्लोक 11 में लिखा है, 'विसर्जनं दशम्यां तु कुर्याद् वै साधकोत्तम'। इसका मतलब है कि साधक को दशमी तिथि पर ही देवी का विसर्जन करना चाहिए। इससे पता चलता है कि विसर्जन के लिए तिथि का कितना महत्व है। दिन में मां दुर्गा को विदा करना इस बात का संकेत है कि हमने पूजा से जो शक्ति पाई है, उसे अब हम अपने जीवन में उतारेंगे।
बेटी जैसे होती है मां दुर्गा की विदाई
मां दुर्गा किसी एक की नहीं, बल्कि पूरे संसार की माता हैं, लेकिन उनकी पूजा हिमालय की बेटी के रूप में भी होती है। इसलिए नवरात्रि खत्म होने पर भक्त उन्हें अपनी बेटी की तरह प्यार से विदा करते हैं।
दिन के उजाले में विदा करना यह संकेत देता है कि हम मां के लिए सुखद यात्रा की कामना कर रहे हैं और प्रार्थना कर रहे हैं कि वह जल्दी फिर से हमारे घर आएं।
विजयादशमी से जुड़ा है विसर्जन का भाव
विजयादशमी मां दुर्गा की महिषासुर पर जीत का त्योहार है। मां दुर्गा की विदाई को उनके कैलाश वापस लौटने से भी जोड़कर देखा जाता है। इसलिए विसर्जन में तीन भाव एक साथ होते हैं। जीत की खुशी, विदाई का प्यार और पूजा के पूरा होने का संतोष।
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किसी कारणवश रात हो जाए तो क्या करें?
अगर किसी वजह से आप समय पर विसर्जन नहीं कर पाती है या किसी के इंतजार की वजह से रात हो जाए और मां दुर्गा का विसर्जन संभव न हो पाए, तो प्रतिमा को अंधेरे या रात में विसर्जित नहीं करना चाहिए। ऐसे में आप ये 3 चीजें कर सकती हैं।
- प्रतिमा को स्थान पर ही रहने दें।
- प्रतिमा का विसर्जन अगले दिन करें।
- माता से क्षमा प्रार्थना करें।
विसर्जन करते वक्त समय और तिथि का ध्यान रखें। रात होने पर विसर्जन करना वर्जित होता है।
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