घर में बड़ी-बड़ी और चमचमाती खिड़कियां होने के बावजूद कई बार कमरे की हवा भारी और घुटन भरी महसूस होने लगती है। दोपहर होते ही पंखा तेज करना पड़ता है और खिड़की खोलने पर भी कोई राहत नहीं मिलती। वेंटिलेशन का ताल्लुक सिर्फ इस बात से नहीं है कि घर में कितनी खिड़कियां हैं, बल्कि इस बात से है कि हवा अंदर आने के बाद कहां जाती है। अगर हवा के आने और बाहर निकलने का सही रास्ता न हो, तो केवल कांच और खिड़कियां होने से घर ताजी हवा से नहीं भर सकता। जानते हैं, पूरी जानकारी...
क्रॉस-वेंटिलेशन और हवा का सही रास्ता
कमरे की हवा को तरोताजा रखने के लिए सिर्फ खिड़कियों की संख्या काफी नहीं होती, बल्कि उनका सही जगह पर होना जरूरी है।
- एक ही दीवार पर खिड़कियां: अगर कमरे की सभी खिड़कियां एक ही दीवार पर हैं, तो हवा अंदर तो आ जाएगी, लेकिन कमरे के आर-पार नहीं घूम पाएगी।
- दबाव और तापमान का खेल: जब खिड़कियां आमने-सामने या एक-दूसरे से जुड़ी दीवारों पर होती हैं, तो हवा का बहाव बेहतर होता है। यही वजह है कि छोटे कमरे भी सही वेंटिलेशन की वजह से ज्यादा फ्रेश महसूस होते हैं।
किस प्रकार की खिड़कियां आएंगी काम?
बता दें कि खिड़कियों का साइज और उनका डिजाइन भी वेंटिलेशन पर गहरा असर डालता है।
| खिड़की का प्रकार | खासियत | वेंटिलेशन पर असर |
| स्लाइडिंग खिड़कियां | दिखने में आधुनिक और स्टाइलिश | एक समय पर केवल एक ही हिस्सा खुलता है, जिससे हवा का दायरा सीमित हो जाता है। |
| केसमेंट खिड़कियां | बाहर की तरफ खुलने वाली | यह पूरी तरह खुलकर हवा को अंदर आने का बड़ा रास्ता देती हैं। |
| हाई-लेवल वेंटिलेटर के लिए छत के पास बने रोशनदान | बाहर और अंदर की हवा के संतुलन के लिए | गर्म हवा ऊपर की तरफ जाती है, जिसे बाहर निकालने के लिए ऊपरी खिड़कियों की जरूरत होती है। |
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इंटीरियर और फ्लोर प्लान का वेंटिलेशन पर असर
कई बार समस्या खिड़कियों में नहीं बल्कि घर के लेआउट और अंदर के सामान में होती है।
- फर्नीचर और अलमारियां: बड़ी अलमारियां, भारी दरवाजे या लंबे कॉरिडोर्स हवा के रास्ते में रुकावट पैदा कर सकते हैं। इसके लिए दरवाजों के ऊपर लौवर ट्रांसॉम (जालीदार हिस्से) का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है।
- प्रदूषण और शोर: कई शहरों में धूल, ट्रैफिक का शोर या खराब एयर क्वालिटी के कारण लोग खिड़कियां बंद रखने पर मजबूर होते हैं। ऐसी स्थिति में फ्लाई स्क्रीन या आधुनिक एयर-फिल्टर सिस्टम मदद कर सकते हैं।
- रसोई और बाथरूम की नमी: किचन और बाथरूम से निकलने वाली भाप और नमी को रोकने के लिए सिर्फ खिड़की काफी नहीं होती, बल्कि वहां डेडिकेटेड एग्जॉस्ट सिस्टम होना जरूरी है ताकि नमी पूरे घर में न फैले।
निष्कर्ष
बेहतर वेंटिलेशन का मतलब ज्यादा कांच या बड़ी खिड़कियां होना बिल्कुल नहीं है। असल में अच्छा वेंटिलेशन वही है, जहां हवा के आने, घर के अंदर घूमने और बाहर जाने का एक साफ और व्यवस्थित रास्ता हो।
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Main Images: magnific
