ATM Transaction Rules In India: एटीएम से पैसे निकालना हमारे जीवान का हिस्सा बन चुका है। खरीदारी के लिए कैश चाहिए हो या फिर कभी किसी ऐसे काम के लिए पैसे निकालने पड़ते हैं जहां ऑनलाइन भुगतान की सुविधा नहीं होती। मगर क्या आप जानती हैं कि ATM से पैसे निकालना हमेशा फ्री नहीं होता? बैंक हर महीने कुछ फ्री ट्रांजैक्शन की सुविधा देते हैं। वहीं निर्धारित लिमिट खत्म होने पर हर एक्स्ट्रा ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगता है।
हालांकि यह शुल्क इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप अपने बैंक के ATM का इस्तेमाल कर रही हैं या किसी दूसरे बैंक के ATM का। आज के इस लेख में हम आपको एटीएम से ट्रांजेक्शन से जुड़े नियमों के बारे में बताने जा रहे हैं।
ATM से कितने ट्रांजैक्शन फ्री में कर सकते हैं?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक, सेविंग अकाउंट के कस्टमर को अपने बैंक के ATM से हर महीने कम से कम 5 फ्री फाइनेंस ट्रांजेक्शन मिलते हैं।
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दूसरे बैंक के ATM के लिए नियम अलग हैं। छह मेट्रो शहरों दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में दूसरे बैंक के ATM से महीने में कम से कम 3 फ्री ट्रांजेक्शन मिलते हैं। अन्य शहरों में यह सीमा कम से कम 5 ट्रांजेक्शन है।
ATM से फ्री लिमिट खत्म होने पर कितना लगता है चार्ज?
अगर आप फ्री ट्रांजेक्शन की लिमिट क्रास कर लेती हैं, तो बैंक एक्स्ट्रा ट्रांजेक्शन पर शुल्क लगा सकता है। 1 मई 2025 से RBI ने प्रति एक्स्ट्रा ट्रांजेक्शन अधिकतम शुल्क 23 रुपये तय किया है। इस पर लागू टैक्स अलग से लग सकता है। हालांकि, यह अधिकतम सीमा है, इसलिए आपके बैंक का वास्तविक शुल्क इससे कम भी हो सकता है।
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उदाहरण के लिए, अगर आपने अपने बैंक के ATM से महीने में 5 फ्री फाइनेंस ट्रांजेक्शन पूरे कर लिए हैं और इसके बाद एक और बार पैसे निकालती हैं, तो बैंक अपने लागू शुल्क के अनुसार चार्ज लगा सकता है। इसलिए खाते से पैसे कटने पर बैंक के SMS या स्टेटमेंट में दर्ज शुल्क जरूर देखें।
क्या एटीएम में बैलेंस चेक करने पर भी लगता है चार्ज?
अब सवाल आता है कि क्या बैलेंस चेक करने पर एक्स्ट्रा चार्ज लगता है, तो बता दें कि इसका जवाब इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस बैंक के ATM का इस्तेमाल कर रही हैं। अपने बैंक के ATM पर बैलेंस चेक करने जैसी गैर-वित्तीय सेवाएं मुफ्त होती हैं और इन्हें फ्री ट्रांजेक्शन की निर्धारित संख्या में नहीं गिना जाता।
मगर दूसरे बैंक के ATM पर बैलेंस चेक करना या मिनी स्टेटमेंट निकालना फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा में गिना जा सकता है। इसलिए केवल पैसे निकालने पर ही नहीं, बल्कि दूसरे बैंक के ATM पर की जाने वाली अन्य गतिविधियों पर भी नजर रखें।
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ATM से पैसे नहीं निकले, फिर भी कट गया चार्ज तो क्या करें?
कई बार ATM में तकनीकी खराबी, नेटवर्क की समस्या या कैश न होने के कारण ट्रांजेक्शन पूरा नहीं हो पाता। RBI के नियमों के अनुसार, बैंक की तकनीकी समस्या के कारण असफल हुए ट्रांजेक्शन को वैलिड ट्रांजेक्शन नहीं माना जाना चाहिए और उसके लिए शुल्क नहीं लगाया जाना चाहिए।
अगर असफल ट्रांजैक्शन के बावजूद पैसे कट जाते हैं, तो पहले बैंक के कस्टमर केयर में शिकायत करें। ट्रांजेक्शन की डेट, समय, ATM की जानकारी और खाते से कटे पैसे की डिटेल्स को संभालकर रखें। शिकायत का समाधान न मिलने पर बैंक की शिकायत सॉल्यूशन प्रोसेस (Complain Solution Process) वाला तरीका अपनाएं। इतना ही नहीं बल्कि आप जरूरत पड़ने पर RBI के शिकायत पोर्टल की भी मदद ले सकती हैं।
ATM चार्ज से बचने के लिए अपनाएं ये तरीके
ATM शुल्क से बचने का सबसे आसान तरीका है कि हर बार थोड़ी-थोड़ी रकम निकालने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से पैसे निकालें। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जरूरत से ज्यादा कैश न रखें। संभव हो तो अपने बैंक के ATM का इस्तेमाल करें और दूसरे बैंक के ATM पर बैलेंस चेक करने या मिनी स्टेटमेंट निकालने जैसी गतिविधियों को सीमित रखें।
ध्यान रखें कि फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या और कैश निकालने की दैनिक सीमा अलग-अलग बातें हैं। दैनिक ट्राजेक्शन की लिमिट आपके बैंक, खाते और कार्ड के प्रकार के अनुसार बदल सकती है। अपने बैंक की वेबसाइट पर लागू शुल्क और कार्ड की निकासी लिमिट को चेक करना सबसे बेहतर रहेगा। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ीं रहें हरजिंदगी से।
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