बचपन या कॉलेज के दिनों में पक्की सहेलियां, जिन्हें हम अपना जिगरी दोस्त मानते हैं। इनके साथ एक कमाल का रिश्ता होता है। उस वक्त ऐसा समय होता है, जब एक-दूसरे के बिना एक पल नहीं कटता है। पूरा-पूरा दिन साथ में मस्ती करना लंच करना घूमने जाना और दुनियाभर की चीजें शामिल होती है। मगर जैसे-जैसे वक्त बीतता है, जिंदगी की दौड़ में जिम्मेदारियां बदलती हैं और न चाहते हुए भी सहेलियों के बीच दूरी आने लगती है।

अब ऐसे में जब हम कुछ देर के लिए फुरसत पाते हैं, तो पुरानी दोस्ती दिन याद करते हैं और सोचते हैं कि जो रिश्ता कभी सारी मुश्किलों को झेलने के लिए तैयार था वह आज कमजोर कैसे पड़ गया? नीचे लेख कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत से जानें सिस्टरहुड यानी गहरी दोस्ती में दूरियों के पीछे असल वजहें क्या होती हैं?

गहरी दोस्ती के बीच क्यों हो जाती हैं दूरिया?

हम सभी अक्सर अपनी जिंदगी में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि हम गहरी दोस्ती, जिससे मिले बिना दिन नहीं बीतता था। वह कहीं गुम सी हो जाती है। नीचे जानें कारण-

बदलती प्राथमिकताएं और करियर की भागदौड़

उम्र के एक पड़ाव पर आकर पढ़ाई खत्म होती है और करियर की नई चुनौतियां सामने आती हैं। नौकरी, ऑफिस का प्रेशर और प्रोफेशनल लाइफ में आगे बढ़ने की दौड़ में इंसान इतना व्यस्त हो जाता है कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी बातें शेयर करने का वक्त ही नहीं बचता। जब दोनों सहेलियां अलग-अलग शहरों या क्षेत्रों में काम करने लगती हैं, तो भौतिक दूरी धीरे-धीरे मानसिक दूरी का रूप लेने लगती है।

शादी और परिवार की नई दुनिया

दोस्ती में दूरियां आने का सबसे बड़ा मोड़ अक्सर शादी बनता है। शादी के बाद दोनों की दुनिया पूरी तरह बदल जाती है। नए रिश्ते, ससुराल की जिम्मेदारियां, पति और फिर बच्चों की परवरिश में सहेलियों का पूरा वक्त निकल जाता है। नया परिवार संभालने की इस भागदौड़ में पुराना रिश्ता पीछे छूट जाता है और चाहकर भी एक-दूसरे को समय देना मुमकिन नहीं हो पाता।

संवाद की कमी और छोटी-छोटी गलतफहमियां

जब मिलना-जुलना बंद हो जाता है और फोन पर बातचीत भी महीनों में होने लगती है, तो जीवन में क्या चल रहा है यह साफ नहीं हो पाता। ऐसे में कई बार छोटी-सी बात भी गलत तरीके से समझ ली जाती है। खुलकर बात न होने के कारण मन में दूरियां और गलतफहमियां घर करने लगती हैं, जो धीरे-धीरे रिश्ते को कमजोर कर देती हैं।

तुलना और असुरक्षा की भावना

कई बार अनजाने में ही दोस्तों के बीच जीवन की तुलना होने लगती है किसका करियर बेहतर है, कौन ज्यादा खुशहाल है या किसकी लाइफस्टाइल कैसी है? जब किसी एक की जिंदगी में ज्यादा परेशानियां या दूसरे की जिंदगी में ज्यादा सफलता दिखती है, तो मन में थोड़ी सी असुरक्षा या हीन भावना आ जाती है, जो दोस्ती की गर्माहट को कम कर देती है।

क्या दूरियों से खत्म हो जाती है दोस्ती?

जिंदगी के इस गणित में दूरियां आना आम बात है, लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि प्यार कम हो गया है। सच्चा सिस्टरहुड वह है जो वक्त, फासलों और खामोशी के बावजूद दिलों में जिंदा रहता है। अगर आपकी भी किसी जिगरी सहेली से दूरी आ गई है, तो एक फोन कॉल या छोटा सा मैसेज उस रिश्ते को फिर से जीवित कर सकता है।

क्या आपकी भी किसी ऐसी पक्की सहेली से दूरी आ गई है और आप उस रिश्ते को फिर से सुधारना चाहती हैं? उन्हें दोबारा मैसेज कॉल करके इन चीजों को सही कर सकती हैं। अगर आपको यह लेख पसंद आया है, तो इसे शेयर करें। रिलेशनशिप से जुड़े आर्टिकल पढ़ने के लिए जुड़े रहे हरजिंदगी के साथ।

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