Why People Re Read Old Messages After Fight: अपने पार्टनर या दोस्त के साथ की हुई किसी बहस में क्या आपको भी अचानक से वो सारी बुरी बातें याद आने लगती हैं, जो पार्टनर ने 5 महीने पहले या 5 साल पहले की थीं। साथ ही फिर वह बहस कहीं और चली जाती है और आप इसे रोक ही नहीं पाती हैं। ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि दिमाग के पास सारा रिकॉर्ड होता है और वह सभी पुरानी बातें अपने पास रखता है।

डॉ. विधि पिलानिया के अनुसार, हमारा दिमाग इस तरह बना है कि वह हमेशा हर चीज को सेफ रखना चाहता है।

लड़ाई में क्यों पढ़ते हैं पुराने मैसेज?

जब भी हमारे साथ कोई बुरी घटना होती है या किसी से बहस होती है, तो हमारा दिमाग उसका रिकॉर्ड सेव कर लेता है, ताकि आगे भविष्य में अगर वैसा ही कुछ हो, तो वह हमें पहले ही चेतावनी दे सके। जिस इंसान ने सेम बात पर पहले बहस की थी और अब आपसे फिर सेम बात को लेकर ही बहस करता है, तो आपका दिमाग खतरे का सिग्नल बजाने लगता है। वह आपको एक-एक करके सारी पुरानी घटनाएं याद दिलाता है और फिर आप पुराने मैसेज पढ़ने लगती हैं।

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एक्सपर्ट के उदाहरण से समझें

मान लीजिए बचपन में आपको किसी कुत्ते ने काटा हो, तो आप जब भी सेम नस्ल के कुत्ते को देखेंगी तो आपका शरीर खुद-ब-खुद अलर्ट हो जाता है। आपका दिल तेज धड़कने लगता है और आप कुत्ते से दूरी बना लेती हैं।

ऐसा इसलिए होता है, क्योंकि आपका ऑटोनॉमिक नर्वस सिस्टम आपको बचाने के लिए एक्टिव हो जाता है। वह आपको सेफ्टी सिग्नल देता है। ठीक ऐसा ही रिश्तों में भी होता है। बहस के दौरान दिमाग को लगता है कि आप फिर से खतरे में हैं, इसलिए वह पुरानी फाइलें खोल देता है।

इससे बाहर कैसे निकलें?

अगर आप चाहती हैं कि हर बहस पुराने झगड़े में न बदल जाए, तो आपको अपने ऑटोमेटिक रिएक्शन पर काम करना होगा। आइए जानते हैं कैसे?

  • बहस के बीच जब पुरानी बातें याद आएं, तो 10 सेकंड का पॉज लें और लंबी सांस लें।
  • खुद से पूछें कि मैं अभी की बात पर रिएक्ट कर रही हूं या पुरानी चोट पर?
  • जब नर्वस सिस्टम शांत होगा, तभी दिमाग साफ सोचेगा। पानी पिएं, थोड़ा टहल लें, फिर बात करें।

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क्या पुरानी चैट पढ़ने से खराब होगा रिश्ता?

अगर यह चीज कभी-कभी होती है, तो पुरानी चैट को पढ़ना ठीक है, लेकिन अगर ऐसा अक्सर होता है, तो पार्टनर मन ही मन पुरानी गलतियों का हिसाब-किताब रखने लगता है और हर लड़ाई में वही बातें सामने आती हैं, जिससे रिश्ता धीरे-धीरे कमजोर हो जाता है।

नोट- याद रखिए, पुरानी बातें याद आना आपकी कमजोरी नहीं, आपके दिमाग का आपको बचाने का तरीका है। बस इस तरीके को समझकर आप इसे कंट्रोल कर सकती हैं।

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