भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा का उत्सव ओडिशा के पुरी में बड़े में बड़े धूमधाम, उत्साह और जोश के साथ मनाया जाता है। हालांकि, अब यह त्योहार न केवल इस शहर में बल्कि पूरे देश में सेलिब्रेट किया जाता है। प्रत्येक वर्ष आषाढ़ शुक्ल द्वितीया से इसका रथ यात्रा की शुरुआत होती है। इस खास मौके पर घरों में अलग ही रौनक देखने को मिलती है। यह पावन अवसर बच्चों को संस्कृति के महत्व के बारे में आसानी से समझना चाहती हैं, तो यह पर्व अच्छा मौका बन सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अक्सर बच्चे किताबी बातों से जल्दी बोर हो जाते हैं, लेकिन अगर उन्हें खेल-खेल में कुछ सिखाया जाए, तो वह बहुत जल्दी सीख जाते हैं। आज के इस लेख में हम आपको 5 ऐसी आसान और क्रिएटिव एक्टिविटीज के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें बच्चे शौक से करेंगे।
कागज से रथ बनवाएं
अगर आपके बच्चे को क्राफ्ट करना पसंद है, तो आप कागज से रथ बनवा सकती हैं। इसके लिए उन्हें पुराने कार्डबोर्ड बॉक्स, रंगीन कागज, आइसक्रीम स्टिक्स और बेकार पड़े ढक्कनों की मदद से एक छोटा सा रथ बनाने के लिए कह सकती हैं। इस एक्टिविटी के बहाने आप उन्हें भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा जी के तीन अलग-अलग रथों के नाम और उनकी खासियतें बता सकती हैं।
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जगन्नाथ जी की पेंटिंग या स्केचिंग कराएं
बच्चों को भगवान जगन्नाथ जी का चित्र बनाने या उसमें रंग भरने के लिए कहें। जगन्नाथ जी का रूप बेहद अनोखा और बड़े-बड़े गोल नेत्रों वाला होता है, जिसे बनाना बच्चों के लिए काफी आसान और मजेदार होता है। वाटर कलर या क्रेयॉन्स का इस्तेमाल करके जब वे इसे बनाएंगे, तो उनका ध्यान भगवान के इस सुंदर स्वरूप पर होगा।
रथ यात्रा की कहानियों का स्टोरी टेलिंग की तरह करें शामिल
रात को सोने से पहले या शाम के समय बच्चों के लिए एक छोटी सी कहानी की महफिल जमाएं। उन्हें बताएं कि भगवान जगन्नाथ अपनी मौसी के घर (गुंडिचा मंदिर) क्यों जाते हैं, यह यात्रा क्यों निकाली जाती है और ओडिशा के पुरी शहर में इसका क्या महत्व है। कहानियों के जरिए बच्चे अपनी संस्कृति को जल्दी और हमेशा के लिए याद रख पाते हैं।
मौसी के घर के लिए बनाएं भोग
रथ यात्रा के दौरान भगवान को विभिन्न प्रकार के छप्पन भोग लगाए जाते हैं। आप बच्चों को बिना आग के बनने वाली चीजें जैसे नारियल के लड्डू, पंचामृत या फ्रूट चाट बनाने में अपने साथ शामिल कर सकती हैं। उन्हें बताएं कि भगवान को भोग लगाना और प्रसाद बांटने का हमारी परंपरा में क्या महत्व है।
घर के आंगन में निकालें छोटी रथ यात्रा
आपका बच्चा जब रथ बना लें, तो उसमें भगवान की छोटी मूर्ती या तस्वीर रखें। इसके बाद शाम के समय घर के सभी सदस्य इकट्ठा होकर शंख, घंटी और मंजीरे बजाएं और बच्चे को घर के आंगन या बालकनी में उस छोटे से रथ को खींचने के लिए कहें। इससे बच्चे को समझ आएगा कि रथ यात्रा कैसी होती है।
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इन सभी एक्टिविटी को शामिल करके आप अपने बच्चे को जगन्नाथ रथ यात्रा के बारे में आसानी से समझा सकती हैं। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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