नए शहर में शिफ्ट होना मजेदार और रोमांच से भरा होता है, लेकिन अपनों से दूर होने पर अकेलापन महसूस होना भी लाजमी है। आस-पास जब कोई पुराना परिचित या दोस्त नहीं होता, तो वह जगह खाली और अजीब लगती है। ऐसे में उदास होने के बजाय खुद को संभालने की कोशिश करें। साथ ही नए शहर में ढलने और लोगों से घुलने-मिलने के लिए बातचीत की जरूरत होती है। हालांकि, सोशल सर्कल तैयार करने में थोड़ा समय जरूर लगता है। मगर कुछ तरीकों को आजमाकर आप सच्चे दोस्त बना सकती हैं।

इन 7 तरीकों से बनाएं सच्चे दोस्त

नए शहर में अकेलापन दूर करने और सच्चे दोस्त बनाने के लिए किसी पर भी आंख बंद करके भरोसा करने की जल्दबाजी न करें। अच्छी और पॉजिटिव सोच के साथ लोगों से मिलें और अपनी तरफ से पहल करें। जब आप खुद दूसरों के लिए एक अच्छे और मददगार दोस्त बनेंगे, तो आपको भी ऐसे ही सच्चे साथी जरूर मिलेंगे।

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अपनी पसंद की हॉबी क्लास से जुड़ें

नई जगह पर दोस्त बनाने का सबसे बेहतरीन तरीका है कि आप अपनी पसंद की किसी गतिविधि या क्लास का हिस्सा बनें। आप डांस, पेंटिंग, कुकिंग, जुम्बा या योगा क्लास ज्वाइन कर सकती हैं। जब आप ऐसी जगह जाती हैं जहां आपकी जैसी रुचियों वाले लोग मिलते हैं, तो बातचीत शुरू करना बहुत आसान हो जाता है। धीरे-धीरे साथ समय बिताने से आपसी बॉन्डिंग मजबूत होने लगती है और एक अच्छी दोस्ती की शुरुआत हो जाती है।

सोशल मीडिया और लोकल कम्युनिटी ग्रुप्स की मदद लें

आज के डिजिटल दौर में दोस्त बनाना पहले से काफी आसान हो गया है। आप अपने नए शहर के फेसबुक ग्रुप्स, इंस्टाग्राम पेज या मीटअप जैसी ऐप्स का इस्तेमाल कर सकती हैं। इन प्लेटफॉर्म पर अक्सर शहर में नए आए लोगों या महिलाओं के क्लब्स की मीटिंग्स होती रहती हैं। आप इन कम्युनिटी इवेंट्स में हिस्सा लेकर अपने आस-पास के उन लोगों से जुड़ सकती हैं जो आपकी तरह ही नए दोस्त बनाने की तलाश में हैं।

पड़ोसियों से बातचीत करें

पहले की तरह आज भी पड़ोसी सबसे पहले और नजदीकी मददगार साबित हो सकते हैं। अपने आस-पास के घरों में रहने वाले लोगों से मिलें, बात करें और कभी-कभार मदद करें। त्योहारों या खास अवसरों पर घर की बनी कोई मिठाई उनके साथ शेयर करें। पड़ोसियों के साथ अच्छे रिश्ते होने से न केवल आपका अकेलापन दूर होता है बल्कि जरूरत के वक्त अपनापन भी मिलता है।

वर्कप्लेस या कॉलेज के साथियों के साथ बाहर जाएं

अगर आप ऑफिस जाती हैं या पढ़ाई करती हैं, तो अपने सहकर्मियों या क्लासमेट्स के साथ केवल काम तक सीमित न रहें। लंच ब्रेक के दौरान साथ समय बिताएं, उनके विचारों को समझें और ऑफिस के बाद की छोटी-मोटी गतिविधियों या कॉफी प्लान में शामिल हों। कार्यस्थल के लोग आपके रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा होते हैं, इसलिए उनके साथ खुलकर बातचीत करने से बहुत जल्द ही अच्छी और गहरी दोस्ती हो जाती है।

वीकडे या वीकेंड पर वर्कशॉप और इवेंट्स अटेंड करें

शहर में होने वाली अलग-अलग वर्कशॉप, बुक रीडिंग क्लब, लिटरेचर फेस्ट या आर्ट एग्जीबिशन में हिस्सा लें। ऐसी जगहों पर हमेशा ऐसे लोग आते हैं जो कुछ नया सीखने और सामाजिक दायरे को बढ़ाने के इच्छुक होते हैं। यहां खुलकर अपनी बात रखने और दूसरों के विचार सुनने का मौका मिलता है, जिससे समान विचारधारा वाले लोगों से मिलना और उनसे दोस्ती करना बहुत सहज हो जाता है।

अपनी इच्छा से सामाजिक कार्य करें

किसी एनजीओ, ओल्ड ऐज होम, एनिमल शेल्टर या चैरिटी ट्रस्ट के साथ जुड़कर वॉलंटियरिंग करना दिल को सुकून देने के साथ-साथ अच्छे दोस्त बनाने का जरिया है। जब आप निस्वार्थ भाव से समाज सेवा के लिए काम करती हैं, तो वहां आपकी मुलाकात ऐसे दयालु और सकारात्मक स्वभाव के लोगों से होती है जो जीवन में अच्छे मूल्यों को महत्व देते हैं। ऐसे लोगों के साथ बनी दोस्ती अक्सर बहुत सच्ची और आजीवन टिकने वाली होती है।

सब्र रखें और निमंत्रण को स्वीकार करें

नए शहर में दोस्त बनने में थोड़ा वक्त लग सकता है, इसलिए निराश बिल्कुल न हों। जब भी आपको किसी पड़ोसी, सहकर्मी या जान-पहचान के व्यक्ति की तरफ से छोटी-सी पार्टी, चाय या डिनर का निमंत्रण मिले, तो मना न करें और उसमें जरूर शामिल हों। लोगों के बीच उठना-बैठना शुरू करने से लोग आपको जानने और पसंद करने लगते हैं।

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अगर आप भी पढ़ाई या नौकरी के लिए नए शहर मे शिफ्ट हो रही हैं, तो ये तरीके आपकी मदद कर सकते हैं। अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।

 Image Credit-Maginifc