एक बच्चे की परवरिश करने के बाद जब आप दूसरी बार माता-पिता बनने का फैसला लेते हैं, तो यह सफर बेहद खूबसूरत होता है। पहली बार पेरेंटिंग करते समय अक्सर अनुभव की कमी या लोगों के दबाव में आकर कई ऐसी गलतियां हो जाती हैं, जो बच्चे और माता-पिता दोनों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। समझदारी इसी में है कि पुरानी कमियों से सीख लेकर दूसरी बार की पेरेंटिंग को अधिक सुखद और तनावमुक्त बनाया जाए। प्रेमा राजेश झा ने अपने निजी अनुभव से साझा किया कि कैसे उन्होंने पहली बार की पेरेंटिंग की गलतियों को पहचानकर दूसरी बार अधिक बेहतर परवरिश की। इसके लिए हमने राणा हॉस्पिटल बुलंद गायनोकॉलोजिस्ट डॉ. नैंसी गर्ग से भी सलाह ली है। जानते हैं आगे...

पहली पेरेंटिंग की आम गलतियां

प्रेमा राजेश झा के मुताबिक, पहली बार मां बनने के उत्साह और जिम्मेदारी में उनसे कई भूल हुईं। सबसे बड़ी गलती हर किसी की बिना सोचे-समझे दी गई परवरिश की सलाह को मान लेना थी। 

इसके अलावा, बेबी की देखभाल को लेकर हर वक्त बेवजह का स्ट्रेस और खुद को पूरी तरह नजरअंदाज कर देना भारी पड़ा। पहली पेरेंटिंग के दौरान वे बच्चे की टाइमिंग के साथ अपनी नींद पूरी नहीं कर पाती थीं, शिशु को जरूरत से ज्यादा फीड करा देती थीं और सुरक्षा की चिंता में बच्चे को एक्टिव रखने के बजाय हर वक्त सुलाए रखती थीं। डिलीवरी के तुरंत बाद शरीर को बिना पूरा समय दिए घर और बच्चे की जिम्मेदारी का भारी दबाव लेना उनकी शारीरिक कमजोरी का कारण बना।

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दूसरी बार पेरेंटिंग करने के फायदे

जब प्रेमा ने दूसरी बार पेरेंट बनने का सफर शुरू किया, तो उन्होंने पुरानी गलतियों से सीख लेते हुए कोई रिस्क नहीं लिया। दूसरी बार पेरेंटिंग का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि आपके पास पहले से ही अनुभव होता है। इस बार प्रेमा ने इधर-उधर के लोगों की बातें सुनने के बजाय सीधे अपनी पुरानी डॉक्टर और एक्सपर्ट की गाइडेंस पर भरोसा किया। उन्हें पता था कि बच्चे का रूटीन कैसे सेट करना है और कब सतर्क रहना है। इस बार वे बच्चे की सुरक्षा को लेकर बेवजह तनाव में नहीं रहीं, बल्कि शांत मन से बच्चे की हर गतिविधि का आनंद लिया। पुराना अनुभव होने के कारण वे खुद को और बच्चे दोनों को बेहतर तरीके से संभाल पाईं।

एक्सपर्ट की राय

नवजात शिशु की इम्युनिटी बहुत कमजोर होती है, इसलिए इंफेक्शन से बचाव के लिए हर किसी को बच्चा पकड़ने न दें। बच्चे की देखभाल के चक्कर में अपनी नींद और पौष्टिक डाइट से समझौता न करें। बाहर के अनहेल्दी खाने से पूरी तरह परहेज करें।

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Images: magnific