हम सभी को खाना बनाने का बहुत शौक होता है। हमारे रसोई में तरह-तरह की चीजें बनाई जाती हैं, लेकिन कुछ सब्जियां ऐसी होती हैं जिन्हें खाने से पेट में गैस, भारीपन या पेट फूलने की समस्या होने लगती है। आयुर्वेद में इसे बादीपन कहा जाता है। लौकी, गोभी, राजमा, छोले, काले चने जैसी सब्जियों में बादीपन ज्यादा होता है। वहीं, कुछ दालें भी बादी होती हैं। यही वजह है कि कुछ लोग इसे खाने से बचते हैं।
हालांकि, ऐसा बिल्कुल नहीं है कि इन्हें खाना छोड़ दिया जाए। मेरी दादी ने बताया कि कुछ आसान तरीके अपनाकर इनका बादीपन कम किया जा सकता है। जी हां, हमारे रसोई में कुछ ऐसे मसाले रख हैं जिनका इस्तेमाल करने से बादीपन का असर कम हो सकता है। आइए जानते हैं-
खाना बनाते समय डालें हींग
अगर आप सब्जियों और दालों का बादीपन कम करना चाहती हैं, तो हींग से बढ़िया तरीका कुछ हो ही नहीं सकता है। ये सबसे आसान और सस्ता तरीका है। इसके लिए जब आप खाना बनाएं तो उसी समय सिर्फ एक चुटकी हींग का तड़का लगा दें। इससे खाने का स्वाद तो बढ़ेगा ही, साथ ही बादीपन का असर भी कम हो सकता है।
यह भी पढ़ें- Onion Recipes: गर्मियों में रोज लौकी-भिंडी खाकर हो गई हैं बोर? प्याज से बना लें 3 तरह की स्वादिष्ट सब्जी
इन सब्जियों में जरूर करें हींग का इस्तेमाल
- फूलगोभी
- पत्तागोभी
- राजमा
- छोले
- उड़द दाल
- काले चने
- अरबी
यह भी पढ़ें- Homemade Fruit Candy: बच्चों के लिए फलों से घर पर बनाएं 2 तरह की कैंडी, बाजार वाली खरीदना भूल जाएंगे
जीरा भी कर सकता है मदद
हींग के साथ जीरा भी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। जब आप सब्जी या दाल में तड़का लगाएं, तो एक या आधा चम्मच जीरा जरूर डालें। जीरा भी खाने में सोंधी खुशबू बढ़ाता है। ये डाइजेशन के लिए भी अच्छा माना जाता है।
अदरक का भी कर सकती हैं इस्तेमाल
अगर घर में हींग नहीं है, तो बादीपन का असर कम करने के लिए अदरक का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। कई लोग गैस पैदा करने वाली सब्जियों में थोड़ा कद्दूकस किया हुआ अदरक डाल देते हैं। इससे भी स्वाद बढ़ता है खाने का और पेट फूलने या भारीपन की समस्या भी नहीं होती है।
यह भी पढ़ें- Instant Thick Curd At Home: सिर्फ 20 मिनट में जमाएं एकदम गाढ़ा दही, नोट करें यह आसान ट्रिक
दाल और राजमा को भिगोना भी जरूरी
सिर्फ मसाले ही नहीं, बल्कि पकाने का तरीका भी जरूरी होता है। राजमा, छोले और काले चने जैसी चीजों को रातभर भिगोकर ही पकाना चाहिए। आजकल सोशल मीडिया पर कई वीडियोज देखने को मिल रहे हैं कि कच्चा राजमा, छोला या राजमे को डायरेक्ट कुकर में रखकर पानी डालते हैं और बर्फ के कुछ टुकड़े डालकर उबाल लेते हैं। ये तरीका गलत है।
यह भी पढ़ें- दही-चीनी खाने की परंपरा कब और कैसे शुरू हुई? जानें इतिहास
तो अगर आप भी सब्जियों का बादीपन कम करना चाहती हैं तो ऊपर बताए गए तरीकों काे आजमा सकती हैं। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit- Freepik
