गानों में इमोशंस को बहुत खूबसूरती से पिरोया जाता है। खुशी जाहिर करना हो, प्यार जताना हो या टूटे दिल को अल्फाज देने को, कोई न कोई गाना हमारे जेहन में जरूर आ जाता है। कई ऐसे गाने होते हैं, जिन्हें सुनकर आंखों नम भी हो जाती हैं। 'गजल सम्राट' जगजीत सिंह ने तो कई ऐसे गाने गाए हैं, जिन्हें सुनने के बाद कभी मन भारी हो जाता है और कभी हम यादों की गलियारों में चले जाते हैं। उनका एक ऐसा ही गाना है, जो उन्होंने अपने बेटे के निधन के बाद उसकी याद में गाया था और इसे सुनकर ऐसा लगता है मानो उन्होंने अपना दिल निकालकर रख दिया था। 28 साल बाद भी यह गाना हम जब भी सुनते हैं, तो आंखें नम हो जाती हैं और हर वो इंसान जिसे किसी अपने को खोया है, वो मानो उसे याद करने लगता है। चलिए आपको बताते हैं कि यह गाना कौन-सा है?

बेटे की याद में जगजीत सिंह ने गाया था 'चिट्ठी न कोई संदेश...'

जगजीत सिंह के गाने 'चिट्ठी न कोई संदेश' को उनके सबसे इमोशनल और सैड सॉन्ग में गिना जाता है। यह साल 1998 में रिलीज हुई 'दुश्मन' का गाना है और इसे काजोल पर फिल्माया गया था। इस गाने में काजोल अपनी बहन के जाने के गम में रो रही थीं, लेकिन असल में यह गाना रिकॉर्ड करते वक्त जगजीत सिंह के दिल में भी एक दर्द था, उनके बेटे को खोने का दर्द। इस गाने को सुनते वक्त आप उनकी आवाज के दर्द को साफ महसूस कर पाएंगे। इस गाने के बोल आनंद बक्शी ने लिखे थे और उत्तम सिंह ने म्यूजिक दिया था।

बेटे के निधन के काफी वक्त बाद गाया था यह गाना

जगजीत सिंह और उनकी पत्नी चित्रा सिंह दोनों एक वक्त पर एक से बढ़कर एक गानों में आवाज दिया करते थे, लेकिन बेटे की मौत के बाद चित्रा सिंह ने गाना छोड़ दिया था। बता दें कि जगजीत सिंह और चित्रा सिंह के इकलौते बेटे विवेक की केवल 20 साल की उम्र में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। 1990 में इस दुखद घटना के बाद जगजीत सिंह ने लगभग एक साल तक गाना नहीं गाया था और खामोशी से दोस्ती कर ली थी। हालांकि, साल 1991 में उन्होंने कुछ एल्बम्स में आवाज दी। इसके बाद उन्होंने 4 मिनट 49 सेकेंड का यह ऐसा सैड सॉन्ग गाया, जिसमें उनकी आवाज में दर्द साफ झलक रहा था और शायद यही वजह है कि यह गाना अमर हो गया।

इस गजल को गाते हुए मिली थी बेटे की मौत की खबर

मशहूर गजल गायक जगजीत सिंह एक महफिल में 'दर्द से मेरा दामन भर दे, दिल को मेरे और तड़पा दे' गजल गा रहे थे, तभी उन्हें अपने जवान बेटे की मौत की खबर मिली थी। बताया जाता है कि महफिल खत्म होने वाली थी और तभी अभिनेत्री अंजू महेंद्रू ने उनसे इस गजल को गाने की फरमाइश की थी और उसी समय उन्हें खबर मिली कि लंदन में सड़क हादसे में उनके बेटे की मौत हो गई है।


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