राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर की फिल्म 'आराधना' की गिनती हिंदी सिनेमा की एवरग्रीन फिल्मों में की जाती है। इस फिल्म की कहानी, इसके गाने और इन दोनों की केमिस्ट्री को फैंस ने खूब प्यार दिया था। राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर को इस फिल्म के लिए कई अवॉर्ड्स भी मिले थे, लेकिन क्या आपको पता है कि फिल्म 'आराधना' के लिए शर्मिला टैगोर पहली पसंद नहीं थीं, बल्कि यह फिल्म पहले आशा पारेख को ऑफर हुई थी। आशा पारेख की गिनती उस दौर की सबसे ज्यादा फीस लेने वाली एक्ट्रेसेस में की जाती थी, लेकिन उन्होंने एक खास वजह से इस फिल्म को करने से मना कर दिया था। चलिए आपको बताते हैं कि इसके पीछे क्या वजह थी?

आशा पारेख ने इस वजह से ठुकरा दी थी फिल्म 'आराधना'

'आराधना' फिल्म साल 1969 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में राजेश खन्ना और शर्मिला टैगोर लीड रोल में थे। यह फिल्म साल 1946 में आई फिल्म 'टू ईच हिज ओन' पर आधारित थी। इस फिल्म के लिए मेकर्स की पहली पसंद आशा पारेख थीं, लेकिन फिल्म की कहानी के अनुसार आशा पारेख को सेकेंड हाफ में एक बड़े बेटे की मां का रोल निभाना था और वह जवानी के दौर में ऐसा रोल नहीं करना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने इस फिल्म को ठुकरा दिया।

 

बता दें कि इस फिल्म में राजेश खन्ना डबल रोल (पिता और बेटे) के रोल में थे। बाद में यह फिल्म शर्मिला टैगोर को ऑफर हुई और यह जोड़ी सुपरहिट रही। हालांकि, इसी फिल्म के डायरेक्टर शक्ति सामंत की फिल्म 'कटी पतंग' में आशा पारेख ने राजेश खन्ना के साथ काम किया और वो फिल्म भी काफी हिट रही थी।

'आराधना' फिल्म ने रचा था इतिहास


'आराधना' फिल्म ने बड़े परदे पर इतिहास रच दिया था। यह फिल्म थियेटर्स में लगभग 75 हफ्तों तक चली थी और फिल्म ने अपने बजट से कई गुना ज्यादा कमाई की थी। बताया जाता है कि फिल्म का बजट लगभग 4 करोड़ रुपये थे और फिल्म ने 17 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था। इस फिल्म के गाने 'रूप तेरा मस्ताना', 'बागों में बहार है', 'मेरे सपनों की रानी' और 'कोरा कागज था ये मन मेरा' आज भी लोगों के पसंदीदा ट्रैक्स हैं।

 

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