आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और नकारात्मक भावनाएं बहुत आम हो चुकी हैं। खासकर महिलाओं पर घर, परिवार और करियर की जिम्मेदारियों का दोहरी दबाव होता है। ऐसे में कई बार मन में नकारात्मक विचार आने लगते हैं। इन मानसिक चुनौतियों से निपटने के लिए "एक्सेप्टेंस एंड कमिटमेंट थेरेपी" यानी ACT थेरेपी एक बेहद कारगर तरीका बनकर उभरा है। यह थेरेपी आपको अपनी भावनाओं से लड़ने के बजाय उन्हें स्वीकार करना सिखाती है, ताकि आप अपने जीवन के मूल्यों के अनुसार एक बेहतर दिशा चुन सकें। ऐसे में इसके बारे में पता होना जरूरी है। इसके लिए हमने कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं, इनके बारे में...
क्या है एक्सेप्टेंस एंड कमिटमेंट थेरेपी (ACT)?
ACT एक तरह की मनोचिकित्सा है। इसका मुख्य मकसद नकारात्मक विचारों और भावनाओं को बदलने के बजाय उनके साथ सही तालमेल बिठाना है। यह थेरेपी दो मुख्य बातों पर काम करती है-
- स्वीकार करना (Acceptance): यह समझना कि किसी मुश्किल परिस्थिति में उदासी या गुस्सा महसूस होना बिल्कुल स्वाभाविक है।
- प्रतिबद्धता (Commitment): अपनी प्राथमिकताओं और मूल्यों के आधार पर जीवन में सकारात्मक बदलाव करने का संकल्प लेना।
अक्सर हमारा दिमाग नकारात्मक विचारों को बार-बार दोहराता रहता है। उदाहरण के लिए, किसी ऑफिस की मीटिंग से पहले अगर आप सोचती हैं कि "मैं बहुत घबरा रही हूं और सब खराब हो जाएगा", तो ACT थेरेपी इस सोच को बदलने में मदद करती है। आप सोचना शुरू करती हैं "घबराहट होना नॉर्मल है, मैं थोड़ी प्रैक्टिस कर लेती हूं ताकि बेहतर प्रदर्शन दे सकूं।"
किन मानसिक समस्याओं में मददगार है यह थेरेपी?
ACT थेरेपी कई तरह की मानसिक समस्याओं और बीमारियों के मैनेजमेंट में असरदार है-
- तनाव और अत्यधिक चिंता (Anxiety)
- डिप्रेशन और उदासी
- ईटिंग डिसऑर्डर और ओसीडी (OCD)
- पुराना आघात या पीटीएसडी (PTSD)
- किसी गंभीर या पुरानी बीमारी के कारण होने वाला मानसिक तनाव
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ACT कैसे काम करता है?
यह थेरेपी व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है। इसके 6 प्रमुख स्टेप्स हैं-
- स्वीकार करना (Acceptance): हर तरह की अच्छी या बुरी भावनाओं को बिना खुद को कोसे स्वीकार करना।
- विचारों से दूरी बनाना (Cognitive Defusion): यह समझना कि विचार केवल मन के ख्याल हैं, कोई अंतिम सच नहीं।
- वर्तमान में जीना (Being Present): भविष्य की बेवजह चिंता छोड़ केवल आज पर ध्यान देना।
- खुद को समझना (Self-as-context): यह महसूस करना कि आपकी पहचान आपके दुखों या विचारों से कहीं बड़ी है।
- अपने मूल्यों को तय करना (Values): यह तय करना कि आपके लिए जीवन में वास्तव में क्या महत्वपूर्ण है।
- लक्ष्य के लिए काम करना (Committed Action): अपने मूल्यों से मेल खाने वाले ठोस कदम उठाना।
ACT थेरेपी से मिलने वाले फायदे
एक्सेप्टेंस एंड कमिटमेंट थेरेपी से आपको कई तरह के फायदे हो सकते हैं-
- मानसिक स्पष्टता और शांति मिलती है।
- डिप्रेशन, घबराहट और तनाव के लक्षण कम होते हैं।
- मुश्किल परिस्थितियों में सही फैसले लेने की क्षमता बढ़ती है।
- जीवन की क्वालिटी और काम करने की क्षमता में सुधार होता है।
निष्कर्ष
ACT थेरेपी आपको भावनाओं से भागना नहीं, बल्कि उनके साथ तालमेल बिठाकर आगे बढ़ना सिखाती है। महिलाओं के लिए अपनी मानसिक सेहत को प्राथमिकता देना बेहद जरूरी है।
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