अक्सर आपने नोटिस किया होगा कि महिलाएं किसी अनजान व्यक्ति के व्यवहार, उसकी नजर या उसके इरादों को पुरुषों की तुलना में बहुत जल्दी भांप लेती हैं। आम बोलचाल में इसे सिक्स्थ सेंस, जिसे छठी इंद्री या वुमेंस इंट्यूशन कहा जाता है। साइंस और न्यूरोलॉजी के अनुसार, यह कोई अंधविश्वास नहीं है, बल्कि महिलाओं के दिमाग की एक बेहद खास प्रणाली है। महिलाएं किसी अजनबी के आने पर उसके हाव-भाव और माहौल में होने वाले सूक्ष्म बदलावों को तुरंत डिकोड कर लेती हैं, जो उन्हें आने वाले खतरे के प्रति सचेत भी कर सकता है। इसके लिए हमने कोच, हीलर, लाइफ अल्केमिस्ट और साइकोथेरेपिस्ट डॉ. चांदनी तुगनैत (Dr. Chandni Tugnait) से भी बात की है। जानते हैं इसके बारे में...
महिलाएं इरादे इतनी जल्दी क्यों भांप लेती हैं?
University of Pennsylvania की एक रिसर्च के अनुसार, महिलाओं के दिमाग के दोनों हिस्सों को जोड़ने वाला हिस्सा कॉर्पस कलोसम कहलाता है, जो ज्यादा जुड़ाव वाला होता है। यही कारण है कि महिलाएं भावनाओं को बहुत तेजी से एक साथ प्रोसेस कर पाती हैं।
इसके अलावा, इसके पीछे इवोल्यूशनरी कारण भी हैं। सदियों से महिलाओं पर अपने बच्चों की सेफ्टी जिम्मेदारी रही है। बच्चे बोल नहीं सकते, इसलिए उनके हाव-भाव को समझने की आर्ट महिलाओं के डीएनए में शामिल हो गई।
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सिक्स्थ सेंस के क्या फायदे हैं?
- इससे महिलाओं को किसी भी असुरक्षित माहौल के बारे में पहले से ही पता चल जाता है।
- पर्सनल औ प्रोफेशनल लाइफ में भी लोगों के छिपे हुए इरादों को पहचान लेने से महिलाएं धोखेबाज इंसानों से बच जाती हैं।
- यह सेंस महिलाओं को अपनों के बिना कहे ही उनकी तकलीफ या मानसिक स्थिति को समझने में मदद करता है।
एक्सपर्ट की राय
महिलाओं को कभी भी अपने इस गट फीलिंग को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कई बार लोग क्या सोचेंगे के चक्कर में महिलाएं अपने इस अलार्म को अनदेखा कर देती हैं, जो कि गलत है।
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