आज के वक्त में फोन हम सभी की जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गया है। सुबह आंख खुलते ही जब तक सारे नोटिफिकेशन चेक न कर लें और सोशल मीडिया स्क्रॉल न कर लें, मानो कुछ अधूरा सा लगता है। काफी लोगों के लिए फोन कहीं न कहीं दुनिया से जुड़े रहने का एक तरीका बन गया है, इसमें बेशक कुछ गलत नहीं है, लेकिन बार-बार नोटिफिकेशन चेक करना, फोन की स्क्रीन को बेवजह बार-बार अनलॉक करके देखना कि कहीं कोई मैसेज या कॉल तो मिस नहीं हो गया है, यह सिर्फ एक आदत नहीं, बल्कि एंग्जायटी का संकेत हो सकता है। चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से समझते हैं। यह जानकारी Dr. Naveen Kumar Dhagudu is a Senior Consultant Psychiatrist, Yashoda Hospitals, Hyderabad दे रहे हैं।
क्या बार-बार नोटिफिकेशन चेक करना एंग्जायटी का संकेत है?
लगातार नोटिफिकेशन चेक करना एक सामान्य आदत बेशक एक सामान्य आदत हो सकती है, लेकिन कुछ मामलों में, यह एंग्जायटी का संकेत है। हर नोटिफिकेशन एक तरह की उत्सुकता पैदा करता है और दिमाग के 'रिवॉर्ड सिस्टम' को कुछ पल के लिए सक्रिय कर सकता है। इससे व्यक्ति बार-बार अपना फोन चेक करने के लिए प्रेरित होता है, भले ही कोई जरूरी मैसेज न हो। अगर कोई व्यक्ति अपना फोन न देख पाने पर बेचैनी, घबराहट या चिंता महसूस करता है, तो यह महज एक आदत न होकर, अंदरूनी एंग्जायटी का संकेत हो सकता है।
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लोग बार-बार क्यों चेक करते हैं नोटिफिकेशन?
लोग बार-बार नोटिफिकेशन इसलिए भी चेक कर सकते हैं क्योंकि उन्हें डर होता है कि कहीं कोई जरूरी जानकारी उनसे मिस जा हो जाए, कहीं उन्हें किसी चीज से बाहर न कर दिया जाए, किसी को निराश न कर दें या कोई बुरी खबर न मिल जाए। समय के साथ, इसका असर एकाग्रता, नींद, वर्क लाइफ और निजी रिश्तों पर पड़ सकता है। बार-बार फोन चेक करने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को 'एंग्जायटी डिसऑर्डर' है। ऐसा काम के दबाव, सोशल मीडिया की आदतों, बोरियत या लगातार डिजिटल अलर्ट मिलने की वजह से भी हो सकता है।
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हर कुछ देर में फोन चेक करने की आदत कैसे बदलें?
सबसे पहले इसे लेकर खुद से कुछ सवाल पूछें, मसलन ऐसा कितनी बार हो रहा है...क्या आप बार-बार फोन चेक करने के आदी हो जा रहे हैं....क्या इस आदत को नियंत्रित करना मुश्किल लग रहा है और क्या यह रोजमर्रा की जिंदगी में रुकावट डाल रही है? इसके बाद इस आदत को बदलने के लिए कुछ आसान तरीके अपनाएं।
- अनावश्यक अलर्ट बंद कर दें
- खाना खाते समय या सोने से पहले फोन को दूर रखें
- मैसेज चेक करने के लिए एक तय समय निर्धारित करें।
- स्क्रीन से नियमित ब्रेक लें और माइंडफुल ब्रीदिंग करें।
एक्सपर्ट की सलाह कब है जरूरी?
अगर बार-बार फोन चेक करने के साथ-साथ लगातार चिंता, चिड़चिड़ापन, नींद की समस्याएं या रोजमर्रा के कामों में कठिनाई महसूस हो रही है, तो सही जांच और मदद के लिए किसी मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल (मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ) से सलाह लें।
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