"पहले तो मुझे पीरियड में इतना तेज दर्द नहीं होता था...लेकिन अब तो क्रैम्प्स मानो जान निकाल लेते हैं, ऐसा क्यों होने लगा है?" अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है, तो यहां हम डॉक्टर सोनू खोखर, एमबीबीएस, हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट (Dr. Sonu Khokhar, MBBS, Health and Wellness Expert) से हुई बातचीत के आधार पर आपके सवाल का सही जवाब लेकर आए हैं। पीरियड साइकिल में अचानक किसी तरह का बदलाव सामान्य नहीं होता है, इसके पीछे कोई न कोई कारण जरूर होता है। ऐसे में अगर आपको फ्लो, दर्द या मेंस्ट्रुअल साइकिल से जुड़ी अन्य किसी चीज में बदलाव नजर आए, तो इस पर जरूर ध्यान दें। अगर आपको पीरियड में पहले दर्द नहीं होता था, लेकिन अचानक होने लगा है, तो इसके पीछे क्या कारण हो सकते हैं, चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं।

पहले पीरियड्स में दर्द नहीं होता था, अब क्यों होने लगा?

अगर आपको पहले बिना दर्द के पीरियड्स होते थे, लेकिन अब अचानक पीरियड्स में तेज दर्द होता है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं।

1. हार्मोनल बदलाव हो सकते हैं वजह

पीरियड्स के दौरान यूट्रस अपनी अंदरूनी परत को बाहर निकालने के लिए सिकुड़ता है। इसमें प्रोस्टाग्लैंडिन्स की अहम भूमिका होती है। इनका लेवल ज्यादा होने पर गर्भाशय में संकुचन तेज हो सकते हैं, जिससे पेट के निचले हिस्से में दर्द और ऐंठन महसूस होती है। वक्त और उम्र के साथ होने वाले हार्मोन्स और पीरियड्स के पैटर्न में बदलाव के चलते पीरियड में दर्द होने लगता है। अगर दर्द पहले की तुलना में काफी ज्यादा हो गया है, तो डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

2. एंडोमेट्रियोसिस भी हो सकता है कारण

अगर पीरियड्स के दौरान पहले हल्का दर्द होता था, लेकिन अब दर्द असहनीय होने लगा है, तो एंडोमेट्रियोसिस भी इसकी एक वजह हो सकती है। इस स्थिति में गर्भाशय की अंदरूनी परत जैसी सेल्स गर्भाशय के बाहर बढ़ने लगती हैं। इससे पीरियड्स के दौरान तेज दर्द और पेल्विक पेन होता है।

3. यूट्रस में फाइब्रॉएड

गर्भाशय में फाइब्रॉएड यानी गांठें होने पर कुछ महिलाओं को पीरियड्स में अधिक दर्द और ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है। ऐसे में अगर अचानक से पीरियड्स में तेज दर्द होने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार पेल्विक जांच या अल्ट्रासाउंड की सलाह दे सकते हैं।

4. तनाव और लाइफस्टाइल भी हो सकता है जिम्मेदार

पीरियड्स में अचानक तेज दर्द होने के पीछे तनाव, नींद की कमी और रोजमर्रा के रूटीन में बदलाव भी जिम्मेदार हो सकता है। सही फिजिकल एक्टिविटी, मेडिटेशन, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार से कुछ महिलाओं को राहत मिल सकती है।

पीरियड्स के दर्द में डॉक्टर को कब दिखाएं?

अगर पीरियड्स का दर्द अचानक बढ़ गया है, हर महीने तेज दर्द की वजह से रूटीन के काम करने में भी मुश्किल होने लगी है, तो आपको डॉक्टर को जरूर दिखना चाहिए। अगर दर्द के साथ हैवी ब्लीडिंग हो, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

 

हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Image Credit:Freepik, Shutterstock