पीरियड्स के दिनों में अक्सर आपके साथ भी ऐसा होता होगा कि आप किसी छोटी सी बात पर फूट-फूटकर रोने लगती होंगी या फिर कभी आपको एक पल अच्छा महसूस होता होगा और अगले ही मिनट बेचैनी या गुस्सा फील होने लगता है। पीरियड्स और पीएमएस (प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम) के दौरान ऐसा लगभग सभी महिलाओं के साथ होता है। इसे हम आम भाषा में इन दिनों में होने वाले मूड स्विंग्स का नाम दे देते हैं। सोशल मीडिया पर भी आपको इससे जुड़ी कई मीम्स मिल जाएंगी कि कैसे लड़कियां पीरियड्स के दिनों में चिड़चिड़ी हो जाती हैं या फिर कैसे इन दिनों में महिलाओं से सोच-समझकर ही बात करनी चाहिए क्योंकि पता नहीं वो किस बात पर कैसे रिएक्ट कर दें। 
खैर, अगर इस बात को जरा साइड भी करें तो भी ये फैक्ट है कि इन दिनों में महिलाओं का मूड काफी तेजी से बदलता है और कई बार वो खुद भी इसे नहीं समझ पाती हैं। अगर आप सोच रही हैं कि इसमें आपकी कोई गलती है, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है, क्योंकि ये सब तो हार्मोन्स का करा-धरा है। चलिए एक्सपर्ट से जानते हैं कि आखिर इन दिनों में हार्मोन्स हमारे दिमाग के साथ ऐसा क्या करते हैं कि अपने मूड पर हमारा कंट्रोल ही नहीं रहता है? डॉक्टर सोनू खोखर, एमबीबीएस, हेल्थ एंड वेलनेस एक्सपर्ट (Dr. Sonu Khokhar, MBBS Doctor, Health and Wellness Expert) से हुई बातचीत के आधार पर हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं।

पीरियड्स के दिनों में हार्मोन्स दिमाग पर क्या असर डालते हैं?

हार्मोन्स इस तरह करते हैं मूड को प्रभावित

  • पीरियड्स और पीएमएस के दौरान हमारे हार्मोन्स तेजी से ऊपर-नीचे होते हैं और इसकी वजह से सिर्फ मूड ही नहीं, बल्कि और भी कई चीजें प्रभावित होती हैं।
  • पीरियड्स के दौरान और इससे कुछ दिन पहले शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स का स्तर अचानक कम हो जाता है। इन हार्मोन्स का लेवल कम होने के कारण, दिमाग में खुशी देने वाला केमिकल सेरोटोनिन भी कम हो जाता है और आप उदास या चिड़चिड़ा महसूस करती हैं।

हैप्पी हार्मोन्स का लेवल होता है कम

  • सेरोटोनिन हमारे मूड को अच्छा रखने का काम करता है। ऐसे में जब इसका लेवल कम होने लगता है, तो छोटी सी बात पर या कई बार तो किसी पुरानी बात पर भी रोना आने लगता है।
  • इस समय पर दिमाग में हैप्पी हार्मोन्स भी कम होने लगते हैं और इसकी वजह से भी मूड पर असर होता है।

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अधिक संवेदनशील हो जाता है दिमाग

  • एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का संबंध सिर्फ हमारी फर्टिलिटी से नहीं है। ये हार्मोन हमारे मूड पर भी असर डालते हैं। प्रोजेस्टेरोन दिमाग को शांत करने का काम करता है और जब पीरियड्स के दौरान या इससे पहले ये हार्मोन कम होता है, तो दिमाग बेचैन हो जाता है। इस समय पर आपको एंग्जायटी और घबराहट महसूस हो सकती है।
  • इस समय पर हमारा दिमाग काफी सेंसिटिव हो जाता है और इसके चलते भी हम किसी भी बात को अधिक महसूस करने लगते हैं।


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डॉक्टर सोनू का कहना है कि किसी भी महिला को पीरियड से जुड़े हर संकेत पर ध्यान देना चाहिए और किसी भी तरह का बदलाव नजर आने पर तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे।
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