गहने केवल सुंदरता बढ़ाने या फिर उपहार के तौर पर देने के ही काम में नहीं आ रहे है। आज की पीढ़ी इन गहनों को तनावमुक्त रहने का एक साधन समझकर इस्तेमाल कर रही है। आजकल बाजार में ऐसे आभूषण उपलब्ध हैं जिन्हें चिंता और बेचैनी के समय ध्यान दूसरी तरफ ले जाने के लिए डिजाइन किया गया है। कैसे दिखते हैं ये आभूषण और किस तरह से तनाव दूर करने में मदद कर सकते हैं, आइए मनोवैज्ञानिक से जानें...

बाजार में आजकल लोगों को तनावमुक्त रखने के लिए अरोमा कैंडल, बुद्धिस्ट लैंप, एक्यूप्रेशर मैट्स, एसेंशियल ऑयल, हनी स्टिक्स आदि जैसे कई तरह के स्ट्रेस फ्री टूल्स उपलब्ध हैं। इसके साथ ही इन दिनों ऐसे आभूषण भी बिक रहे हैं जिनके बारे में दावा किया जा रहा है कि ये कुछ समय के लिए बाहरी चिंता और तनाव से दूर रहने में मदद करते हैं। ये आभूषण दिखने में सामान्य अंगूठी, कंगन या लॉकेट जैसे होते हैं, लेकिन इनमें घूमने वाला हिस्सा या बीड्स लगी होती हैं। इन्हें घूमाने या छूने से ध्यान एक गतिविधि पर केंद्रित होता है, जिससे व्यक्ति कुछ समय के लिए तनावपूर्ण विचारों से मुक्त हो जाता है।

तनाव कम करने में कैसे मदद करते हैं ये ज्‍वेलरी?

चिंता विरोधी आभूषण या तनावमुक्त ज्वेलरी (जैसे स्पिनर रिंग या ब्रीदिंग पैंडेंट) मुख्य रूप से स्पर्श और ध्यान भटकाने की तकनीक पर काम करती है। दरअसल, तनाव के दौरान किसी की भी धड़कन और सांसों की गति तेज हो सकती है और शरीर तनाव की प्रतिक्रियाएं देने लगता है। ऐसे में किसी भी चीज को घूमाना या छूना ध्यान को वर्तमान स्थिति पर लाने में सहयोग देता है। वहीं, ब्रीदिंग बीड्स के जरिए सांसों पर नियंत्रण आता है।

कैसी दिखती हैं ये ज्वेलरी?

स्पिनर रिंग्स- इन अंगूठियों में एक बाहरी हिस्सा होता है जो स्वतंत्र रूप से घूमता है। तनाव या बेचैनी के समय अंगूठे से इसे घुमाने से ध्यान भटकता है और मानसिक शांति मिलती है।

ब्रीदिंग पैंडेंट- सांस की गति नियंत्रित करने के लिए ऐसे पैंडेंट का प्रयोग किया जाता है। इसके जरिए लंबी और नियंत्रित सांस लेने का अभ्यास होता है, जिससे तंत्रिका तंत्र शांत होता है।

फिगेट बीड्स ब्रेसलेट- इन ब्रेसलेट्स में मोती या छल्ले होते हैं जिन्हें आगे या पीछे खिसकाया जा सकता है। यह हाथ की हलचल के जरिए तनाव कम करने में मदद करते हैं।

अमेथिस्ट- यह बैंगनी रंग का क्रिस्टल ब्रेसलेट या पैंडेंट है, जो मन के डर, बेचैनी और तनाव को दूर करने में मदद करता है।

सोडालाइट - इस नीले रंग के पत्थर के गहने पहनने से भावनात्मक संतुलन और स्पष्ट सोच को बढ़ावा मिलता है। यह शांति का पत्थर , पैनिक अटैक और दिमाग शांत करने में मदद करता है। आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति किसी को शांति, संपदा तोहफे में शुभकामनाओं के साथ देने के लिए एक बेहतरीन गिफ्ट है।

गुलाब-क्वार्ट्ज- यह शुक्र ग्रह से संबंधित रत्न है जो क्रोध और हताशा से लड़ने की क्षमता देता है। यह रत्न निराशा खत्म करता है।

कोपिंग मैकेनिज्‍म है यह आभूषण

अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली की साइकोलॉजी विभाग की सीनियर कंसल्टेंट डॉक्‍टर ज्योति मिश्रा का कहना हैं, ऐसे आभूषण सीधे तौर पर तनाव कम नहीं करते, लेकिन उनका इस्तेमाल ध्यान भटकाने और खुद को शांत करने में मदद कर सकते हैं। तनाव या एंग्जायटी के समय अगर आपके हाथ में फिजेट रिंग, स्पिनिंग बैंड या फिर गले में ब्रीदिंग पैंडेंट है तो इससे कुछ समय के लिए आपको राहत मिल सकती है। इसका कारण यह है कि जब व्यक्ति रिंग घुमाता है या पैंडेंट के साथ अपनी सांस पर ध्यान आकर्षित करता है तब उसका ध्यान कुछ समय के लिए चिंता वाले विचारों से हटकर वर्तमान पल पर आकर रुक जाता है। इससे बेचैनी कम महसूस हो सकती है और व्यक्ति खुद को थोड़ा शांत कर सकता है। इसे एक तरह की छोटी-सी कापिंग टैक्निक कह सकते हैं।

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हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि ऐसी ज्वेलरी एंग्जायटी का पूरा इलाज करती हैं और इसका फायदा हर व्यक्ति को मिले ऐसा जरूरी भी नहीं है। अगर किसी को कभी-कभार तनाव या हल्की घबराहट होती है तो इसका इस्तेमाल मददगार साबित हो सकता है, लेकिन लगातार चिंता, बहुत ज्यादा घबराहट या पैनिक अटैक की समस्या के दौरान केवल ज्वेलरी पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ऐसे मामलों में समस्या की सही वजह समझना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर या मनोचिकित्सक की सलाह लेना ज्यादा जरूरी है।

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Image Credit: myntra

लेखक- सुमन अग्रवाल