सेहतमंद रहने का मतलब सिर्फ फिजिकल हेल्थ नहीं, बल्कि मेंटल हेल्थ का दुरुस्त होना भी होता है। शरीर में विटामिन्स और मिनरल्स का लेवल सही होना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी बॉडी में हार्मोन्स का बैलेंस होना भी है। हार्मोनल इंबैलेंस हमारी पूरी सेहत पर असर डाल सकता है। ऐसे में सेहतमंद रहने के लिए बहुत जरूरी है कि शरीर में हार्मोन्स बैलेंस हों। महिलाओं के शरीर में हार्मोनल इंबैलेंस का असर उनकी फर्टिलिटी ही नहीं, बल्कि पूरी बॉडी पर होता है। हार्मोन्स को बैलेंस करने के लिए सही डाइट और लाइफस्टाइल बहुत जरूरी है। साथ ही दिमाग भी शांत रहना चाहिए। तनाव और एंग्जायटी भी हार्मोन्स को इंबैलेंस कर सकती हैं। यहां हम आपको कुछ ब्रीदिंग एक्सरसाइज के बारे में बता रहे हैं, जो हार्मोन्स को बैलेंस कर सकती हैं। चलिए इस बारे में एक्सपर्ट से जानते हैं। इस बारे में डाइट और फिटनेस एक्सपर्ट मनप्रीत कौर जानकारी दे रही हैं।

बेली ब्रीदिंग (Belly Breathing)

  • बेली ब्रीदिंग एक आसान लेकिन बहुत कारगर ब्रीदिंग टेक्निक है।
  • इसमें सांस लेते समय आपको पेट से सांस लेना है।
  • इसके लिए किसी शांत जगह पर बैठें या पीठ के बल लेट जाएं।
  • शरीर को ढीला छोड़ दें।
  • एक हाथ छाती पर और दूसरा पेट पर रखें।
  • इससे आपको महसूस होगा कि सांस लेते समय कौन सा हिस्सा ज्यादा मूव कर रहा है।
  • धीरे-धीरे नाक से सांस अंदर लें। कोशिश करें कि पेट बाहर की ओर फूले।
  • मुंह या नाक से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। सांस छोड़ते समय पेट को अंदर जाने दें।
  • इसे 5-10 मिनट के लिए करें।
  • इससे स्ट्रेस हार्मोन कोर्टिसोल कम होता है और दिमाग शांत होता है।
  • सोने से पहले बेली ब्रीदिंग करने से मन शांत हो सकता है और नींद अच्छी आती है।
  • इससे मूड स्विंग्स भी कंट्रोल होते हैं।

अनुलोम-विलोम (Anulom-Vilom)

  • आपको किसी शांत जगह पर बैठना है।
  • पद्मासन या सुखासन में बैठें।
  • सबसे पहले आप अपने दाएं नथुने पर दाएं हाथ का अंगूठा रखें।
  • दूसरे नथुने यानी बाएं नथुने से सांस को अंदर की तरफ खींचे।
  • सांस अंदर खीचते ही इस नथुने को बंद कर दें और दाहिने नथुने से अंगूठा हटाकर सांस छोड़ें।
  • अब दाएं नथुने से ही सांस को अंदर की तरफ खींचे।
  • इसे आपको बाएं नथुने से बाहर निकालना है।
  • याद रखें कि आप जिस नथुने से सांस छोड़े, दोबारा आपको उसी से सांस लेनी है।
  • इसे करने से कोर्टिसोल और थायराइड हार्मोन बैलेंस होते हैं।
  • यह दिमाग को शांत करता है।
  • इस आसन को करने से हार्ट और फेफड़ों की हेल्थ भी दुरुस्त होती है।

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4-7-8 ब्रीदिंग (4-7-8 Breathing)

  • कुर्सी पर सीधे बैठ जाएं या आराम से लेट जाएं।
  • कंधों को ढीला रखें और शरीर को रिलैक्स करें।
  • नाक से धीरे-धीरे सांस अंदर लें और मन ही मन 4 तक गिनें।
  • सांस को 7 सेकंड तक रोककर रखें।
  • अब मुंह से धीरे-धीरे 8 सेकंड तक सांस छोड़ें।
  • यह तनाव कम करने में मदद करती है।
  • इससे मन शांत होता है, नींद आने में आसानी होती है और हार्मोन्स बैलेंस होते हैं।

 

 

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एक्सपर्ट का कहना है कि ये ब्रीदिंग एक्सरसाइज हार्मोन्स को बैलेंस करने में मदद कर सकती हैं। महिलाओं को इन्हें रूटीन में शामिल जरूर करना चाहिए। हरजिंदगी के वेलनेस सेक्शन में हम इसी तरह अपने आर्टिकल्स के जरिए स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचाने की कोशिश करते रहेंगे। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।