अकाउंट बैलेंस चेक करना हो, ऑनलाइन खरीदारी के लिए पेमेंट करना हो या किसी को पैसे ट्रांसफर करने हों, ये सभी काम आप मध्यरात्रि में भी कर सकते हैं। एक दशक पहले यह किसी सपने की तरह था। बैंक से जुड़े हर छोटे-बड़े कार्य के लिए सुबह ब्रांच खुलने का इंतजार करना पड़ता था। बैलेंस जानना और पासबुक अपडेट कराना भी इतना आसान नहीं था।
बीते कुछ वर्षों में तकनीक ने जिन क्षेत्रों को सबसे अधिक प्रभावित किया है, उनमें बैंकिंग और पर्सनल फाइनेंस का क्षेत्र सबसे आगे है। आज पासबुक या जरूरी कागजातों के खोने का डर नहीं है, क्योंकि डिजिटल माध्यम में ये पहले से अधिक सुरक्षित हैं। तकनीक की तमाम सुरक्षा परतों के बीच अपनी बचत राशि पर आप हर समय नजर रख सकते हैं। इसमें सेंध या ठगी तभी संभव है, जब कोई आपका यूजरनेम और पासवर्ड हासिल कर ले। इसमें गलती होने की सर्वाधिक आशंका आपकी तरफ से ही रहती है।
अब जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है, जहां पर्सनल फाइनेंस की दुनिया एक बड़ी क्रांति की ओर बढ़ रही है। यह तकनीक पर्सनल फाइनेंस को स्मार्ट ही नहीं, इंटेलिजेंट भी बना रही है। अपने खर्च, बचत और निवेश की जानकारी रखने के साथ-साथ उसका विश्लेषण और बेहतर उपयोग करने के तरीकों को भी आप इससे जान सकते हैं। AI खूबियों वाले टूल्स और ऐप्स सभी खर्चों का विश्लेषण करते हैं, यानी आपने ट्रैवल, शॉपिंग, सब्सक्रिप्शन और ग्रॉसरी में कहां और कितना खर्च किया है, यह सब जानना अब बहुत आसान है। इसके लिए हमने अमित निगम, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एवं सीईओ, फिंडी बैंकिट से भी बात की है।
पेमेंट और सेविंग का ऑटोमेशन
भागदौड़ भरी दिनचर्या में बिल या इंश्योरेंस प्रीमियम का समय पर भुगतान न होना या निर्धारित बचत के लक्ष्य से चूक जाना बहुत ही आम समस्या है। यह भूल अतिरिक्त शुल्क या ब्याज के रूप में आपके लिए अनावश्यक दंड साबित होती है। ऑटोमेटेड सोल्यूशन ऐसे तनावों से मुक्त रखते हैं। आप क्रेडिट कार्ड बिल, लोन EMI, इंश्योरेंस प्रीमियम, SIP और सब्सक्रिप्शन जैसे ट्रांजैक्शन को ऑटोमेट कर सकते हैं।
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बजटिंग और इन्वेस्टिंग का डिजिटल रूप
बैंकिंग, निवेश और पर्सनल बजटिंग का काम डिजिटली बहुत आसानी से किया जा सकता है। AI पावर्ड ऐप्स और टूल्स के जरिए आप अनावश्यक खर्चों को चिन्हित कर उन्हें रोक सकते हैं। इसके लिए अलग से एक्सेल शीट बनाने की भी जरूरत नहीं है। आप पर्सनल मैनेजमेंट टूल्स से खर्च को निर्धारित और सीमित भी कर सकते हैं। अगर निवेश करते हैं, तो हर समय पोर्टफोलियो पर नजर रख सकते हैं। कुल मिलाकर कहें तो मनी मैनेजमेंट का तरीका स्मार्ट हो चुका है।
AI बन रहा है आपका वित्तीय सलाहकार
AI ने मनी मैनेजमेंट को अधिक पर्सनल बना दिया है। इससे फैसले लेने में आसानी हुई है। AI टूल्स आपके लक्ष्य, खर्च की आदतों और रिस्क लेने की क्षमता के आधार पर आपको उपयोगी सलाह देते हैं। हालांकि, फाइनेंस के मामले में हमेशा निर्णय स्वविवेक से ही लेना चाहिए। भारत में वित्तीय साक्षरता की स्थिति चिंताजनक है, यही कारण है कि साइबर ठगी की घटनाएं अक्सर चर्चा में रहती हैं। AI चैटबॉट से फाइनेंशियल टर्म्स को आसानी से समझ सकते हैं। स्मार्टफोन की बढ़ती पहुंच और तकनीक की बढ़ती समझ से लोग आमदनी, खर्च, बचत और निवेश को लेकर जागरूक हो रहे हैं।
कुछ लोकप्रिय पर्सनल फाइनेंस टूल्स
पर्सनल फाइनेंस टूल या ऐप को चुनने से पहले उसके उपयोग की आसानी, फीचर्स, फ्री ट्रायल और कस्टमर रिव्यूज के बारे में जानना आवश्यक है:
- YNAB ऐप: बजट और खर्च पैटर्न के लिए रियल टाइम इनसाइट्स उपलब्ध कराता है।
- Axio ऐप: आमदनी और खर्च की ट्रैकिंग के लिए उपयोगी पर्सनल फाइनेंस मैनेजमेंट ऐप है। इसमें कई वित्तीय सुविधाएं मिलती हैं।
- Wallet: ऑल इन वन पर्सनल फाइनेंस मैनेजर है, जो खर्च की ट्रैकिंग, बजट मैनेज करने और फ्यूचर प्लान के लिए उपयोगी है।
- Money Manager: फाइनेंशियल प्लानिंग, एसेट मैनेजमेंट आदि कार्यों के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।
तकनीक का उपयोग
- डिजिटल पेमेंट टूल्स: UPI ऐप्स रियल टाइम में पीयर-टू-पीयर और पीयर-टू-मर्चेंट पेमेंट की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं
- मोबाइल बैंकिंग: ऐप्स और SMS बैंकिंग के अलावा वॉइस पेमेंट एवं चैटबॉट जैसी सुविधाएं जुड़ रही हैं
- WhatsApp बैंकिंग: कई बैंक अब WhatsApp के जरिए बैलेंस जानने और शिकायत दर्ज कराने जैसी सुविधाएं दे रहे हैं।
- बजटिंग ऐप्स: पर्सनल बजटिंग ऐप्स अलग-अलग मदों में होने वाले खर्च पर निगरानी रखने और निवेश लक्ष्य तय करने जैसे कार्यों के लिए उपयोगी होते हैं।
सुरक्षा रहे प्राथमिकता
डिजिटल माध्यम में सुविधा के साथ सुरक्षा की चुनौती भी होती है। फाइनेंस को मैनेज करने के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करते समय सावधान रहना चाहिए-
- तरह-तरह के ऑनलाइन स्कैम और उनसे बचाव के तरीकों को लेकर सजग होने की जरूरत है।
- ऑनलाइन भुगतान और स्टेटमेंट में कुछ असंतुलन दिखता है, तो तुरंत बैंक से संपर्क करना चाहिए।
- आधार और पैन कार्ड के उपयोग को लेकर हमेशा सतर्क रहना चाहिए। PIN, OTP और पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करने चाहिए।
- ई-कॉमर्स और बैंकिंग के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर ही भरोसा करना चाहिए।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग
आज के समय में पैसों के त्वरित लेनदेन, बैलेंस इंक्वायरी, मिनी स्टेटमेंट से लेकर डिजिटल निवेश जैसे SIP, म्यूचुअल फंड्स, इंश्योरेंस आदि फाइनेंस से जुड़े कार्य लोग आसानी से कर रहे हैं। तकनीक ने इन सभी को डिजिटल इकोसिस्टम में समाहित कर दिया है, जिससे लोग प्रभावी ढंग से फाइनेंस को मैनेज कर रहे हैं। फिनटेक नवाचार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और बैंकिंग में लगातार बदलाव से लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
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लेखक - ब्रह्मानंद मिश्रा
Images: magnific
