आज की युवा महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। क्या इंडिपेंडेंट होने का मतलब सिर्फ हर महीने सैलरी आना है? अगर आपको ऐसा लगता है तो यह गलत है। अब आप सोच रही होंगी कि मैंने यह बात क्यों बोली? बता दें असल में, फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस का मतलब सिर्फ पैसा कमाना नहीं बल्कि उस पैसे को सही ढंग से इंवेस्ट और संभालकर रखना है ताकि इमरजेंसी आने पर वह काम आ सकें। आपको पता होना चाहिए कि आपका पैसा कहां खर्च हो रहा है, कितनी बचत हो रही है और उसे सही जगह कैसे इन्वेस्ट करना है ताकि भविष्य सुरक्षित रहे। चाहे इमरजेंसी फंड बनाना हो या बुढ़ापे के लिए सेविंग, पैसों की समझ होना हर महिला के लिए बेहद जरूरी है। लेख में फाइनेंस एक्सपर्ट शालिनी कालरा साही से जानें युवा महिलाएं खुद को आर्थिक रूप से मजबूत कैसे बना सकती हैं?
पैसों को संभालना क्यों है जरूरी?
पैसा कमाना फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस का पहला कदम है, लेकिन आखिरी नहीं। अगर आप हर महीने अच्छा कमा रही हैं, लेकिन महीने के अंत में आपकी सेविंग्स शून्य है या आपको अपनी ही इंवेस्ट करने के लिए घर पर निर्भर रहना पड़ता है, तो आप पूरी तरह इंडिपेंडेंट नहीं हैं। पैसे की सही समझ होना ही आपको सही मायनों में आजाद बनाता है।
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अपनी कमाई और खर्च का पूरा हिसाब रखें
फाइनेंशियल रूप से मजबूत बनने के लिए अपनी कमाई और खर्च का पूरा हिसाब रखना बेहद जरूरी है। जब आप अपने हर एक खर्च को ट्रैक करती हैं, तो आपको फिजूलखर्ची का पता चलता है और बजट बनाना आसान हो जाता है। इसके लिए आप किसी मोबाइल ऐप या डायरी की मदद ले सकती हैं, जिससे भविष्य के लिए सही बचत हो सके।
हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत और निवेश करने की आदत डालें
फाइनेंशियल फ्रीडम पाने के लिए हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत और निवेश करने की आदत डालें। कमाई होते ही सबसे पहले इंवेस्ट करने वाला पैसा अलग कर लें। फिर बचे हुए पैसों से खर्च चलाएं। म्यूचुअल फंड (SIP), पीपीएफ या आरडी जैसी छोटी शुरुआत भी लंबे समय में कंपाउंडिंग की ताकत से आपको एक बड़ा और सुरक्षित फंड दे सकती है।
अपने भविष्य की जरूरतों के हिसाब से प्लानिंग करें
भविष्य की जरूरतों के हिसाब से फाइनेंशियल प्लानिंग करना बेहद जरूरी है। अपने लक्ष्यों को शॉर्ट-टर्म जैसे गैजेट या ट्रिप और लॉन्ग-टर्म यानी घर या रिटायरमेंट में बांटें। उम्र और समय के अनुसार सही जगह निवेश की योजना बनाएं, ताकि जरूरत के वक्त आपको किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े और आपके सपने आसानी से पूरे हो सकें।
टर्म और मेडिकल इंश्योरेंस जरूर करवाएं
भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए टर्म और मेडिकल इंश्योरेंस जरूर करवाएं। मेडिकल इंश्योरेंस अचानक आने वाले अस्पताल के खर्चों से आपके पैसों को बचाता है। वहीं टर्म इंश्योरेंस आपके न रहने पर परिवार को वित्तीय सुरक्षा देता है। ये दोनों पॉलिसी किसी भी आपातकालीन स्थिति में आपको और आपके अपनों को कर्ज से दूर रखता है।
मुश्किल समय के लिए कुछ पैसा हमेशा अलग रखें
जिंदगी में काफी भी कुछ भी हो सकता है। इसके लिए मुश्किल समय के लिए कुछ पैसा हमेशा अलग रखना बहुत जरूरी है। ऐसे में मुश्किल समय के लिए हमेशा कुछ पैसा अलग रखें, जिसे इमरजेंसी फंड कहा जाता है। आपका बैंक खाते में कम से कम 6 महीने के खर्च के बराबर की राशि सुरक्षित होनी चाहिए। यह फंड नौकरी छूटने या बीमारी जैसे संकट के समय आपको मानसिक और वित्तीय मदद देता है।
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अगर आप अभी यंग हैं और नौकरी कर रही हैं, तो पैसों को संभालकर रखना आपके फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस के मायने बदल सकता है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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