भारत को कैशलेस बनाने में यूपीआई (UPI) और ई-रुपया (e-Rupee) की सबसे बड़ी भूमिका है। ये दोनों ही माध्यम बिना कैश के भुगतान करने की सुविधा देते हैं, लेकिन काम करने का तरीका अलग है। यूपीआई एक ऐसा जरिया है जो आपके बैंक खातों को जोड़ता है और सीधे एक खाते से दूसरे खाते में पैसे ट्रांसफर करता है। वहीं, ई-रुपया रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की गई डिजिटल नकदी है, जो आपके डिजिटल वॉलेट में रहती है। आसान शब्दों में समझें तो यूपीआई बैंक खाते का इस्तेमाल करता है, जबकि ई-रुपया जेब में रखे नकद रुपये का डिजिटल रूप है। इसके लिए हमने आरएसएम के अकाउंटेट चार्टर्ड हिमांशु गोयल से भी बात की है। ऐसे में जानते हैं, इनके बारे में...
क्या है ई-रुपया (e-Rupee)?
ई-रुपया या डिजिटल रुपया (e₹) भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी की गई देश की अपनी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) है। यह कागज के नोटों और सिक्कों का ही डिजिटल रूप होता है, जिसे कानूनी तौर पर वही मान्यता प्राप्त है जो जेब में रखे नकद पैसों को होती है।
यूजर्स ई-रुपये को बैंकों द्वारा मुहैया कराए जाने वाले विशेष डिजिटल वॉलेट में रखते हैं। इसमें पैसे सीधे एक व्यक्ति के वॉलेट से दूसरे व्यक्ति के वॉलेट में ट्रांसफर होते हैं, जिसमें किसी दूसरे बैंक की भूमिका नहीं होती।
क्या है यूपीआई (UPI)?
यूपीआई यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा विकसित किया गया एक रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है। यह एक ऐसा नेटवर्क है जो विभिन्न बैंक खातों को एक ही मोबाइल ऐप से जोड़ने का काम करता है।
यूपीआई खुद में कोई मुद्रा नहीं है, बल्कि यह बैंक अकाउंट्स के बीच पैसे ट्रांसफर करने का एक डिजिटल माध्यम है। गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे प्लेटफॉर्म इसी नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं। जब आप यूपीआई से पैसे ट्रांसफर करते हैं, तो पैसा सीधे आपके बैंक खाते से निकलकर सामने वाले के बैंक खाते में चला जाता है।
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ई-रुपया और यूपीआई में मुख्य अंतर
दोनों माध्यमों की तुलना आप नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझ सकते हैं-
| जरूरी बातें | ई-रुपया (e-Rupee) | यूपीआई (UPI) |
| प्रकार | डिजिटल लीगल टेंडर | पैसे भेजने का जरिया (नेटवर्क) |
| कौन जारी करता है? | रिजर्व बैंक (RBI) | एनपीसीआई (NPCI) |
| पैसे कहां रहते हैं? | डिजिटल वॉलेट में | आपके बैंक खाते में |
| क्या ब्याज मिलता है? | नहीं (नकद रुपये की तरह) | हां, बैंक खाते के नियम अनुसार |
| इंटरनेट की जरूरत | बिना इंटरनेट भी संभव (ट्रायल जारी) | इंटरनेट होना जरूरी है |
ई-रुपया और 'ई-रुपी' (e-RUPI) दोनों अलग-अलग चीजें हैं। ई-रुपी एक वाउचर-आधारित पेमेंट सिस्टम है जिसका इस्तेमाल सरकारी योजनाओं, वेलफेयर डिलीवरी और सब्सिडी देने के लिए किया जाता है।
आपके लिए क्या है ज्यादा बेहतर?
ये दोनों डिजिटल सिस्टम एक-दूसरे के विकल्प नहीं हैं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक के रूप में तैयार किए गए हैं।
- रोजमर्रा की खरीदारी और दोस्तों-रिश्तेदारों को पैसे भेजने के लिए यूपीआई सबसे सुविधाजनक माना जाता है, क्योंकि यह सीधे आपके बैंक खाते से जुड़ा होता है और हर जगह स्वीकार किया जाता है।
- ई-रुपया उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प है जो नकद पैसे जैसा अहसास चाहते हैं। इसमें केंद्रीय बैंक की गारंटी मिलती है और बिना इंटरनेट के भी लेनदेन करने की सुविधा मिलती है।
निष्कर्ष
रोज के इस्तेमाल, बिल और दुकानों पर पेमेंट के लिए यूपीआई आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर, ई-रुपया नकद लेनदेन का एक आधुनिक और सुरक्षित डिजिटल विकल्प बनकर उभर रहा है।
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