धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन लोग अपने बजट अनुसार सोने के सिक्के, चांदी के बर्तन, गहने या छोटी-छोटी चीजें खरीदते हैं। हालांकि, बदलते समय के साथ खरीदारी का तरीका भी बदल गया है। अब बाजार से गहने या सिक्के खरीदने के अलावा डिजिटल गोल्ड में इंवेस्ट करने का विकल्प भी मौजूद है। अब ऐसे में सवाल आता है कि इस धनतेरस पर सोना खरीदना फायदेमंद रहेगा या चांदी? इसके अलावा क्या डिजिटल गोल्ड, फिजिकल गोल्ड से बेहतर है? नीचे लेख नीचे लेख में बैंकिंग एक्सपर्ट अश्वनी राणा से समझें-
सोना खरीदें या चांदी, किसमें है ज्यादा फायदा?
अगर आप लंबे समय के लिए बचत करना चाहती हैं तो सोना एक विकल्प हो सकता है। सोने के सिक्के, बिस्किट या गहने जरूरत पड़ने पर बेचे जा सकते हैं। हालांकि, गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज और बेचते समय मिलने वाली कीमत का ध्यान रखना जरूरी है। इंवेस्ट करने के उद्देश्य से खरीदारी कर रही हैं तो सिक्के या बिस्किट जैसे विकल्पों की लागत की तुलना जरूर करें।
वहीं अगर आपका बजट कम है तो चांदी खरीद सकती हैं। सोने के मुकाबले इसकी छोटी मात्रा खरीदना आसान होता है। आप चांदी के सिक्के, बर्तन या छोटी मूर्तियां ले सकती हैं। हालांकि, चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए इसे हमेशा मुनाफे की गारंटी समझकर न खरीदें।
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डिजिटल और फिजिकल गोल्ड में क्या है अंतर?
फिजिकल गोल्ड में आप सोने के सिक्के, बिस्किट या गहने खरीदकर अपने पास रखती हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि सोना आपके पास रहता है और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल भी कर सकती हैं। लेकिन इसे सुरक्षित रखने के लिए लॉकर या दूसरी व्यवस्था करनी पड़ती है। चोरी होने का जोखिम भी रहता है। इसके अलावा गहनों पर मेकिंग चार्ज और अन्य लागू शुल्क देने पड़ सकते हैं।
डिजिटल गोल्ड में आपको सोना घर लाकर रखने की जरूरत नहीं होती। आप मोबाइल ऐप या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से छोटी रकम से भी सोना खरीद सकती हैं। खरीदे गए सोने का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में मिलता है और प्लेटफॉर्म की व्यवस्था के अनुसार उसके बराबर सोना सुरक्षित रखा जाता है। हालांकि, इसमें प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता, खरीद-बिक्री का अंतर, स्टोरेज चार्ज और निकासी की शर्तें समझना जरूरी है।
डिजिटल गोल्ड खरीदने से पहले जान लें ये जरूरी बातें
डिजिटल गोल्ड खरीदना आसान जरूर है, लेकिन इसमें कुछ जोखिम भी हैं। नवंबर 2025 में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने डिजिटल गोल्ड को लेकर निवेशकों को आगाह किया था। सेबी के अनुसार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाला डिजिटल गोल्ड उसके नियामक दायरे में नहीं आता। ऐसे में निवेशकों को प्लेटफॉर्म और उससे जुड़ी शर्तों का जोखिम उठाना पड़ सकता है। इसलिए बड़ी रकम लगाने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।
धनतेरस पर खरीदारी करते समय इन बातों का रखें ध्यान
- सोना खरीदते समय BIS हॉलमार्क और उसकी शुद्धता जरूर जांचें।
- गहने खरीदने से पहले मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी लें।
- चांदी खरीदते समय उसकी शुद्धता और बिल जरूर देखें।
- डिजिटल गोल्ड में निवेश से पहले प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता और बिक्री की शर्तें समझें।
आपके लिए कौन सा विकल्प है बेहतर?
अगर आप धनतेरस पर कुछ ऐसा खरीदना चाहती हैं जिसे पहन सकें, इस्तेमाल कर सकें या परिवार को गिफ्ट दे सकें तो फिजिकल गोल्ड या चांदी अच्छा विकल्प हैं। वहीं, अगर आपका उद्देश्य निवेश करना है तो डिजिटल गोल्ड के बजाय सेबी नियंत्रित गोल्ड ETF जैसे विकल्पों पर विचार कर सकती हैं। कम बजट में खरीदारी करनी है तो चांदी भी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।
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ध्यान रखें कि सोना और चांदी दोनों की कीमतों में उतार-चढ़ाव होता है। इसलिए खरीदारी केवल शुभ मुहूर्त या बाजार की चर्चा देखकर नहीं, बल्कि अपने बजट और जरूरत के हिसाब से करें।
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