आजकल अपनी अमीरी या स्टेटस दिखाने का तरीका बदल गया है। पहले लोग जहां महंगे कपड़े, ब्रांडेड घड़ियां, महंगे बैग या ज्‍वैलरी पहनकर न‍िकलना पसंद करते थे, वहीं अब ये सब कहीं पीछे चला गया है। अब कुछ लोगों के लिए ऐसा परफ्यूम इस्तेमाल करना स्टेटस सिंबल बन गया है, जो दुनिया में किसी और के पास न हो। इसी वजह से कस्टम या बेस्पोक परफ्यूम का ट्रेंड बढ़ रहा है।

इसमें आपको क‍िसी शॉप से बना-बनाया परफ्यूम नहीं खरीदना पड़ता है बल्कि एक परफ्यूम बनाने वाला एक्सपर्ट आपकी पसंद, आपको कैसी खुशबू पसंद है, यह सब समझकर खास आपके लिए एक नया परफ्यूम बनाते हैं। यानी सिर्फ परफ्यूम की बॉटल पर आपका नाम लिख देना ही कस्टम परफ्यूम नहीं है बल्कि असली कस्टम परफ्यूम वह है जिसकी खुशबू ही सिर्फ आपके लिए बनाई गई हो। आइए इसके बारे में जानते हैं व‍िस्‍तार से कि‍ यह क्‍या है और कैसे लोगों का स्‍टेटस स‍िंबल बन रहा है।

कस्टम परफ्यूम आखिर होता क्या है?

कस्टम परफ्यूम का सीधा मतलब है खास आपके लिए बनाई गई खुशबू। आमतौर पर जो परफ्यूम हम शॉप से खरीदते हैं, वो पहले से ही बनकर रखी होती है और हजारों लोग उन्हें इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कस्टम परफ्यूम में ऐसा नहीं होता है। इसमें परफ्यूम बनाने वाला आपकी पसंद पूछकर ही इसे बनाता है। मान लीजि‍ए क‍ि आपका अगर गुलाब की खुशबू पसंद है, पर आप चाहती हैं कि उसमें ज्‍यादा मीठापन न हो और हल्की-हल्की लकड़ी जैसी महक भी हो, तो परफ्यूमर इन सब चीजों को मिलाकर खास आपके लिए एक नया फॉर्मूला बना देगा।

इसे बनाने का तरीका भी आसान है। पहले आपसे बात करके आपकी पसंद जानी जाती है। फिर छोटे-छोटे सैंपल बनाकर आपको दिए जाते हैं। जब आप उन्हें इस्तेमाल करके बताते हैं कि क्या आपको यह पसंद आया या नहीं, तब जाकर आपकी पसंद की फाइनल खुशबू तैयार होती है।

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कैसे तैयार होती है आपके लिए खास खुशबू?

यह काम सिर्फ दो-तीन खुशबुओं को मिलाने जितना आसान नहीं होता है। सबसे पहले जो परफ्यूम बनाता है, वो आपसे पूछता है क‍ि आपको फूलों की महक पसंद है या फ्रेश स्‍वीट फ्रेगरेंस अच्छी लगती है या कोई मसालों और लकड़ी जैसी महक? इसके बाद आपके लिए खुशबू की छोटी-छोटी सैंपल बनाई जाती हैं। आप उन्हें सूंघकर बता सकती हैं कि कौन-सी खुशबू ज्यादा अच्छी लगी और किसमें क्या बदलाव करना होगा। इसी कारण इसे बनाने में थोड़ा समय भी लगता है।

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रईसों के लिए क्यों खास है कस्टम परफ्यूम?

र‍िपोर्ट्स के मुताब‍िक, इसकी सबसे बड़ी वजह इसकी अलग पहचान होना है। बाजार में मिलने वाले महंगे परफ्यूम तो हजारों-लाखों लोग इस्तेमाल करते हैं, लेकिन बेस्पोक परफ्यूम का मकसद ही क‍िसी खास के लिए अलग खुशबू तैयार करना होता है। कुछ लग्जरी परफ्यूम हाउस अपने कस्‍टमर्स के लिए पूरी तरह अलग खुशबू बनाने की सर्विस देते हैं। इसी कारण इसे सिर्फ परफ्यूम खरीदना नहीं कहा जाता बल्कि यह एक पर्सनल लग्जरी एक्सपीरियंस है।

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इसकी कीमत कि‍तनी हो सकती है?

कस्टम परफ्यूम का रेट कभी फ‍िक्‍स नहीं होता है। यह तो इस बात पर निर्भर करता है कि कौन-सा परफ्यूमर इसे बना रहा है, किस तरह के कच्चे माल का इस्तेमाल हो रहा है और सर्विस में कितने सैंपल और कितने राउंड हैं। इंड‍िया में तो कुछ कस्टम फ्रेगरेंस एक्सपीरियंस हजारों रुपये से शुरू हो सकते हैं, जबकि लग्जरी इंटरनेशनल बेस्पोक सर्विस की कीमत इससे कई गुना ज्यादा हो सकती है।

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