Oversized Sunglasses Trend: चिलचिलाती धूप, धूल-मिट्टी और खतरनाक हीटवेव शुरू हो जाता है। ऐसे में खुद को धूप से बचाने के लिए हम सनस्क्रीन से लेकर स्कार्फ तक सब कुछ इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अक्सर नाजुक आंखों की सुरक्षा को नजरअंदाज कर देते हैं। इस मौसम में सनग्लासेज पहनना केवल एक फैशन स्टेटमेंट या कूल दिखने का जरिया नहीं है, बल्कि यह हमारी आंखों की सेहत के लिए एक बेहद जरूरी आवश्यकता बन चुका है।

लू, यूवी किरणों से बचाव के लिए तरह-तरह के सनग्लासेज बाजार में आ गए हैं। रेट्रो से माडर्न डिजाइन्स तक इस साल कई तरह के स्टाइलिश सनग्लासेज ट्रेंड कर रहे हैं, लेकिन सवाल यह भी है कि अच्छे सनग्लासेज चुनें कैसे जो आंखों को नुकसान भी न दें और स्टाइलिश भी लगे। चलिए नीचे लेख में एक्सपर्ट से जानें-

टिंटेड ऑरेंज सनग्लासेज

आजकल नारंगी टिंटेड सनग्लासेज चलन में दिखाई दे रहे हैं। सेलेब्रिटीज, तैराकी, एथलिट्स ऐसे ग्लासेज पहन रहे हैं। ऐसे चश्मे की खास बात यह है कि यह खराब मौसम में अच्छी विजिबिलिटी देते हैं। हाल ही के दिनों में अभिनेता अनील कपूर, अनन्या पांडे भी टिंटेड आरेंज सनग्लासेज में नजर आए थे। ऐसे चश्मे साइक्लिंग, स्कीइंग, गोल्फ और रात में ड्राइविंग के लिए बेहतरीन माने जाते हैं।

विंटेज सनग्लासेज

70 दशक के यह रेट्रो सनग्लासेज बड़े और एंगुलर फ्रेम वाले होते हैं। दरअसल, विंटेज फैशन के शौकीन लोग इन्हें पहनते हैं। इससे लुक एकदम क्लासिक लगता है।

सदाबहार कैट आई

कैट आई कोई नया फैशन नहीं है, यह सदाबहार है। आजकल कैट आई में नए रंग आ गए हैं। युवा पीढ़ी थोड़े हल्के रंग पसंद कर रही है। कैट आई चेहरे को शार्प लुक देते हैं।

कस्टमाइज्ड सनग्लासेज

कस्टमाइज्ड मतलब आप किसी भी तरह के ग्लासेज पसंद करें, उसमें अपनी आंखों के पावर के हिसाब से बनवा सकते हैं। इनमें पतले मोटे कई तरह के फ्रेम आते हैं। हां, यह थोड़े महंगे आते हैं क्योंकि यह दो तरह का काम करते हैं, एक तो धूप से बचाव और दूसरा आपकी आंखों के पावर के हिसाब बने होते हैं।

ट्रांसपेरेंट और पेस्टल फ्रेम्स वाले सनग्लासेस

इन दिनों पेस्टल रंग वाले चश्मे लोकप्रिय हो रहे हैं। आइवरी, लैवेंडर, मिंट ग्रीन या पूरी तरह से पारदर्शी फ्रेम एक स्टाइलिश लुक देते हैं। ऐसे रंग नई पीढ़ी को खूब पसंद आ रहे हैं।

नोएडा के कत्याल आप्टिकल्स के ओनर अजय कत्याल बताते हैं कि आजकल युवाओं को रिमलेस सनग्लासेज भी पसंद आ रहे हैं। इनमें हल्के रंग ज्यादा लोकप्रिय हो रहे हैं। हालांकि अच्छे सनग्लासेज की कीमत तीन हजार रुपए से शुरू होकर 20 हजार तक होती है। ब्रांडेड चश्मों की खास बात यह है कि ये आंखों पर दबाव नहीं बनाते और आंखों के निर्दिष्ट मापदंड के हिसाब से डाक्टर के परामर्श के बाद बनाए जाते हैं। इससे आंखों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचता।

सस्ते चश्मे नहीं कर पाते आंखों की सुरक्षा

एम्स की आई एक्सपर्ट नम्रता शर्मा बताती है कि सड़क किनारे मिलने वाले सस्ते चश्मे दिखने में स्टाइलिश लगते हैं, फ्रेम भी आधुनिक होते हैं, लेकिन ये आंखों के लिए सुरक्षित नहीं होते हैं। ऐसे चश्मे गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखते, जिसका नतीजा आंख और सिर में दर्द होता है। ऐसे चश्मों में केवल रंगीन शीशा लगा होता है, जो धूप की रोशनी तो कम कर देता है लेकिन सूरज की हानिकारक अल्ट्रा-वायलेट ए और बी दोनों को ब्लाक नहीं कर सकते है। साथ ही अंधेरे में आंखों की पुतली फैलती है, ऐसे में ये चश्मे पहनने से पुतली फैलने लगती है जो आंखों के लिए हानिकारक है।

Writer- Suman Agrawal

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