किचन गार्डन अब सिर्फ ताजी सब्जियां उगाने का जरिया नहीं, बल्कि तनाव कम करने और घर में सकारात्मक माहौल बनाने का नया वेलनेस मंत्र बन गया है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए न बड़ी छत की जरूरत है और न ही दिनभर धूप की।
सुबह की शुरुआत अगर ताजी हवा के साथ अपने ही घर में उगी हरी-भरी मेथी, पालक या पुदीने की खुशबू से हो, तो दिन अपने आप बेहतर हो जाता है। यही वजह है कि आजकल शहरों में किचन गार्डन तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। पहले इन्हें केवल ताजी और रसायनमुक्त सब्जियां उगाने का माध्यम माना जाता था, लेकिन अब यह मानसिक स्वास्थ्य, तनाव से राहत और प्रकृति से जुड़ाव का भी अहम जरिया बन रहे हैं। व्यस्त जीवनशैली के बीच लोग अपने घर के किसी छोटे से कोने को 'ग्रीन कॉर्नर' में बदल रहे हैं, जहां कुछ मिनट बिताकर उन्हें सुकून और ताजगी का एहसास होता है।
छोटी जगह में कैसे बनाएं 'ग्रीन कॉर्नर?
अक्सर लोगों को लगता है कि सब्जियां उगाने के लिए बड़ी बालकनी, खुली छत और दिनभर की तेज धूप जरूरी होती है, लेकिन बागवानी विशेषज्ञों का मानना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। कई ऐसी हरी पत्तेदार सब्जियां और हर्ब्स हैं, जिन्हें केवल तीन से चार घंटे की धूप में भी आसानी से उगाया जा सकता है। यानी अब अपार्टमेंट में रहने वाले लोग भी छोटी बालकनी, खिड़की या किचन काउंटर पर वर्टिकल गार्डन बनाकर अपना किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं।
सिर्फ सब्जियां नहीं, मानसिक सुकून भी
कई अध्ययनों में सामने आया है कि पौधों की देखभाल करना तनाव कम करने में मदद करता है। पौधों को पानी देना, उनकी निराई-गुड़ाई करना या नई पत्तियां निकलते देखना मन को शांत करता है। ऐसी गतिविधियों से शरीर में तनाव हार्मोन कोर्टिसोल का लेवल कम होता है, जिससे मानसिक शांति का अनुभव होता है। हरा रंग सुखदायक रंग माना जाता है और लगभग सभी पौधों पर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। यही कारण है कि गार्डनिंग को आज 'नेचुरल मेडिटेशन' भी कहा जाने लगा है।
कम धूप में भी उग सकती हैं कई सब्जियां
अगर आपके घर में दिनभर धूप नहीं आती, तब भी निराश होने की जरूरत नहीं है।
- पालक, मेथी, धनिया, पुदीना, तुलसी, लेट्यूस जैसी पत्तेदार सब्जियां कम धूप में भी अच्छी तरह बढ़ती हैं।
- गाजर, मूली और आलू जैसी कुछ जड़ वाली सब्जियां भी आंशिक धूप में उगाई जा सकती हैं।
- विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि टमाटर और खीरे जैसे पौधों के लिए थोड़ी अधिक धूप की जरूरत होती है, इसलिए यदि घर में कोई धूप वाली जगह उपलब्ध हो तो उन्हें वहीं रखें।
कम धूप वाले किचन गार्डन का एक फायदा यह भी है कि मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है। इससे बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती और कई तरह के कीटों का प्रकोप भी अपेक्षाकृत कम रहता है।
ऐसे शुरू करें अपना ग्रीन कॉर्नर
किचन गार्डन की शुरुआत करते समय सबसे पहले घर में उपलब्ध जगह के अनुसार कंटेनर चुनें। बहुत छोटे या जरूरत से बड़े गमले लेने के बजाय मध्यम आकार के कंटेनर बेहतर रहते हैं।
- शुरुआत छोटे पौधों या तैयार पौधों से करें ताकि देखभाल आसान रहे।
- बीज बोने पर उनकी पहचान के लिए हर गमले पर नाम लिखकर लेबल लगा दें। इससे पौधों की देखभाल भी आसान होगी और भ्रम भी नहीं रहेगा।
- अगर जगह कम है तो दीवार पर वर्टिकल प्लांटर लगाकर या किचन काउंटर के पास छोटे गमलों में हर्ब्स उगाए जा सकते हैं। इससे कम जगह में भी घर का एक खूबसूरत और उपयोगी ग्रीन कॉर्नर तैयार हो जाता है।
एक्सपर्ट की राय
होम डेकोर एक्सपर्ट सोनिया जे. बवेजा कहती हैं कि किचन गार्डन अब केवल घर को सजाने का माध्यम ही नहीं, बल्कि आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बन रहा है। बहुत से लोग सोचते हैं कि हर्ब्स या सब्जियां उगाने के लिए बड़ी बालकनी और भरपूर धूप चाहिए, जबकि ऐसा नहीं है। घर के किचन काउंटर, खिड़की या छोटी बालकनी में भी वर्टिकल गार्डन बनाकर कई तरह की हर्ब्स आसानी से उगाई जा सकती हैं। यही वजह है कि अब लोग घर की योजना बनाते समय भी किचन गार्डन के लिए अलग जगह रखने लगे हैं।
कम धूप वाले किचन गार्डन में क्या लगाएं?
- पालक, मेथी और धनिया
- पुदीना और तुलसी
- लेट्यूस
- मूली, गाजर
- हरी मिर्च (आंशिक धूप में)
- चेरी टमाटर (जहां थोड़ी अधिक धूप मिले)
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आप भी घर की छोटी जगह पर आसानी से किचन गार्डन बना सकती हैं। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहे हर जिंदगी से।
लेखक- सुमन अग्रवाल
Image Credit: Magnific.com
