आज के समय में लोग रिफाइंड शुगर की जगह नेचुरल स्वीटनर का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में कई लोग चीनी के बजाए गुड़ पाउडर का इस्तेमाल करने लगे हैं। लोगों का मानना है कि ये न सिर्फ स्वाद में अच्छा होता है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी सफेद चीनी की तुलना में फायदेमंद माना जाता है। सवाल यह है कि गुड़ पाउडर कितना सेहतमंद है, इसे कितनी मात्रा में इस्तेमाल करना चाहिए और इसका सही तरीका क्या है? इसके बारे में हमें डाइटीशियन कामिनी सिन्हा बता रही हैं।
गुड़ पाउडर कितना सेहतमंद होता है?
गुड़ पाउडर गन्ने के रस से तैयार किया जाता है। इसे बनाने में रिफाइंड शुगर की तरह हैवी केमिकल प्रोसेसिंग नहीं की जाती, इसलिए इसमें मौजूद पोषक तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं। पारंपरिक गुड़ की तुलना में इसका पाउडर फॉर्म इस्तेमाल में आसान होता है और लंबे समय तक खराब भी नहीं होता। इसमें आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे जरूरी तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि इसे केवल मिठास बढ़ाने वाला पदार्थ नहीं, बल्कि एक हेल्दी फूड ऑप्शन माना जाता है।
पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद
गुड़ पाउडर पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है, जिससे खाना आसानी से पचता है। यह कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत दिलाने में मदद करता है। भोजन के बाद थोड़ा सा गुड़ पाउडर लेने से पेट हल्का महसूस होता है।
खून की कमी में सहायक
गुड़ पाउडर आयरन से भरपूर होता है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करता है। खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए यह बेहद फायदेमंद माना जाता है।
एनर्जी बढ़ाने में मददगार
गुड़ पाउडर शरीर को तुरंत एनर्जी देता है। थकान, कमजोरी या चक्कर आने की स्थिति में यह प्राकृतिक एनर्जी बूस्टर की तरह काम करता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करने में सहायक होते हैं। बदलते मौसम में सर्दी-खांसी से बचाव में भी यह उपयोगी है।
गुड़ और चीनी में अंतर
गुड़ और चीनी में सबसे बड़ा अंतर है कि चीनी को केमिकल प्रोसेसिंग की मदद से तैयार किया जाता है और गुड़ को नेचुरल तरीके से तैयार किया जाता है। चीनी को तैयार करने के लिए कई स्टेज की केमिकल प्रोसेसिंग होती है। इस प्रोसेस में गन्ने के रस से लगभग सभी पोषक तत्व निकाल दिए जाते हैं और अंत में केवल सूक्रोज ही बचता है। वहीं गुड़ पाउडर भी गन्ने से ही बनता है, लेकिन इसमें बहुत कम प्रोसेसिंग होती है। इसे प्राकृतिक तरीके से पकाकर तैयार किया जाता है, जिससे इसमें मौजूद मिनरल्स और पोषक तत्व काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं।
पोषक तत्वों का फर्क
चीनी लगभग खाली कैलोरी होती है। इसमें कोई खास विटामिन या मिनरल नहीं पाया जाता। जबकि गुड़ पाउडर में आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स जैसे पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जो शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि गुड़ पाउडर भी मीठा ही होता है, इसलिए जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
कैलोरी का फर्क
100 ग्राम चीनी में लगभग 387 कैलोरी होती है। वहीं 100 ग्राम गुड़ पाउडर में लगभग 380 से 390 कैलोरी होती है। कैलोरी के मामले में बहुत ज्यादा फर्क नहीं है, लेकिन गुड़ पाउडर में पोषक तत्व मौजूद होने की वजह से इसे बेहतर माना जाता है। इसलिए, अगर वजन कम करने की कोशिश में हैं तो गुड़ का भी इस्तेमाल करने से बचें।
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गुड़ पाउडर इस्तेमाल करने का सही तरीका
अगर आपको गुड़ पाउडर इस्तेमाल करने का सही तरीके की जानकारी नहीं है, तो ये टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं।
- सुबह के समय: आप चाय या गुनगुने पानी में चीनी की जगह गुड़ पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, खाली पेट बहुत ज्यादा मात्रा लेने से बचें।
- खाने के बाद: भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में गुड़ पाउडर लेने से पाचन बेहतर होता है और गैस की समस्या कम होती है।
- ड्रिंक्स और डेजर्ट्स में: मीठा खाना पसंद हैं, तो कभी-कभी दलिया, ओट्स, स्मूदी, खीर, हलवा या लड्डू में गुड़ पाउडर एक नेचुरल स्वीटनर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है।
- सर्दी-खांसी में घरेलू नुस्खा: गुड़ पाउडर को अदरक और काली मिर्च के साथ लेने से गले में राहत मिलती है और सर्दी-जुकाम में फायदा होता है।
गुड़ पाउडर कितनी मात्रा में इस्तेमाल करें?
गुड़ पाउडर सेहतमंद है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे असीमित मात्रा में खाया जाए। जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसान भी कर सकता है।
- एक स्वस्थ व्यक्ति रोजाना 20 से 30 ग्राम यानी 1 से 2 चम्मच गुड़ पाउडर का सेवन कर सकता है।
- वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोग इसकी मात्रा सीमित रखें।
- डायबिटीज के मरीजों को गुड़ पाउडर लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि यह भी ब्लड शुगर लेवल बढ़ा सकता है।
- जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर वजन बढ़ सकता है।
- रात में ज्यादा मात्रा में लेने से गैस या अपच हो सकती है।
- हमेशा अच्छी क्वालिटी और बिना मिलावट वाला गुड़ पाउडर ही चुनें।
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लेखक- दीक्षा प्रियदर्शी
Image Credit: magnific.com
