आजकल डायबिटीज सिर्फ बड़े-बूढ़ों की बीमारी नहीं रही। कम उम्र के लोगों में भी ब्लड शुगर बढ़ना आम हो गया है। इसकी बड़ी वजह है गलत खान-पान, देर तक बैठकर काम करना, नींद पूरी न होना और टेंशन। कई बार लोग चावल-रोटी खाना भी बंद कर देते हैं, फिर भी शुगर लेवल हाई रहता है। आखिर ऐसा क्यों होता है? आइए दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट की जानी मानी चीफ डाइटिशियन प्रिया पालीवाल से जानते हैं।

छोटी उम्र में क्यों हो रहा है डायबिटीज?

पहले लोग सोचते थे कि मीठा खाने से ही डायबिटीज होती है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। आज की लाइफस्टाइल में जंक फूड, मीठी ड्रिंक्स, रात में देर तक जागना और बिल्कुल भी पैदल न चलना, शुगर बढ़ने की वजह बन गए हैं। इसलिए कई लोगों का शुगर बिना चावल-गेहूं खाए भी हाई रहता है। ये बीमारी शरीर को धीरे-धीरे अंदर से खोखला करने लगती है, जिसके समय रहते कारण समझना बहुत ही जरूरी है।

आपने सुना होगा कि डायबिटीज के मरीजों को चावल और रोटी खाना सख्त मना होता है क्योंकि इन्हीं को ब्लड शुगर बढ़ने की मुख्य वजह माना जाता है। इसी तरह, चावल की जगह बड़ी मात्रा में बाजरा या दूसरे अनाज वाली चीजें खाने से भी ब्लड शुगर बढ़ सकता है।

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हेल्दी समझकर ज्यादा खा रहे हैं ये चीजें

कुछ खाने की चीजें सेहत के लिए बहुत ही ज्यादा फायदेमंद होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें किसी भी मात्रा में खाया जाए।

  • ओट्स, दलिया, क्विनोआ और मोटे अनाज में फाइबर समेत कई पोषक तत्व होते हैं। जैसे, बाजरे की खिचड़ी पोषक तत्वों से भरपूर मानी जाती है, लेकिन इसे बहुत ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो इससे भी ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
  • इसी तरह, मखाने में घी या दूसरी चीजें मिलाने से उसकी कैलोरी बढ़ जाती है। इसलिए, किसी फूड को हेल्दी मानकर खाने के बजाय उसकी मात्रा, बनाने का तरीका और उसके साथ खाई जाने वाली दूसरी चीजों पर भी ध्यान देना चाहिए।

चाय के साथ बिस्कुट और शाम का नाश्ता भी बढ़ाते हैं शुगर

कई लोगों ने खाने की टाइमिंग एकदम फिक्स कर रखी होती है, लेकिन वो लोग दिनभर के बीच में खाई जाने वाली चीजों को नजरअंदाज कर देते हैं। सुबह की चाय के साथ बिस्कुट, शाम को नमकीन, काम करते समय मखाना या थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ खाते रहना भी शुगर लेवल को बढ़ाने का न्योता दे देता है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर तरह का स्नैक खाना बंद कर देना चाहिए। जरूरी यह है कि पूरे दिन में क्या और कितना खाया जा रहा है, इसका ध्यान रखा जाए।

जूस और मीठे ड्रिंक्स को न करें नजरअंदाज

ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए सिर्फ खाने पर नहीं, बल्कि पीने वाली चीजों पर भी ध्यान देना जरूरी है। फलों का जूस, मीठी लस्सी, फ्लेवर्ड दही, मिल्कशेक और चीनी वाली चाय शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ा सकते हैं। कई लोग चीनी की जगह शहद, गुड़ या ब्राउन शुगर का इस्तेमाल करने लगते हैं, लेकिन ये भी शरीर में शुगर बढ़ा सकते हैं। इसलिए, डायबिटीज के मरीज इन सभी चीजों को पूरी तरह सेफ न मानें।

फलों की बात करें, तो जूस की जगह साबुत फल खाना बेहतर ऑप्शन है। साबुत फल में फाइबर मौजूद रहता है और उसे खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है। वहीं, जूस के रूप में कई फलों का सेवन करने पर कम समय में ज्यादा मात्रा में शुगर ले ली जाती है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को फल भी अपनी जरूरत और ब्लड शुगर के लेवल के अनुसार उचित मात्रा में खाने चाहिए।

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तनाव और नींद कम लेना

ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में जीवनशैली की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लगातार तनाव, पर्याप्त नींद न लेना और लंबे समय तक बैठे रहना ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, कोई बीमारी और कुछ दवाओं, जैसे स्टेरॉयड के इस्तेमाल से भी शुगर का स्तर बढ़ सकता है। इसलिए, अगर खानपान में बदलाव करने के बावजूद ब्लड शुगर बढ़ रहा है, तो इसके पीछे दूसरी वजहों का पता लगाना भी जरूरी है।

ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए कैसी होनी चाहिए थाली?

डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट और रूटीन में कुछ बदलावों की जरूरत है। इसके लिए एक सामान्य तरीका अपनाया जा सकता है।

  • आधी थाली सब्जियों से भरें: लौकी, तोरई, भिंडी, फूलगोभी, पत्तागोभी और दूसरी बिना स्टार्च वाली सब्जियां शामिल करें।
  • 1/4th हिस्सा प्रोटीन के लिए रखें: अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार दाल, पनीर, दही, अंडे, मछली या चिकन शामिल कर सकते हैं।
  • 1/4th हिस्सा अनाज के लिए रखें: इसमें चावल, रोटी या दूसरे अनाज को उचित मात्रा में शामिल किया जा सकता है।

ब्लड शुगर बढ़ रहा है तो क्या करें?

अगर चावल और गेहूं कम करने के बावजूद ब्लड शुगर लगातार बढ़ रहा है, तो सबसे पहले अपने पूरे दिन के खानपान पर नजर डालें। इसके साथ ही, डॉक्टर की सलाह के अनुसार एक्सरसाइज करें, पर्याप्त नींद लें और अपनी दवाएं समय पर लें। अगर ब्लड शुगर हद से ज्यादा बढ़ गया है, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

ब्लड शुगर कम करने के लिए चावल और गेहूं पूरी तरह छोड़ना हर व्यक्ति के लिए जरूरी नहीं है। इसको ठीक करने के लिए हेल्दी खाना और डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज कराना बहुत जरूरी है। बिना डॉक्टर की सलाह के डायबिटीज की दवाएं बंद न करें और न ही खुराक बदलें। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।