भारतीय रसोई में नमक के बिना खाने का स्वाद अधूरा होता है। कोई सलाद और रायते में काला नमक डालना पसंद करता है, तो कोई व्रत के दौरान सेंधा नमक इस्तेमाल करता है। वहीं, कुछ लोग सादे सफेद नमक को छोड़कर इन दोनों को ज्यादा हेल्दी मानने लगे हैं। क्या काला नमक और सेंधा नमक वाकई सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद हैं? क्या इनमें मौजूद मिनरल्स शरीर को कोई खास फायदा पहुंचाते हैं? दरअसल, नमक चुनते समय सिर्फ उसके रंग या प्राकृतिक होने पर ध्यान देना काफी नहीं है। आइए दिल्ली के श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टिट्यूट की चीफ डाइटिशिन प्रिया पालीवाल से जानते हैं कि कौन सा नमक शरीर के लिए सबसे बढ़िया है?

कौन सा नमक है बेस्ट?

सफेद नमक समंदर से आता है और फैक्ट्री में रिफाइंड होता है। काला नमक भी उसी से बनता है पर उसमें जड़ी-बूटियों और मिनरल्स का तड़का लगता है। वहीं, सेंधा नमक पहाड़ों की चट्टानों से निकलता है, इसलिए इसे रॉक सॉल्ट भी कहते हैं। आयुर्वेद में सेंधा और काले नमक को दवा जैसा माना गया है, जबकि सफेद नमक को सिर्फ स्वाद के लिए। इस फर्क को जानना आपकी सेहत के लिए बहुत जरूरी है।

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सफेद नमक

ये वही नमक है जो हर घर में सबसे ज्यादा यूज होता है। इसे समंदर के पानी से बनाकर बुरी तरह से रिफाइंड किया जाता है, जिससे इसके सारे नेचुरल मिनरल्स निकल जाते हैं। इसमें सिर्फ सोडियम क्लोराइड बचता है और साथ में एंटी-केकिंग एजेंट मिलाया जाता है ताकि ये चिपके नहीं। ज्यादा खाने से ये हाई BP, पानी का जमाव और किडनी पर लोड बढ़ाता है। WHO के अनुसार, ये नमक दिन में 5 ग्राम से ज्यादा नहीं खाना चाहिए।

काला नमक

काला नमक अपने खास स्वाद के लिए जाना जाता है। इसमें मौजूद सल्फर इसकी अलग पहचान बनाता है। इसका इस्तेमाल, चाट, सलाद, रायता, नींबू पानी और कई तरह के चटपटे खाने में किया जाता है। काला नमक खाने का स्वाद बढ़ा सकता है। कुछ लोग इसे गैस और पेट फूलने जैसी परेशानियों में भी इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में इसके असर को लेकर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसलिए, इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं मानना चाहिए।

सेंधा नमक

सेंधा नमक जमीन के अंदर मौजूद नमक के भंडारों से निकाला जाता है। यह आमतौर पर सफेद, हल्का गुलाबी या दूसरे हल्के रंगों में मिल सकता है। भारत में इसका इस्तेमाल खासतौर पर व्रत के खाने में किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड होता है। इसके अलावा, इसमें पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स बहुत कम मात्रा में होते हैं। ये शरीर में पानी का बैलेंस बनाए रखता है, मसल्स क्रैंप रोकता है और BP को कंट्रोल में रखने में मदद करता है। व्रत में इसी को खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि ये हल्का होता है।

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रोजाना खाने के लिए कौन सा नमक बेस्ट है?

तीनों नमक में सबसे बढ़िया सेंधा नमक है। दरअसल, सेंधा नमक में सोडियम सबसे कम होता है। इसमें 80+ नेचुरल मिनरल्स हैं जो सफेद नमक में नहीं हैं। ये पचने में हल्का है और BP नहीं बढ़ाता है। वहीं, काला नमक रोज के लिए नहीं, बल्कि पाचन की दवा जैसा है। जिसको चाट, रायता, छाछ में कभी-कभी लें। सफेद नमक सिर्फ स्वाद देता है, सेहत खराब करता है, इसलिए इसका सेवन सबसे कम करें।

कोई भी नमक अमृत नहीं है, कम खाना ही अच्छी सेहत का राज है। दिन भर में कुल 1 छोटा चम्मच (5 ग्राम) से ज्यादा नमक न खाएं, चाहे कोई भी हो। अगर आप BP, सूजन या किडनी की समस्या से बचना चाहते हैं तो आज से ही सफेद नमक कम करके सेंधा नमक अपनाएं और काले नमक को सिर्फ स्वाद और पाचन के लिए रखें। अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।