स्वस्थ जीवन के लिए डॉक्टर रोजमर्रा के खाने में चीनी न लेने की सलाह देते हैं, लेकिन लोगों के मीठे की क्रेविंग उन्हें चीनी तक ले आती है। चीनी को कई लोग सफेद जहर भी कहते हैं। चीनी केवल चाय की जरूरत नहीं है बल्कि मिठाइयों में प्रधान तत्व है और साथ में कई बीमारियों की जड़ भी है, जैसे मोटापा, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल। अब सवाल यह है कि चीनी के विकल्प के रूप में शहद और गुड़ के इस्तेमाल से चाय तो मीठी तो हो रही है, लेकिन क्या इन्हें लेने की मात्रा और तरीका दोनों सही है? आइए इस बारे में विस्‍तार से जानते हैं।

आप चाय में गुड़ या शहद तो नहीं डाल रही?

रैनफोर्ट वेलनेस की साइंटिफिक मेंटर डॉक्‍टर शिखा शर्मा कहती हैं कि आजकल भले ही लोग चाय में चीनी के बदले गुड़ या शहद मिलाकर पी रहे हैं, लेकिन उन्हें इसका सही तरीका नहीं पता। 

शहद के गुण

गले में खराश हो या मोटापा कम करने के लिए गर्म नींबू पानी लेना हो, सबसे पहले शहद का ध्यान आता है। शहद को घरेलू नुस्खों का हिस्सा माना जाता है और लोग इसे चाय, गुनगुने पानी या नींबू पानी के साथ लेना पसंद करते हैं। स्‍वाद में मीठा शहद कई गुणों की खान भी है।

  • एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण: शहद में संक्रमण से लड़ने की क्षमता होती है जो बाहरी और अंदरूनी इंफेक्शन से शरीर की रक्षा करती है।
  • खांसी और खराश में राहत: यह गले की खराश और खांसी को कम करने के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है।
  • घाव भरना: इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक गुणों के कारण इसे कटने, जलने या घाव पर लगाने से जल्दी आराम मिलता है।
  • एंटीआक्सीडेंट का स्रोत: शहद में भरपूर मात्रा में एंटीआक्सीडेंट होते हैं जो कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।

गुड़ के फायदे

गुड़ में आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे कुछ मिनरल्‍स पाए जाते हैं। यह शरीर को तुरंत एनर्जी देता है और पाचन में मदद करता है। हालांकि, इसमें शुगर और कैलोरी ज्‍यादा होती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

  • स्वस्थ पाचन: खाना खाने के बाद थोड़ा गुड़ खाने से पाचक रस सक्रिय होते हैं, जिससे खाना आसानी से पचता है और कब्ज से राहत मिलती है।
  • ऊर्जा का संचार: यह शरीर को थकान से बचाकर तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है।
  • बढ़ता है खून: इसमें आयरन भरपूर मात्रा में होता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को सुधारता है।
  • डिटाक्सिफिकेशन: यह लिवर और खून को अंदर से साफ करने में मदद करता है।

ऑर्गेनिक गुड़ ही लेना चाहिए

गुड़ गुणों से भरपूर माना जाता है, लेकिन आजकल जो गुड़ बाजार में मिल रहे हैं उनकी गुणवत्ता पर सवाल खड़े होते हैं। गुड़ में आयरन और मैग्नीशियम होने के कारण इससे हड्डियां मजबूत होती हैं और फेफड़े अच्छे रहते हैं। अगर बाजार में ऑर्गेनिक गुड़ उपलब्ध होता है तो उसे चाय में डालकर पीने से कोई नुकसान नहीं होता।

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अंदरुनी अंगों तक पहुंचता है शहद

आयुर्वेद में शहद के लिए कहा जाता है कि यह शरीर के उन अंगों को साफ करता है जहां दूसरे लाभकारी पदार्थ नहीं पहुंच पाते हैं, लेकिन शहद के साथ एक बात जरूर ध्यान देने की है, इसे कभी भी उबालकर नहीं लेना चाहिए। भले ही पानी हो या चाय, शहद को हल्के गुनगुने तरल पदार्थ में ही मिलाकर लेने की सलाह दी जाती है, वरना इसके सभी पौष्टिक तत्व नष्ट हो जाते हैं। वैसे आजकल बाजार में गुणवत्ता पूर्ण शहद मिलना मुश्किल है। ऐसे में अगर ऑर्गेनिक शहद मिलता है तो उसे केवल हर्बल टी में ही डालकर पीना चाहिए।

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लेखक- सुमन अग्रवाल

Images: magnific