हमारे यहां भारतीय घरों में कई तरह की चीजें खाई जाती हैं। उन्हीं में से एक रायता भी है। घर पर बिरयानी बनी हो या पराठे, पुलाव और मसालेदार सब्जी ही क्यों न हो, रायता मिल जाता है तो खाने का स्वाद दोगुना हो जाता है। कुछ लोग तो ऐसे हैं जिनकी थाली रायते के बिना ताे मानो पूरी ही नहीं होती है। खीरा, बूंदी, लौकी, फ्रूट या मिक्स वेजिटेबल, रायता अब लोग कई तरह से बनाते हैं। आप इसे खाती ताे हैं, लेकिन कभी सोचा है कि इसका नाम रायता ही क्यों पड़ा?
दरअसल, इसके पीछे भी एक दिलचस्प वजह बताई जाती है। बताया जाता है कि किसी भाषा को समझने में हुई एक छोटी-सी गलती की वजह से इसका नाम रायता पड़ गया था। आइए जानते हैं कि इसके पीछे पूरी कहानी क्या है?
'राई का' से शुरू हुई कहानी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रायते का नाम एक दिलचस्प गलतफहमी से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि पुराने समय में दही में राई और मसाले मिलाकर एक डिश तैयार की गई थी। जब इस व्यंजन को कुछ लोगों के सामने सर्व किया गया तो उन्होंने पूछा कि यह क्या है। जवाब में बताया गया कि यह 'राई का' डिश है, यानी ऐसी डिश जिसमें राई का इस्तेमाल किया गया है।
यहीं से कहानी में मोड़ आ गया।
कैसे बना 'राई का' से 'रायता'?
माना जाता है कि जिन्होंने यह शब्द सुना तो वह सही से समझ नहीं पाए। धीरे-धीरे बोलचाल में इसका उच्चारण बदलता गया और इसे रायता कहा जाने लगा। हालांकि समय के साथ इस डिश में राई का इस्तेमाल कम होता गया, लेकिन इसका नाम रायता हर जगह फेमस हो गया।
यह भी पढ़ें- गुरुद्वारे में मिलने वाले हलवे को क्यों कहते हैं कड़ा प्रसाद? जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी
क्या रायता मुगल दौर की देन है?
रायते के नाम से जुड़ी कहानी भले ही मुगल काल से जोड़ी जाती हों, लेकिन दही से बने व्यंजन भारत में बहुत पहले से खाए जाते रहे हैं। साउथ इंडिया में तो दही से बनी चीजें बहुत पुराने समय से खाई जा रही हैं। वहां पचड़ी नाम की एक डिश पहले से बनाई जाती है, जो काफी हद तक हमारे आज के रायते जैसी ही होती है।
यह भी पढ़ें- बिना प्रिजर्वेटिव के हफ्तों तक फ्रेश रहता है बिहारी ठेकुआ, जानिए इसके पीछे की वजह
हर जगह बदल जाता है रायते का स्वाद
रायते की एक और खास बात यह है कि हर राज्य में इसका स्वाद बदल जाता है। जैसे कहीं पर खीरे का रायता पसंद किया जाता है तो कुछ जगहों पर लोग बूंदी का रायता खाना पसंद करते हैं। इसके अलावा और भी कई फ्लेवर में रायता बनाया जाता है। कुछ लोग इसमें भुना जीरा डालते हैं तो कुछ लोग हरी मिर्च और धनिया का इस्तेमाल करते हैं।
यह भी पढ़ें- पंजाबी थाली की शान राजमा, असल में है विदेशी मेहमान; जानें कैसे यह बीन्स बना भारतीयों के दिल की धड़कन?
स्पाइसी खाने का है अच्छा साथी
आपको बता दें कि रायता सिर्फ स्वाद बढ़ाने का काम नहीं करता है बल्कि मसालेदार खाने का स्वाद भी बढ़ा देता है। जब बिरयानी, पुलाव या कोई स्पाइसी डिश हम खाते हैं तो स्वाद ओर भी ज्यादा बढ़ जाता है।
यह भी पढ़ें- मक्के से पॉपकॉर्न बनने की पूरी कहानी क्या है? आसान शब्दों में समझें इसका साइंस
अब तो आप जान ही गई होंगी कि रायते का नाम रायता कैसे पड़ा। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
Cover Image Credit- gemini/freepik
-1784452310488_m.webp)