हमारे यहां भारत में घूमने के लिए एक से एक जगहें मौजूद हैं। हिल स्टेशंस की तो कमी ही नहीं है। ऐसे में अगर आप भीड़भाड़ वाले हिल स्टेशन से दूर किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां सिर्फ सिर्फ पहाड़, हरियाली, बादल और सुकून हो, तो झारखंड का नेतरहराट आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है। इसे झारखंड की रानी भी कहा जाता है। कुछ लोग इसे छोटानागपुर की रानी भी कहते हैं।
यहां आकर आपको ऐसा लगेगा जैसे कि आप किसी अलग ही दुनिया में आ गईं हों। यहां के घने जंगल, पहाड़ी रास्ते और बादलों से ढके पहाड़ इसकी खूबसूरती बढ़ा देते हैं। नेतरहाट सिर्फ एक हिल स्टेशन नहीं, बल्कि नेचर को करीब से महसूस करने की ऐसी जगह है, जहां कुछ दिन अगर आप बिताएंगी तो आपका मन पूरी तरह से तरोताजा हो जाएगा। अभी हाल ही में हमारे एक्स कलीग यहां घूमकर आए हैं। उन्होंने यहां की खूबसूरती के बारे में बताया। आइए इसके बारे में जानते हैं-
आखिर कहां है नेतरहाट?
नेतरहाट झारखंड के लातेहार जिले में स्थित एक खूबसूरत हिल स्टेशन है। यह समुद्र तल से करीब 1100 मीटर यानी लगभग 3622 फीट की ऊंचाई पर बसा हुआ है। ऊंचाई पर होने की वजह से यहां का मौसम सालभर सुहावना रहता है। ऐसे में लोग गर्मियों में राहत पाने के लिए यहां आते हैं
ताे फिर क्यों कहा जाता है इसे पहाड़ों की रानी?
नेतरहाट को यह नाम यहां की नेचुरल ब्यूटी की वजह से मिला है। यहां चारों तरफ घने जंगल, वैली और पहाड़ किसी पोस्टकार्ड जैसे नजर आते हैं। मानसून के समय तो ये पूरा इलाका हरियाली से ढक जाता है। कई बार बादल इतने नीचे आ जाते हैं कि ऐसा लगता है जैसे लोग बादलों के बीच ही रह रहे हों।
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सूर्योदय और सूर्यास्त हैं सबसे बड़ा अट्रैक्शन
नेतरहाट की पहचान यहां के सूर्योदय और सूर्यास्त से भी है। सुबह जब सूरज की पहली किरण पहाड़ों पर पड़ती हैं, तो पूरा इलाका सुनहरे रंग में रंगा हुआ नजर आता है। वहीं शाम के समय सनसेट भी देखने लायक होता है। सनसेट देखने के लिए लोग खास तौर पर मैगनोलिया प्वाइंट जाते हैं, जो नेतरहाट से कुछ ही दूरी पर है। यहां से जो नजारा दिखाई देता है, वो वाकई बहुत ही खूबसूरत है।
घने जंगलों के बीच से गुजरता है रास्ता
अगर आप एडवेंचर लवर हैं तो आपको बता दें कि नेतरहाट पहुंचने का सफर भी किसी एडवेंचर से कम नहीं है। यहां तक पहुंचने के लिए आपको घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच से होकर गुजरना पड़ेगा। रास्ते में कई घुमावदार सड़कें आती हैं। इस दौरान साल, बांस, पलाश, सेमल और कई तरह के पेड़ देखने को मिलेंगे।
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खूबसूरत झरनों से भरा है इलाका
इसके अलावा नेतरहाट के आसपास कई खूबसूरत झरने भी हैं। जो लोग यहां आते हैं, वह अपर घाघरी फॉल्स और लोअर घाघरी फॉल्स जरूर जाते हैं। बारिश के मौसम में इन झरनों की खूबसूरती चार गुना ज्यादा बढ़ जाती है। इसके अलावा बरहा घाघ वॉटरफाल्स भी आप जा सकती हैं।
कोयल व्यू प्वाइंट जरूर देखें
नेतरहाट जो भी कोई आता है, वह कोयल व्यू प्वाइंट जरूर जाता है। यहां से कोयल नदी का सुंदर नजारा देखने को मिलता है। जब आपको पहाड़ों के बीच से बहती नदी दिखेगी तो मन को एक अलग ही सुूकून मिलेगा। अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो यहां जरूर जाना चाहिए।
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कैसे पहुंचें नेतरहाट?
नेतरहाट पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले रांची पहुंचना होगा। रांची से इसकी दूरी करीब 160 किलोमीटर के आसपास है। आप यहां से बस या प्राइवेट टैक्सी से यहां आसानी से पहुंच सकती हैं।
घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
वैसे तो नेतरहाट सालभर घूमने लायक जगह है, लेकिन मानसून और सर्दियों में यहां की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। इस दौरान जबरदस्त हरियाली देखने को मिलती है। साथ ही वॉटरफाल्स की खूबसूरती भी चार गुना बढ़ जाती है।
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तो अगर आप कुछ दिन शोर-शराबे से दूर नेचर के बीच समय बिताना चाहती हैं, तो नेतरहाट आपके लिए एक बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। इसकी खूबसूरती की वजह से ही इसे झारखंड की पहाड़ों की रानी कहा जाता है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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