भारत को विविधता का देश कहा जाता है। यहां घूमने-फिरने से लेकर खाने-पीने तक की कई चीजें फेमस हैं। इसके अलावा यहां के कल्चर और ट्रेडिशन से आकर्षित होकर दुनियाभर के लोग भारत आना पसंद करते हैं। फूड लवर्स के लिए तो भारत किसी जन्नत से कम नहीं है। खानपान का शौक रखने वालों को तो कचौड़ियां खूब पसंद आती हैं। बड़ी सी फूली हुई कचौड़ी, उस पर आलू, मूंग, चना, दही, मीठी और हरी चटनी, ऊपर से सेव और अनार के दाने, ये सब देखते ही मुंह में पानी आ जाता है।
ये राज कचौड़ी भले ही लोगों को खूब पसंद आती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका रिश्ता राजस्थान की पुरानी खानपान परंपरा से जुड़ा हुआ है। इसी कारण ये कचौड़ियों का राजा है। आइए इसके बारे में जानते हैं विस्तार से-
राज कचौड़ी में होती है कई चीजों की फिलिंग
आपको बता दें कि राज कचौड़ी सिर्फ टेस्ट के लिए ही नहीं, बल्कि अपने शेप के वजह से भी खास मानी जाती है। ये दिखती गोलगप्पे जैसी है, लेकिन असल में ये उससे बड़ी होती है। इसके अंदर कई तरह की चीजों की फिलिंग भी की जाती है।
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राजस्थान से जुड़ा है राज कचौड़ी का नाता
ऐसा कहा जाता है कि राज कचौड़ी का इतिहास कई साै सालों से पुराना है। माना जाता है कि राज कचौड़ी की शुरुआत राजस्थान के मारवाड़ क्षेत्र से हुई थी। मारवाड़ियों ने ही कचौड़ा बनाने की शुरुआत की थी। हालांकि, इसको लेकर कोई साक्ष्य नहीं मौजूद हैं। राज कचौड़ी के नाम की बात करें तो ये बहुत ही दिलचस्प है। इसमें राज शब्द का मतलब शाही या राजसी माना जाता है। पुराने समय में राजघरानों और खास मेहमानों के लिए राज कचौड़ी तैयार की जाती थी।
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कैसे बनी साधारण कचौड़ी से अलग?
नॉर्मल कचौड़ी में आमतौर पर मसालेदार भरावन होती है, लेकिन राज कचौड़ी को बिल्कुल अलग तरीके से बनाया जाता है। इसे पहले अच्छी तरह तलकर फुलाया जाता है। इसके बाद ऊपर से हल्का सा तोड़कर इसमें उबले आलू, उबला चना, मूंग या अंकुरित मूंग की फिलिंग की जाती है। इसके बाद इसमें दही, हरी चटनी, इमली की मीठी चटनी, सेव, मसाले और अनार के दाने मिलाए जाते हैं। ऐसे में आपको एक ही प्लेट में मीठा, खट्टा, नमकीन और तीखा स्वाद मिल जाता है।
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अलग-अलग अंदाज में मिलती है राज कचौड़ी
अब तो ये राजस्थान के अलावा दिल्ली, यूपी, गुजरात, मध्य प्रदेश और कई जगहों पर राज कचौड़ी मिलती है। हालांकि, इसे बनाने का तरीका थोड़ा अलग हो सकता है। कहीं इसमें दही डाली जाती है, तो कुछ जगहों पर ज्यादा चटनी या सेव डालकर सर्व किया जाता है।
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तो अगर आप भी राज कचौड़ी का इतिहास नहीं जानती थीं, तो हमने आपको विस्तार से जानकारी दी है। साथ ही अगर आपको ये स्टोरी अच्छी लगी है, तो इसे शेयर जरूर करें। ऐसी ही अन्य स्टोरी पढ़ने के लिए जुड़ी रहें हरजिंदगी से।
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