नॉर्वे में एक ऐसा गांव, जिसका नाम सुनते ही हर कोई सोचने को मजबूर हो जाता है कि इस गांव का नाम है हेल क्यों पड़ा होगा। अपने अनोखे नाम की वजह से लोग इसके नाम के हिसाब से अलग-अलग धारणाएं बनाते हैं। पहली बार हेल नाम पढ़ते ही, कई लोगों को लगता है कि शायद यह कोई खराब जगह होगी, जहां लोगों की जिंदगी मुश्किलों से भरी होगी। हालांकि, यह जगह अपने नाम से बिलकुल अलग है। यह गांव कैसा है और इसका नाम यह क्यों रखा गया, इसके बारे में हम विस्तार से जानकारी देंगे।

हेल नाम कैसे पड़ा?

हिंदी में हेल शब्द का अर्थ नरक माना जाता है, लेकिन नार्वे में इस शब्द का अर्थ कुछ और है। यहां हेल शब्द को अर्थ चट्टानी गुफा या ढलान से है, जो इस जगह को दर्शाती है। यह नार्वे के सबसे खूबसूरत गांव में से एक है, जो अपनी खूबसूरती की वजह से पर्यटकों को आकर्षित करता है। इस गांव में लोग शांति और सुकून के पल बिताने के लिए घूमने आते हैं। पहाड़ी और प्राकृतिक नजारों की वजह से इसका नाम हेल रखा गया, जिसे हिंदी में आप नरक पढ़ते हैं, लेकिन वहां की भाषा के अनुसार इसका अर्थ चट्टान से है।

पहले नार्वे का यह गांव पहाड़ों और चट्टानों से घिरा हुआ था, इसलिए उस समय इस जगह का नाम हेल रखा गया। इस गांव का रेलवे स्टेशन भी लोगों के बीच काफी फेमस है, क्योंकि यहां बोर्ड पर लिखा होता है, आप ‘हेल जा चुके हैं’

कहां स्थित है हेल गांव?

हेल गांव नॉर्वे के ट्रॉन्डेलाग नाम पर स्थित है, जिसे 'मिड-नॉर्वे' के नाम से भी जाना जाता है। यहां आने के लिए सबसे पहले आपको ट्रॉनहैम पहुंचना होगा। यह नॉर्वे का तीसरा सबसे बड़ा शहर माना जाता है। आप यहां पहुंचने के बाद आगे का सफर का प्लान करें। ट्रॉनहैम एयरपो से आप फ्लाइट ले सकती हैं, यहां से आपको वेरनेस तक पहुंचना होगा। वेनरेस से आप हेल के लिए बस कैब या ट्रेन ले सकती हैं। कई यात्री रेलवे स्टेशन उतरकर Hell Station के बोर्ड के साथ फोटो भी लेते हैं।

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हेल गांव के आसपास घूमने की खूबसूरत जगहें

नॉर्वे आ रही हैं, तो आपको ट्रॉनहैम (Trondheim) घूमने जरूर जाना चाहिए। यह सबसे पुराने और खूबसूरत शहरों में से एक है। यह जगह अपने रंग-बिरंगे लकड़ी के घर और ऐतिहासिक इमारतों के लिए जानी जाती है। यहां आप निडारोस कैथेड्रल घूमकर जरूर आएं, इसे नॉर्वे के सबसे खूबसूरत चर्च में से एक माना जाता है। इसके अलावा आप स्थानीय संस्कृति का अनुभव लेने के लिए स्ट्योर्डाल और ट्रॉन्डेलाग का बगीचा भी देखने जरूर जाएं।

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