गोवा का नाम सुनते ही सबसे पहले हमारे मन में समुद्र, बीच, पार्टी और एडवेंचर एक्टिविटीज का ही ख्याल आता है, लेकिन गोवा सिर्फ घूमने-फिरने की जगह नहीं है। यहां कई ऐसे मंदिर भी हैं जिनकी अपनी एक अलग ही पहचान है। ऐसी ही एक खास मंदिर गोवा के मार्सेल में भी है जिसे देवकी कृष्ण रावलनाथ मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यहां विराजमान भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा है।
यहां कान्हा जी अपनी माता देवकी के साथ बाल रूप में विराजमान हैं। इसकी खास बात यह है कि माता देवकी के पैरों के बीच बाल कृष्ण खड़े हुए हैं। भगवान कृष्ण और उनकी माता का यह मंदिर दुनियाभर में इकलौता है। जन्माष्टमी के मौके पर आइए भगवान कृष्ण के इस अनोखे मंदिर के बारे में जानते हैं-
कहां है देवकी कृष्ण रावलनाथ मंदिर?
भगवान कृष्ण और उनकी मां देवकी का यह मंदिर गोवा के मार्सेल में है। यह मंदिर पणजी के कदंबा बस स्टैंड से करीब 17 किलोमीटर की दूरी पर है। इस मंदिर को देवकी कृष्ण रावलनाथ मंदिर के अलावा पिस्सो रावलनाथ के नाम से भी जाना जाता है। यहां भगवान श्रीकृष्ण की उनकी माता देवकी के साथ पूजा जाती है। खास बात तो यह है कि जन्माष्टमी के मौके पर यहां अलग ही रौनक देखने को मिलती है।
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यहां माता देवकी के साथ क्यों विराजते हैं बाल कृष्ण?
भगवान श्रीकृष्ण के मंदिरों में आमतौर पर कृष्ण के अलग-अलग रूपों के दर्शन होते हैं, लेकिन देवकी कृष्ण मंदिर की पहचान ही इस बात से है कि यहां कान्हा अपनी माता देवकी के साथ हैं। गर्भगृह में माता देवकी की मूर्ती के साथ बाल कृष्ण की प्रतिमा भी है। बाल कृष्ण को माता देवकी के पैरों के बीच खड़ी मुद्रा में दिखाया गया है। इन मूर्तियों को काले पत्थर से बनाया गया है।
क्या है देवकी कृष्ण मंदिर का इतिहास?
इस मंदिर का इतिहास भी काफी खास है। देवकी कृष्ण का मूल मंदिर मांडोवी नदी में चोडन यानी चोराओ आईलैंड पर था, लेकिन पुर्तगाली शासन के समय पुराने मंदिर को नष्ट कर दिया गया था। इसके बाद मंदिर को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना पड़ा। 1530 से 1540 ईस्वी के बीच इसे पहले ट्रांसफर किया गया। इसके बाद 1540 से 1567 के बीच इसे मार्सेल में मौजूदा जगह पर लाया गया।
बताया जाता है कि पहले यहां मंदिर का आकार काफी छोटा था। बाद में 1842 में मंदिर का दोबारा निर्माण कराया गया। इसी पुराने इतिहास की वजह से मंदिर का रूप भी दूसरे हिंदू मंदिरों से कुछ अलग दिखाई देता है। बताया जाता है कि इसका स्वरूप सामान्य मंदिरों जैसा न होकर चर्च, मस्जिद या महल जैसा नजर आता है।
गर्भगृह में किन देवी-देवताओं के दर्शन होते हैं?
आपको बता दें कि मंदिर के गर्भगृह में सबसे खास प्रतिमा माता देवकी और बाल कृष्ण की है, लेकिन यहां सिर्फ देवकी और कृष्ण ही नहीं, बल्कि कई दूसरे देवी-देवताओं की भी पूजा होती है। मंदिर में भौमिका देवी, लक्ष्मी रावलनाथ, मल्लिनाथ, कात्यायनी देवी और धाडा शंकर भी विराजमान हैं। इस वजह से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को एक ही जगह पर कई देवी-देवताओं के दर्शन करने का मौका मिलता है।
गोवा जाएं तो इस मंदिर के भी जरूर करें दर्शन
अगर गोवा का नाम सुनकर आपके दिमाग में सिर्फ बीच और समुद्र आते हैं, तो इस मंदिर की जानकारी आपके लिए थोड़ी अलग हो सकती है। गोवा के मार्सेल में मौजूद देवकी कृष्ण रावलनाथ मंदिर अपनी अनोखी प्रतिमा और पुराने इतिहास की वजह से खास है। आप गोवा जब भी जाएं तो यहां जरूर जाएं।
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